कुएं में गिरे बाघ का किया गया रेस्क्यू, ग्रामीणों की मौजूदगी से असहज होकर दहाड़ता रहा बाघ

कुएं में गिरे बाघ का किया गया रेस्क्यू।8 घण्टे की मशक्कत के बाद कुएं से बाहर लाया गया बाघ। बिना ट्रेंकुलाइज किये बाघ का रेस्क्यू करना था वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती।ग्रामीणों की मौजूदगी से असहज होकर दहाड़ता रहा बाघ।

छिंदवाड़ा,26 अगस्त। एमपी के छिन्दवाड़ा में चौरई तहसील के हरदुआ माल ग्राम में एक बाघ खेत के कुएं में गिर गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने कुएं से दहाड़ने की आवाज़ सुनी और फिर पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए और फिर ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी जिसके बाद वन,पुलिस और पेंच टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंचे और फिर शुरू हुआ बाघ को कुएं से सकुशल बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन।

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    कुएं में गिरे बाघ का किया गया रेस्क्यू, ग्रामीणों की मौजूदगी से असहज होकर दहाड़ता रहा बाघ
    रेस्क्यू करना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती

    रेस्क्यू करना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती

    दअरसल हरदुआ ग्राम पेंच नेशनल पार्क के बफर जोन से सटा हुआ है इसीलिए ऐसा माना जा रहा है कि ये लगभग डेढ़ वर्षीय बाघ बीती रात में विचरण करते हुए ग्राम की सीमा में आ गया होगा और फिर अंधेरे की वजह से कुएं में गिर गया। कुएं में गिरने के बाद यह बाघ कुएं में हीं बने पानी की मोटर रखने के स्टैंड पर ही बैठा रहा। दोपहर लगभग 11 बजे के बाद से ही रेस्क्यू की रणनीति वन विभाग द्वारा बनाई जाने लगी थी। कुएं में पानी होने की वजह से बाघ को ट्रेंकुलाइज भी नहीं किया जा सकता था ऐसे में बिना ट्रेंकुलाइज किए बाघ का रेस्क्यू करना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती थी।

    मांस रखकर पिंजरे को कुएं में उतारा, फिर बाघ आया अंदर

    मांस रखकर पिंजरे को कुएं में उतारा, फिर बाघ आया अंदर

    वन विभाग द्वारा सबसे पहले कुएं तक क्रेन को पहुंचाने के लिए जेसीबी के माध्यम से रास्ता बनाया गया फिर क्रेन के माध्यम से एक पिंजरे में मांस रखकर उस पिंजरे को कुएं में उतारा गया। पिंजरे में मांस देख जैसे ही बाघ पिंजरे में आया फौरन टीम द्वारा पिंजरे का दरवाजा बंद होते ही पिंजरे को ऊपर खींच लिया गया,पिंजरे में कैद होने के बाद भी बाघ लगातार अपनी दहाड़ से दहशत मचा रहा था। रेस्क्यू किये गए बाघ को अब वन विभाग द्वारा पेंच नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा। कुएं में गिरे बाघ को देखने के लिए आसपास के सैकड़ो ग्रामीण मौके पर आ गए थे जिस कारण भी रेस्क्यू में थोड़ी देर हुई हालांकि बाद में स्थानीय पुलिस की टीम ने व्यवस्थाएं बनबा दी थी.,बाघ के रेस्क्यू के दौरान छिन्दवाड़ा वन वृत्त के उच्चधिकारी सहित पेंच टाइगर रिजर्व के उप संचालक व रेस्क्यू टीम व डॉक्टर्स मौजूद थे।

    क्रेन की मदद से पिंजरा को कुएं में डाला

    क्रेन की मदद से पिंजरा को कुएं में डाला

    कुएं में बाघ के गिरने की सूचना ग्रामीणों ने चौरई रेंज के रेंजर तुलसीराम सनोरिया को दी। इसके बाद वे अमले के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पेंच पार्क की टीम को भी मौके पर बुलाया। इसके बाद क्रेन की मदद से पिंजरा कुएं में डालने की योजना बनाई, जो कारगर साबित हुई। बता दें एमपी में ऐसा पहली बार है जब कुएं में इस तरह से बाग का रेस्क्यू किया गया है। बाघ को पिंजरे के अंदर पहुंचाने के लिए उसके अंदर मांस डाला गया। कुछ देर बाद बाग पिंजरे के अंदर जैसे ही बाघ अंदर पहुंचा तो गेट बंद कर दिया गया और उसे बाहर निकाल लिया गया।

    पेंच नेशनल पार्क में वापस छोड़ा जाएगा

    पेंच नेशनल पार्क में वापस छोड़ा जाएगा

    के के भारद्वाज सीसीएफ वन वृत छिंदवाड़ा ने बताया कि डेढ़ साल का ये बाघ बहुत खुखार था। बिना क्रेन की मदद से उसको पकड़ा नहीं जा सकता था। और कुएं में काफी पानी होने की वजह से इसे पकड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया था। फिलहाल बाघ सुरक्षित है। पूरी टीम ने जमकर मेहनत की इसलिए बाघ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाघ को पेंच नेशनल पार्क में वापस छोड़ दिया जाएगा।

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