Bhopal: मनोज मुंतशिर के भोपाल का नाम बदलने की मांग पर मंत्री सारंग का बड़ा बयान, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

भोपाल के गौरव दिवस कार्यक्रम में गीतकार मनोज मुंतशिर ने हमीदुल्लाह को आतंकवादी बताते हुए भोपाल को राजा भोज की नगरी बताया और नाम बदलकर भोपाल किए जाने की मांग की।

Vishwas Sarangs big statement on Manoj Muntashirs demand to change the name of Bhopal, accuses Congress

BhopalNews: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नाम बदलने की चर्चा एक बार फिर गर्म हो गई है। दरअसल भोपाल गौरव दिवस में शामिल होने आए गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला ने मांग की है कि भोपाल का नाम बदलकर भोज पाल किया जाए। जिसके बाद सियासत में इसे लेकर नेता व मंत्रियों के बयान आना शुरू हो गए।

मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने भोपाल का नाम बदले की मांग पर कहा कि पहली बार भोपाल का नाम बदलने का प्रस्ताव वे खुद लेकर आए थे, लेकिन कांग्रेस ने इस प्रस्ताव को खारिज किया था। उन्होंने कहा कि आगे देखिए सब कुछ ठीक होगा। वहीं मनोज मुंतशिर की मांग पर कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि मनोज मुंतशिर एक गीतकार है। गीत लिखे, नई संसद के लोकार्पण में राष्ट्रपति को नहीं बुलाया क्योंकि वो आदिवासी है। मनोज इस पर गीत लिखे, आदिवासी प्रताड़ना पर गीत लिखे।

पीसी शर्मा ने मनोज मुंतशिर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में हो रहे महिला अत्याचार पर भी मनोज मुंतशिर को गीत लिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंतशिर बीजेपी की नाम बदलने की पॉलिटिक्स में नहीं आए। गीतकार जी आप प्रवक्ता के रूप में बोल रहे हैं। कल बोलोगे मेरा नाम भोजपाल रख दो। तो क्या रख देंगे। महंगाई, भ्रष्टाचार की बात करें। वही विश्वास सारंग के आरोप पर पीसी शर्मा ने कहा कि आपके पिताजी के नाम पर स्टेडियम, रेलवे स्टेशन का नाम हो गया है। अब काम करो, नाम बदलने में मत पढ़ो। महंगाई कम करो, विकास करो।

भोपाल के अंतिम नवाब को बताया आतंकवादी

भोपाल का गौरव दिवस मनाने पहुंचे मनोज मंत्री सीट ने ना केवल भोपाल के नाम बदलने की बात की बल्कि भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खां को आतंकवादी बताकर विवाद खड़ा कर दिया। इसके बाद से बीजेपी के कई नेता नवाब को लेकर बयान दे चुके हैं। उधर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने नवाब से जुड़ी यादों को शहर से हटाने की मांग की है।

बता दे राजधानी भोपाल में नवाबों ने करीब 300 साल शासन किया, जबकि राजा भोज ने 1050 से यहां बड़े तालाब का निर्माण कराया था। 1723 में रानी कमलापति के जल समाधि के बाद भोपाल में नवाब शासन आया था। वही भोपाल के हिस्ट्री फोरम ने मनोज मुंतशिर और किशन सूर्यवंशी के बयान को झूठा करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है।

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