Bihar Chunav 2025: मतदाताओं को लुभाने की कौन कर रहा था तैयारी?, शराबबंदी के बावजूद 23.41 करोड़ की शराब बरामद
Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा होते ही राज्य का माहौल चुनावी रंग में रंग गया है, लेकिन इसके साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों ने भी सख्ती बढ़ा दी है। धन-बल, शराब और नशीले पदार्थों के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों पर रोक लगाने के लिए पुलिस, आबकारी, आयकर, सीमा शुल्क और अन्य एजेंसियां 24 घंटे सक्रिय हैं।
इसी कड़ी निगरानी का परिणाम है कि अब तक करोड़ों रुपये मूल्य की वस्तुओं की जब्ती की जा चुकी है, जो चुनाव को निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

शराबबंदी के बावजूद 23.41 करोड़ की शराब बरामद
राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद चुनाव घोषणा के बाद से अब तक 23.41 करोड़ रुपये की अवैध शराब जब्त की गई है। यह आंकड़ा बताता है कि शराब तस्करी अब भी बड़े पैमाने पर सक्रिय है और चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता था।
कुल 64.13 करोड़ की अवैध सामग्री की जब्ती
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 6 अक्टूबर से अब तक नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और अन्य लुभावनी वस्तुओं के रूप में कुल 64.13 करोड़ रुपये की सामग्री जब्त की गई है। इनमें 16.88 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ और मन:प्रभावी दवाएं, 14 करोड़ रुपये की लुभावनी चीजें और 4.19 करोड़ रुपये नकदी शामिल हैं। यह कार्रवाई चुनावी प्रलोभन रोकने की दिशा में अभूतपूर्व मानी जा रही है।
753 लोगों की गिरफ्तारी और वारंटों का निष्पादन
प्रवर्तन एजेंसियों ने सिर्फ सामान जब्त ही नहीं किया, बल्कि अब तक 753 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। साथ ही 13,587 गैर-जमानती वारंटों का निष्पादन किया गया है। ऐसी कड़ी कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि चुनाव के दौरान किसी भी अवैध गतिविधि को सहन नहीं किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग की सख्त निगरानी के निर्देश
चुनाव आयोग ने पहले ही सभी प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश भेज दिए थे कि चुनावों में धन-बल के दुरुपयोग को कड़ाई से रोका जाए। इसी के तहत पुलिस, आबकारी, आयकर, सीमा शुल्क, राजस्व खुफिया विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की संयुक्त टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। उड़न दस्ते, निगरानी दल और वीडियो निगरानी टीम राज्यभर में 24 घंटे सक्रिय हैं और हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
जनता की सुविधा का भी रखा गया ख्याल
निरीक्षण और तलाशी के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई केवल संदिग्ध गतिविधियों पर केंद्रित है ताकि आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
दो चरणों में होंगे चुनाव और तैनात होंगे पर्यवेक्षक
बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। पहले चरण के लिए 121 सामान्य पर्यवेक्षक और 18 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, वहीं दूसरे चरण में 122 सामान्य पर्यवेक्षक और 20 पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे मतदान प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करें और पारदर्शी, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करें।
मतदान केंद्रों का निरीक्षण और नई पहल का पालन
चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षकों को मतदान केंद्रों का दौरा करने और मतदाताओं की सुविधा के लिए लागू की गई नई पहल के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग का लक्ष्य है कि हर मतदाता को सुरक्षित, सहज और पारदर्शी मतदान अनुभव मिले।
नामांकन प्रक्रिया का चरण पूरा होने की ओर
पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 17 अक्टूबर को समाप्त हो चुकी है, जबकि दूसरे चरण के लिए पर्चा भरने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर तय की गई है। नामांकन के साथ ही चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई है। चुनाव की शुरुआत के साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों की ऐतिहासिक स्तर की कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि इस बार किसी भी तरह की अनियमितता, प्रलोभन या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता और सख्त मॉनिटरिंग
करोड़ों की जब्ती, सैकड़ों गिरफ्तारियां और हजारों वारंटों का निष्पादन यह साबित करता है कि आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यदि यही सख्ती जारी रही, तो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पारदर्शिता और सख्त मॉनिटरिंग के नए मानक स्थापित कर सकता है।
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