ओडिशा पंचायत चुनाव: बीजेडी ने तेज की पश्चिमी ओडिशा को साधने की कोशिश
ओडिशा में पंचायत चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावों को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने क्षेत्रीय संगठनों को सक्रिय कर दिया है।
भुवनेश्वर, 20 जुलाई। ओडिशा में पंचायत चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावों को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने क्षेत्रीय संगठनों को सक्रिय कर दिया है। विपक्षी दल भाजपा ने पार्टी कैडर को सक्रिय करने के लिए पिछले एक महीने के दौरान कई आंदोलनकारी कार्यक्रम शुरू किये। सत्तारूढ़ बीजेडी ने भी अब विशेष रूप से पश्चिमी और दक्षिणी ओडिशा में जनता को साधने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहां उसे पंचायत चुनाव के दौरान उसे कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है।

बीजेडी के गेम प्लान का एक हिस्सा पश्चिमी ओडिशा संगठन के प्रमुखों को प्रभारी बनाना लग रहा है जहां भाजपा ने 2019 के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनावों में पार्टी से बेहतर प्रदर्शन किया था। सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री नबा किशोर दास और ग्रामीण विकास मंत्री सुशांत सिंह को पश्चिमी ओडिशा के जिलों का प्रभारी बनाया जा सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे कैबिनेट में बने रहेंगे या नहीं।
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कांग्रेस से बीजेडी में आने से पहले दास का पश्चिमी ओडिशा में अच्छा संगठनात्मक आधार था। इसी तरह, सिंह पिछले कई वर्षों से सत्तारूढ़ दल के संगठनात्मक मामलों में प्रमुख व्यक्ति रहे हैं।
माना जा रहा कि कि वरिष्ठ मंत्रियों को संगठनात्मक कर्तव्यों को सौंपने की कवायद का मकसद क्षेत्र से कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में लाना है। दास और सिंह के अलावा, पद्मनाभ बेहरा और तुकुनी साहू पश्चिमी ओडिशा के जिलों के दो अन्य कैबिनेट मंत्री हैं, जबकि दिब्यशंकर मिश्रा राज्य मंत्री हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में किसी प्रकार के बदलाव की फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गयी है। पिछले सप्ताह नवीन पटनायक ने बीजेडी के वरिष्ठ पर्यवेक्षकों और पंचायत चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक गतिविधियों को फिस से शुरू करने को कहा था।












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