ओडिशा ने 1.46 लाख करोड़ रुपये की 5 बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को दी मंजूरी, 2030 तक स्टील हब बनेगा ओडिशा
ओडिशा को साल 2030 तक भारत का स्टील हब बनाने के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के विजन को साकार करने के उद्देश्य से राज्य के उच्च स्तरीय मंजूरी प्राधिकरण (एचएलसीए) ने मंगलवार को 1,46.172 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी।
भुवनेश्वर, 6 जुलाई। ओडिशा को साल 2030 तक भारत का स्टील हब बनाने के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के विजन को साकार करने के उद्देश्य से राज्य के उच्च स्तरीय मंजूरी प्राधिकरण (एचएलसीए) ने मंगलवार को 1,46.172 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी। ये सभी परियोजनाएं मेटल और मेडल डाउनस्ट्रीम सेक्टर से जुड़ी हुई हैं। वर्तमान में ओडिशा 30 मिट्रिक टन स्टील का उत्पादन करता है। जबकि प्राधिकरण के इस फैसले का उद्देश्य राज्य की स्टील उत्पादन क्षमता को 27.5 मिट्रिक टन या उससे ज्यादा तक ले जाना है। वहीं अगले पांच सालों में स्टील उत्पादन की क्षमता को दोगुना करना है।

कोरोना के बावजूद राज्य में हुआ सर्वाधिक निवेश
ओडिशा में साल 2020-21 में देश के किसी भी राज्य से ज्यादा (2.96 लाख करोड़) निवेश हुआ है। माना जा रहा है कि इन पांच परियोजनाओं से राज्य के 26,959 लोगों को रोजगार मिलेगा।
यह भी पढ़ें: गोरखपुर: कोरोना वार्ड से हटाए गए कर्मियों का सीएम योगी ने लिया संज्ञान, फिर से नियुक्ति मिलने की उम्मीद
26वीं उच्च स्तरीय मंजूरी प्राधिकरण की यह बैठक सीएम नवीन पटनायक की अध्यक्षता में हुई। अतिरिक्त स्टील बनाने की सुविधाओं के साथ, ओडिशा में 2030 तक 100 मीट्रिक टन स्टील का उत्पादन करने की क्षमता होगी। एचएलसीए ने संबलपुर जिले के रेंगाली में स्थापित किए जाने वाले 55,000 करोड़ रुपये के निवेश के मुकाबले भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड के एकीकृत इस्पात संयंत्र के 5 एमएमटीपीए से 15 एमएमटीपीए के विस्तार को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह 10,000 से अधिक व्यक्तियों के लिए रोजगार के संभावित अवसर पैदा करेगा।












Click it and Unblock the Notifications