इलाज के लिए अस्पताल आने वाले बच्चों का होगा आरटी-पीसीआर टेस्ट- ओडिशा सरकार
कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार ने बच्चों का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने का निर्णय लिया है।
भुवनेश्वर, 12 अगस्त। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार ने बच्चों का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। ओडिशा सरकार उन सभी बच्चों का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराएगी जो इलाज के लिए अस्पताल आएंगे।

मुख्य सचिव सुरेश महापात्रा की अध्यक्षता में बाल चिकित्सा कोविड देखभाल पर राज्य स्तरीय टास्क फोर्स में लिए गए निर्णय के अनुसार, विभिन्न बाल चिकित्सा इकाइयों में भर्ती होने वाले सभी बच्चों का कोविड-19 के लिए टेस्ट किया जाएगा। वहीं, इसकी प्रभावी निगरानी एवं पर्यवेक्षण के लिए कलेक्टर एवं अन्य सदस्यों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जिसमें सीडीएमओ, जिला विंग के अधिकारी, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ एवं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ शामिल हैं।
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जिला कलेक्टरों को इस मामले पर एक बैठक करने और सभी अस्पतालों में स्वाब कलेक्शन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य निदेशक को विस्तृत रणनीति बनाकर नियमित रूप से निगरानी करने के लिए भी कहा गया है। स्रोत के अनुसार राज्य में 18 साल से कम उम्र के 1.4 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें कोरोना का टीका नहीं लगा है।












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