भोपाल गैस कांड के पीड़ितों को और दिलाया जाएगा मुआवजा : केंद्र सरकार, जानिए अब आगे क्या होगा
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को और ज्यादा मुआवजा दिलाया जाएगा।
भोपाल,12 अक्टूबर। राजधानी के शाहजहानी पार्क में पिछले कई दिनों से गैस कांड की पीड़ित लोग दोबारा मुआवजे मिलने की आस में पार्क के चक्कर लगा रहे हैं। दरअसल केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को और ज्यादा मुआवजा दिलाया जाएगा। सरकार ने कहा कि अमरीका की यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (यूसीसी) का मालिकाना हक हासिल करने वाली कंपनियों से 7844 करोड़ों पर का अतिरिक्त मुआवजा दिलाने के लिए वह अपनी क्यूरेटिव पिटिशन को आगे बढ़ाएगी। न्यायमूर्ति एसके कॉल की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमानी की दलीलों को सुनने के बाद केंद्र को इस संबंध में 8 सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि सरकार भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करें इस संबंध में अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी।

क्या मुआवजा बढ़ाया जाएगा ?
क्यूरेटिव पिटिशन के बाद गैस कांड के पीड़ित आस लगाए बैठे हैं कि उन्हें दोबारा मुआवजा मिलेगा। दरअसल 14 फरवरी 1989 को अदालत ने 470 मिलियन डॉलर यानी 750 करोड़ पर का मुआवजा तय किया था। लेकिन पीड़ित परिवार इससे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि पहले का समझौता मृत्यु चोटो नुकसान की संख्या की गलत धारणाओं पर आधारित था, उसमें बाद के पर्यावरणीय नुकसान को ध्यान में नहीं रखा गया।

मुआवजे के तौर पर एक बार मिले ₹25 हजार
गैस पीड़ितों के साथ काम करने वाले एक्टिविस्ट रचना ढींगरा ने वनइंडिया से बातचीत में बताया कि इस त्रासदी के पीड़ित परिवारों में कई लोग ऐसे हैं जिन्हें मुआवजा के तौर पर एक बार ₹25 हजार मिले,लेकिन इसके बाद कुछ नहीं मिला। उनके पास मदद के लिए और कोई साधन नहीं है, गैस कांड में उनके कमाने वाले गुजर गए। ऐसे लोग केवल मुआवजे पर ही निर्भर हैं।

अतिरिक्त मुआवजे के लिए मांग
बता दे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को क्यूरेटिव पिटिशन पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा था कि अतिरिक्त मुआवजे की मांग करते हुए वे क्यूरेटिव पिटिशन दायर करना चाहती है या नहीं। जिस पर केंद्र सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है कि वह अतिरिक्त मुआवजे के लिए मांग करेगी। जिसका मतलब है कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर आगे सुनवाई करेगा और कंपनी को तलब करेगा। इसके बाद तय किया जाएगा कितना मुआवजा बढ़ाया जाएगा!

गैसकांड में 1 लाख से अधिक लोग सीधे हुए थे प्रभावित
बता दे वर्तमान में यूनियन कार्बाइड कॉर्पोरेशन का स्वामित्व अब डो केमिकल्स के पास है। बता दे 2 और 3 दिसंबर 1984 की आधी रात को यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में जहरीली मिथाइल आइसोसायनाइड गैस का रिसाव होने के बाद 3000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 1 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे।
2006 में दाखिल एक शपथ पत्र में सरकार ने माना कि गैस हिसाब से करीब 558,125 सीधे तौर पर प्रभावित हुए और आंशिक तौर पर प्रभावित होने की संख्या लगभग 38478 थी
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