VK Pandian: कौन हैं पूर्व IAS वीके पांडियन, जिन्हें बताया जा रहा BJD का अगला 'नायक'
Odisha BJD VK Pandian Profile: ओडिशा सरकार के 5टी शासन मॉडल पहल को देशभर में चर्चाओं में लाने वाले और उड़ीसा के पूर्व आईएएस वीके पांडियन ने आज (27 नवंबर) मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की उपस्थिति में बीजेडी ज्वाइन कर ली है।
भारतीय प्रशासिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद पूर्व आईएएस वीके पांडियन अब ओडिशा के 5 बार के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल के साथ राजनीतिक जीवन की शुरूआत करने जा रहे है। ऐसे में जानिए आखिर कौन हैं वीके पांडियन, जिनको पार्टी का अगला नायक तक बताया जा रहा है।

VRS के कुछ घंटों बाद मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा
दरअसल, लंबे वक्त से सीएम नवीन पटनायक के साथ दिखाई दे रहे वीके पांडियन उस वक्त चर्चाओं में आए थे, जब स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के कुछ घंटों बाद ही ओडिशा सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल गया था। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से पहले वीके पांडियन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव के तौर पर कार्यरत थे।
फाइव टी सचिव बने वीके पांडियन
इसके बाद अक्तूबर में उनका इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उनके ओडिशा सरकार की 5टी पहल और नवीन ओडिशा योजना के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया। जानकार बताते हैं कि पटनायक सरकार के हर एक फैसले में वीके पांडियन की बड़ी भूमिका होती थी।
कौन हैं वीके पांडियन?
2000 बैच के आईएएस अधिकारी वीके पांडियन की जड़ें तमिलनाडु से हैं। उन्होंने एक युवा कलेक्टर के तौर पर जमकर ध्यान अपनी तरफ खींचा था। साल 2011 में पांडियन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में शामिल हुए और उस वक्त के बाद से ही सीएम पटनायक के निजी सचिव रहे।
पांडियन ने अपने करियर की शुरुआत 2002 में कालाहांडी जिले के धर्मगढ़ के उप-कलेक्टर के रूप में की थी। 2005 में उन्हें मयूरभंज जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया। इसके बाद 2007 में वो गंजम के कलेक्टर बने। बताया जाता है कि गंजम कलेक्टर होने के दौरान ही वो सीएम पटनायक के करीबी बन गए। मालूम हो कि नवीन पटनायक मूल रूप से गंजम जिले के रहने वाले हैं।
माना जा रहा पटनायक का उत्तराधिकारी
साल 2019 में पांचवीं बार नवीन पटनाटक के मुख्यमंत्री बनने के बाद पांडियन को सरकारी दफ्तरों के मॉडल 5टी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई थी। कहा जाता है कि ओडिशा सरकार की कई योजनाओं के पीछे उन्हीं का दिमाग था। उन्हें ओडिशा में नवीन पटनायक का राइट हैंड समझा जाता है। इतना ही नहीं पांडियन का दबदबा सरकार से लेकर बीजू जनता दल तक रहा है। ऐसे में उन्हें अब पटनायक का उत्तराधिकारी माना जा रहा है।












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