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Bhopal News: संत रविदास जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अहिरवार समाज ने निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल

MP News: भोपाल के हिन्दी भवन में आयोजित संत रविदास जयंती के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सीएम डॉ मोहन यादव, विधायक भगवानदास सबनानी, मेयर मालती राय, और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम के दौरान, नवयुवक अहिरवार समाज सेवा संघ के अध्यक्ष शोभाराम गन्नोरे ने एक गंभीर मुद्दा उठाया, जो नगर निगम द्वारा किए गए गुमठी उठाने की कार्रवाई से जुड़ा था।

Sant Ravidas jayanti Ahirwar community complained about the corporation to CM Mohan Yadav

मंच पर उठे सवाल, सीएम भी हुए चुप

कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव की मौजूदगी में शोभाराम गन्नोरे ने भोपाल नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा मोचियों की गुमठियां उठाकर ले जाने की समस्या का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि चर्मकार समाज के लोग, जो गुमटी लगाकर मोचियों का व्यवसाय करते हैं, निगम द्वारा अपनी गुमठियां उठाए जाने के कारण बहुत परेशान हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोग अपनी दिहाड़ी से ही अपने बच्चों की फीस भरते हैं और इस प्रकार की कार्रवाई उनके जीवन में मुश्किलें पैदा करती है। गन्नोरे ने कहा कि नगरीय प्रशासन को इन लोगों को स्थायी स्थान देना चाहिए, जैसे कि महाराष्ट्र सरकार ने वहां के व्यापारियों को अस्थायी पट्टे दिए थे।

गन्नोरे की बातों को सुनकर मंच पर मौजूद नेता, जिसमें मेयर मालती राय भी शामिल थीं, सन्न रह गए। इस मामले को उठाने के बाद वे असहज नजर आए, और इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से बचते हुए दिखाई दिए।

न्यू मार्केट से हटाई गईं 60 दुकानें

गन्नोरे ने आगे कहा कि न्यू मार्केट से चर्मकार समाज की 60 दुकानों को तीन बार हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद कई दुकानदार प्राइवेट काम करने लगे, क्योंकि उन्हें अपनी दुकानें फिर से स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिल रहा। इस पर उन्होंने सीएम डॉ मोहन यादव से निवेदन किया कि इस समाज के लिए स्थायी दुकानें और एक समाज भवन बनाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। गन्नोरे ने कहा कि भोपाल में चर्मकार समाज के लिए अभी तक कोई समाज भवन नहीं है, और इसके लिए भूमि आवंटन किया जाना चाहिए।

नगर निगम की कार्रवाई पर गुस्सा और असहमति

इस कार्यक्रम के दौरान उठाए गए सवालों ने नगर निगम की कार्रवाई और राज्य सरकार की नीतियों पर गहरी असहमति जताई। गन्नोरे का कहना था कि विभिन्न समाजों के लिए प्रशासन की तरफ से उचित स्थान और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे इन समाजों के लोग असहाय और लाचार महसूस करते हैं। उनके अनुसार, प्रशासन को इनके लिए स्थायी समाधान खोजने की जरूरत है, ताकि इन्हें व्यापार और जीवन यापन में कोई परेशानी न हो।

समाज के लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता

अहिरवार समाज के अध्यक्ष शोभाराम गन्नोरे का यह बयान इस बात का संकेत है कि प्रशासन और नगर निगम को स्थायी समाधान के बारे में सोचने की जरूरत है। यदि इन्हें सामाजिक स्थान और व्यापार के लिए उपयुक्त स्थल उपलब्ध कराए जाते हैं, तो ये समाज का समग्र विकास संभव हो सकता है। इस संदर्भ में सीएम डॉ मोहन यादव और अन्य नेताओं को कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि यह समाज भी अन्य समाजों की तरह समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित हो सके।

गरीबों की चिंता और सरकार का उद्देश्य

सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि उनका प्रमुख उद्देश्य है कि मध्यप्रदेश के सभी युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीबों की गरीबी को दूर करना है, युवाओं को रोजगार देना है, महिलाओं को सम्मान देना है और किसानों की आमदनी बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है और इस विकास की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

गुमठी से महल तक का वादा

सीएम ने गन्नोरे द्वारा उठाए गए गुमठी हटाने के मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा, "आपने गुमठी की बात की है, हम गुमठी तो देंगे ही देंगे, लेकिन क्यों न हम उसे महल बना दें! महल बनाओ, बढ़िया धूमधाम से रहो और बराबरी से रहो। इस तरह की सुविधाएं आपके समाज को दी जाएंगी।" इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि सीएम छोटे दुकानदारों के लिए स्थायी समाधान देने के पक्ष में हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि ये व्यवसायी सम्मान और समृद्धि के साथ जीने का हक पाएं।

गरीबों को सम्मान, मोदी के नेतृत्व की सराहना

सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि आज मोदी जी के नेतृत्व में गरीब आदमी सम्मान के साथ जी रहा है। वे खुद गरीबी से उबरकर प्रधानमंत्री बने और यह देश के लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के कारण ही यह संभव हो पाया कि एक गरीब से गरीब व्यक्ति भी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बन सकता है।

रविदास समाज के प्रति सम्मान

सीएम ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी एक ऐसे परिवार से आते हैं जहां रविदास समाज के लोग रहते हैं। उज्जैन में उनके घर के आसपास पूरा रविदास समाज बसा हुआ है। उन्होंने रविदास समाज के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस समाज के लिए हमेशा काम करने के लिए तैयार हैं।

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