क्या 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा हार्डकोर हिंदुत्व के एजेंडे के साथ जीतेगी चुनाव? बड़ा सवाल
दिल्ली में बीजेपी संगठन और संघ की समन्वय बैठक में मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें यह तय हुआ कि बीजेपी चुनाव में हार्डकोर हिंदुत्व के एजेंडे के साथ उतरेगी!
भोपाल,29 अप्रैल। मध्य प्रदेश में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत बीजेपी ने गुरुवार को दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ समन्वय बैठक की। सूत्रों के मुताबिक अनुसूचित जाति, जनजाति और कोर वोटरों को लेकर बात की गई। जो पिछले चुनाव में बीजेपी का साथ छोड़ गए थे। अब फिर से उनका दिल कैसे जीता जाए बैठक में इस पर चर्चा की गईl

चुनाव में चलेगा हार्डकोर हिंदुत्व का एजेंडा !
बीजेपी नेताओं से राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति के वोटर्स के बीच काम करने को कहा गया मध्य प्रदेश में यह बीजेपी के परंपरागत वोटर माने जाते थे, लेकिन पिछले चुनाव( 2018) के विधानसभा चुनाव में ये वोटर्स बीजेपी का साथ छोड़ कर चले गए थे। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से भी फीडबैक दिया गया कि किन क्षेत्रों में बीजेपी को ज्यादा काम करने की जरूरत है।
मध्यप्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए भाजपा को हार्डकोर हिंदुत्व के एजेंडे के साथ चुनाव में उतरने के लिए कहा गया। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रदेश भाजपा संगठन की बैठक में तय की गई। करीब पौने 4 घंटे चली इस समन्वय बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रदेश में दंगा और पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश की तरह कड़ी कार्रवाई की जाए।

भ्रष्टाचार से संघ हुआ नाराज
सूत्रों की माने तो संघ ने सरकारी सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार को लेकर भी सख्त नाराजगी जताई। इसे देखकर आशंका जताई जा रही है कि ब्यूरोक्रेसी में कुछ अहम बदलाव हो सकता है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कमजोर परफॉर्मेस वाले मंत्रियों के विभाग बदले जाएं। संघ ने रामनवमी के जुलूस पर हुई घटनाओं पर मिले फीडबैक से भी नाराजगी जताई है।
भाजपा और संघ ये बैठक दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में ना होकर 11 अशोका रोड पर हुई या बांग्ला भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का है। इस बैठक को बीजेपी के नेता रूटीन मीटिंग बता रहे हैं लेकिन इसकी अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार भी मौजूद थे। बता दे अरुण कुमार संघ और बीजेपी के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालते हैं। बैठक में प्रदेश की ट्राइबल सीटों पर विस्तार से चर्चा की गई।

भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों की अब खैर नहीं
1.संघ के नेता की मानें तो सर्वे के आधार पर 4-5 मंत्री जल्द बाहर होंगे व नए चेहरे शामिल होंगे।
2. बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर संघ ने सरकार से कहा कि अफसरों पर लगाम कसो।
3. प्रदेश में पत्थरबाजों और दंगाइयों पर उत्तर प्रदेश के जैसे ही कड़ी कार्रवाई की जाए।
cबैठक में अरुण कुमार ने भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने को लेकर कहा। उन्होंने भ्रष्टाचार के कुछ उदाहरण देकर बताया कि ब्यूरोक्रेसी बेलगाम है। कुछ नेताओं ने भी ऐसे अफसरों की शिकायत की है। ऐसे अफसरों के नाम मांगे गए और उन्हें अगले महीने हटाने के लिए कहा गया।

हर 2 महीने में होगी बीजेपी संगठन और संघ की बैठक
दिल्ली में हुई इस बैठक में तय किया गया कि अब हर 2 महीने में दिल्ली में इस तरह की एक बैठक करनी चाहिए पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार में पारदर्शिता जरूरी है संगठन के विस्तार के साथ-साथ सरकार और संगठन में समन्वय भी जरूरी है। नड्डा ने कहा कि सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाना चाहिए।
बैठक में संघ ने कहा कि कांग्रेस के साथ PFI और भीम आर्मी जैसे संगठन सक्रिय हैं ऐसे में संघ के अनुषांगिक संगठनों में विस्तार के लिए काम करना होगा। इसके साथ भाजपा की नई 8 मंजिला इमारत के निर्माण की सहमति बन गई। इसका काम अगले महीने से शुरू कर दिया जाएगा।

एमपी में बीजेपी के सामने सीएम के चेहरे की दुविधा
एमपी में बीजेपी के सामने दुविधा यह भी है कि चुनाव में किसी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए या नहीं। क्योंकि मौजूदा सीएम शिवराज सिंह चौहान पिछले चुनाव में पार्टी के लिए बहुमत नहीं ला पाए थे बाद में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के कई विधायकों के साथ बीजेपी में आए तब वहां पार्टी की सरकार बनी ऐसे में क्या बीजेपी शिवराज को ही चेहरा रखकर मैदान में उतरेगी या फिर कोई नया चेहरा बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर उतारेगी। पार्टी के भीतर कई दावेदार है। ऐसे में किसी एक के नाम पर सहमति बनाना भारतीय जनता पार्टी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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