Bhopal: 2 महिला शिक्षकों का सरकारी स्कूल में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल, प्रिंसिपल ने थमाया शोकॉज नोटिस
भोपाल में 2 महिला शिक्षकों का सरकारी स्कूल में नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जहां बच्चों को क्लास रूम से बाहर निकालकर महिला टीचर्स ने नमाज पढ़ी है।

राजधानी भोपाल के सीएम राइजिंग स्कूल में नमाज पढ़ने का मामला सामने आया हैं। जहांगीराबाद स्थित मध्य प्रदेश के पहले मॉडल सीएम राइस रशीदिया स्कूल के क्लास रूम में 2 महिला शिक्षक मंगलवार को दोपहर में नमाज पढ़ते मिले। इन दो टीचर्स ने पहले बच्चों को क्लास से बाहर निकाला, फिर नमाज पढ़ी। ऐसा यहां रोज होता है जबकि, बाकी क्लास में बच्चे पढ़ते मिले। स्कूल के अन्य शिक्षकों ने बताया कि शुक्रवार को यहां बच्चे भी नमाज पढ़ते हैं। इसके बारे में सब जानते हैं,लेकिन कोई कुछ नहीं कहता मामले में जब प्रिंसिपल केडी श्रीवास्तव से कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है ना ही मेरी नजर में कभी ऐसी कोई गतिविधि दिखाई दी। हालांकि प्रिंसिपल ने कुछ देर बाद ही टीचर्स को शोकॉज नोटिस थमा दिया।

शासन से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं
बता दे यह पहला मामला नहीं है जब स्कूल में इस तरह से नमाज पढ़ने का मामला सामने आया है उससे पहले विदिशा रायसेन में भी मामले सामने आ चुके हैं। वैसे तो ऐसी धार्मिक गतिविधियों को लेकर मध्यप्रदेश शासन से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है, लेकिन ड्यूटी के दौरान परिसर या क्लास में किसी भी धर्म की इबादत करना मना है। मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि क्लास में धार्मिक गतिविधि करना कानूनी रूप से गलत है। अगर ऐसा हो रहा है तो हम संज्ञान लेंगे और नोटिस भेजेंगे।

इससे देश की संप्रभुता, अखंडता और धर्मनिरपेक्षता पर पड़ता है प्रभाव
हाई कोर्ट की सीनियर एडवोकेट पंकज दुबे ने बताया कि कोई भी ऐसा कार्य सरकारी भवन या सरकारी संपत्ति पर नहीं करना चाहिए, जो कि किसी एक धर्म विशेष को प्रदर्शित करता हो। ऐसी गतिविधियों को टालना चाहिए। इससे देश की संप्रभुता, अखंडता और धर्मनिरपेक्षता पर प्रभाव पड़ता है, जो संविधान के प्रावधानों के के विपरीत है। यह सामान्य आचरण संहिता के विपरीत है।

रशीदिया स्कूल जहांगीराबाद
वहीं वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों से नेताओं के बयान भी सामने आने लगे हैं। भोपाल संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्र शेखर तिवारी ने कहा कि सीएम राइज रशीदिया स्कूल जहांगीराबाद भोपाल में शिक्षकों द्वारा क्लास रूम में पढ़ी जा रही नवाज का हम विरोध करते है। साथ ही यह चेतावनी दी है कि इन टीचरों को बर्खास्त करना चाहिए। अगर शिक्षा के मंदिर को धर्मस्थल बनाने का प्रयास किया जाएगा तो संस्कृति बचाओ मंच भी सभी स्कूलों में हनुमान चालीसा एवं दुर्गा जी की सामूहिक आरती करेगा। संस्कृति बचाओ मंच ने इस बात का भी विरोध किया है कि नमाज पढ़ते समय टीचर बच्चों को क्लास रूम से बाहर कर करते हैं। इस प्रकार से स्कूलों में अपने धर्म का प्रचार करना उचित नहीं है। एक तरफ एम्स के डायरेक्टर ने शिवरात्रि पर शिव अभिषेक की अनुमति नहीं दी दूसरी तरफ मुस्लिम क्षेत्र के स्कूलों में टीचर खुलेआम नमाज पढ़ रहे हैं और बच्चों को स्कूल से बाहर कर रहे हैं यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

टीचरों के खिलाफ की जाए कार्रवाई
संस्कृति बचाओ मंच ने यह भी कहा है कि रमजान के समय में इन टीचरों को छूट दी जाती है, कर्मचारियों को छूट दी जाती है, लेकिन हमारे नवरात्रि में इस प्रकार का कार्य नहीं होता। हमारी माताएं बहने और पुरुष वर्ग भी नवरात्रि का व्रत रखते हैं। ये छूट की अवधि भी बंद करना चाहिए। जिनको रमजान में रोजा नहीं रखते बनता वे रोजे ना रखें और रखें तो अपने घर में रहे। किंतु सरकार को इनको विशेष छूट नहीं देनी चाहिए। हम सरकार से मांग करते है कि शिक्षा मंत्री और गृह मंत्री इस पर ध्यान दें और इन टीचरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।












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