मध्य प्रदेश के कामतानाथ मंदिर में मची भगदड़, 12 की मौत
भोपाल। सोमवार की सुबह सोमवती अमवस्या होने के कारण लाखों की तादाद में श्रद्घालु कामता नाथ भगवान के मंदिर के बाहर की पहाड़ी की परिक्रमा कर रहे थे कि तभी बिजली का तार टूटने की अफवाह फैली और भगदड़ मच गई।

सतना के जिलाधिकारी मोहन लाल मीणा ने इस भगदड़ में नौ लोगों के मरने की पुष्टि है। जिसमें छह महिलाएं हैं। वहीं 20 घायलों को सतना जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भेजा गया है। मध्य प्रदेश के सतना जिले में चित्रकूट के कामतनाथ मंदिर में भगदड़ मच गई। भगदड़ मचने से 10 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं। भगदड़ में कई लोग घायल हो गए हैं। घायलों को निकट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कामतानाथ मंदिर की परिक्रमा के दौरान हुई।
आपको बता दें कि कामतनाथ मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है। जिसकी वजह से इसका रास्ता इतना संकरा है कि यदि ज्यादा भीड़ हो जाए ढंग से खड़ा होना भी खतरे से खाली नहीं होता। हैरानी इस बात को लेकर है कि इतनी बड़ी तादाद में भीड़ मंदिर में जुटने वाली है इसकी जानकारी प्रशासन को पहले से ही थी लेकिन प्रशासन की बदइंतजामों की पोल तभी खुल गई जब ऐसी अफवाह से इतना बड़ा हादसा हो गया है।
मुआवजा देने की घोषणा
सरकार मृतकों के परिवार को दो लाख रुपए और घायलोें के परिवार को पचास हजार रुफए देने की घोषणा की है। पर सवाल है कि चुनावों के दौरान ही इस तरह के हादसे क्यों होते हैं और मुआवजे बांटे जाते हैं।
पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था
यह हादसा कोई नया नहीं है, बल्कि सालभर पहले भी प्रदेश के दतिया जिले से लगभग 60 किलोमीटर दूर रतनगढ़ स्थित मंदिर में श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई थी। जिसके बाद सौ से ज्याद लोगों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications