MP News: क्या सच में SIR फॉर्म से BLO की मौत हो रही है, जानिए असलियत क्या है | भोपाल से ग्राउंड रिपोर्ट |
SIR MP news: मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर सोशल मीडिया और कुछ खबरों में दावा किया जा रहा था कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर भारी प्रेशर है, कई BLO की तबीयत खराब हो रही है, कुछ की मौत तक हो गई है, और आम मतदाता को भी अपना नाम जोड़ने-हटाने में भारी परेशानी हो रही है।
लेकिन जब वन इंडिया हिंदी के संवाददाता एलएन मालवीय ने भोपाल के अलग-अलग इलाकों - जहांगीराबाद, बैरागढ़, कोलार, गोविंदपुरा, अरेरा कॉलोनी और गांधीनगर - में जमीनी हकीकत जानी, तो बिल्कुल उल्टी तस्वीर सामने आई। न तो BLO मर रहे हैं, न ही कोई भारी दबाव है। हां, सर्वर डाउन और कम पढ़े-लिखे इलाकों में समझाने में थोड़ी दिक्कत जरूर है, लेकिन BLO और मतदाता दोनों ही इसे आसानी से पूरा कर लेने का भरोसा जता रहे हैं। आइए, भोपाल से सीधी ग्राउंड रिपोर्ट।

जहांगीराबाद गर्ल्स स्कूल: BLO बोले - "प्रेशर जैसा कुछ नहीं, सर्वर डाउन से थोड़ी देर होती है"
जहांगीराबाद के गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में BLO रेखा शर्मा और उनके साथी मतदाता सूची सुधार का काम कर रहे थे। रेखा ने बताया, "मैडम, प्रेशर जैसा कुछ नहीं है। हां, कभी-कभी सर्वर डाउन हो जाता है, फॉर्म सबमिट नहीं होता, तो 10-15 मिनट रुकना पड़ता है। टारगेट है 4 दिसंबर तक पूरा करना, लेकिन हम 30 नवंबर तक ही निपटा लेंगे। प्रशासन थोड़ा सख्ती करता है, लेकिन समझ में भी आता है - काम समय पर होना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "सबसे बड़ी दिक्कत उन इलाकों में है जहां लोग कम पढ़े-लिखे हैं। जैसे बैरागढ़ की कुछ बस्तियों में। वहां लोग फॉर्म भरना नहीं जानते, बार-बार समझाना पड़ता है। फोटो खींचो, आधार लिंक करो, फॉर्म भर के सबमिट करो - ये सब उनके लिए नया है। लेकिन हम घर-घर जा रहे हैं, कोई परेशान नहीं है।"

अरेरा कॉलोनी और कोलार में तो लोग खुद लाइन लगाकर फॉर्म भरवा रहे
अरेरा हिल्स और कोलार जैसे शिक्षित इलाकों में तो लोग खुद BLO के पास पहुंच रहे हैं। कोलार के वार्ड-52 में BLO संजय तिवारी ने बताया, "यहां तो लोग व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज कर रहे हैं - 'मैडम कब आओगे, फॉर्म भरवाना है।' कई लोग तो ऑनलाइन खुद ही भर लेते हैं। हम सिर्फ वेरीफाई करते हैं।"
एक स्थानीय निवासी नीता शर्मा ने कहा, "पहले लगा था परेशानी होगी, लेकिन BLO घर आईं, 5 मिनट में फॉर्म भर गया। आधार से लिंक हो गया। अब वोटर लिस्ट में नाम सही रहेगा।" भाजपा नेता पप्पू घाडगे ने बताया SIR का असली मकसद
- भोपाल दक्षिण-पश्चिम से भाजपा नेता पप्पू विलास राव घाडगे ने SIR की जरूरत समझाई:
- "ये सिर्फ वोटर लिस्ट साफ करने का काम नहीं है। इससे दो बड़े फायदे हैं:
हर भारतीय नागरिक की सही जानकारी दर्ज होगी।
जो लोग घुसपैठ करके फर्जी आधार, फर्जी राशन कार्ड बनाकर वोट डाल रहे हैं, उनकी पहचान होगी और फर्जी वोटिंग रुकेगी। पहले बांग्लादेशी और रोहिंग्या कई जगह फर्जी नाम से वोट डालते थे। अब फॉर्म में आधार, जन्मतिथि, फोटो सब कुछ वेरिफाई हो रहा है। ये देश की सुरक्षा का भी सवाल है।"
अफवाहें कहां से फैलीं?
- कुछ BLO ने व्हाट्सएप ग्रुप में शिकायत की कि टारगेट बहुत है।
- एक-दो जगह सर्वर डाउन होने पर लोगों ने सोशल मीडिया पर लिख दिया कि "BLO मर रहे हैं"।
- विपक्षी नेताओं ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने साफ कहा, "कोई BLO की मौत SIR के काम से नहीं हुई है। ये अफवाह है। हमने सभी BLO को सुविधा दी है - चाय-पानी, बैठने की जगह, इंटरनेट। काम 4 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।"
OR/NA भरवाने से क्या फायदा?
OR (Objection/Removal): अगर कोई मर चुका है, बाहर चला गया है या डुप्लीकेट नाम है तो हट जाएगा।
NA (New Addition): 1 जनवरी 2026 को 18 साल पूरा करने वाले नए वोटर जुड़ जाएंगे।
सुधार: नाम, पता, फोटो, जेंडर में गलती सुधर जाएगी।
BLO रेखा ने कहा, "अगर OR/NA नहीं भरा तो अगले 5 साल तक वोटर लिस्ट में गड़बड़ी रहेगी। फिर लोग कहेंगे - मेरा वोट क्यों कटा?"
प्रेशर नहीं, जागरूकता की जरूरत
भोपाल की ग्राउंड रिपोर्ट साफ कहती है - SIR कोई बोझ नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने का मौका है। BLO पर कोई असामान्य दबाव नहीं है। हां, सर्वर और कम पढ़े-लिखे इलाकों में थोड़ी दिक्कत है, लेकिन वो भी दूर हो रही है। 4 दिसंबर तक मध्य प्रदेश में 90% से ज्यादा काम पूरा हो जाएगा। तो अगर अभी तक आपने SIR फॉर्म नहीं भरा है तो आज ही अपना आधार, फोटो लेकर BLO से मिलिए या voters.eci.gov.in पर खुद भर दीजिए। क्योंकि ये सिर्फ वोटर लिस्ट का मामला नहीं, आपकी नागरिकता और देश की सुरक्षा का भी सवाल है।












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