भोपाल में OBC आरक्षण ‘होल्ड’ पर भड़का आक्रोश: 27% लागू करने की मांग को लेकर विशाल आंदोलन,
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आज सामाजिक न्याय की एकजुट आवाज से गूंज उठी। राष्ट्रीय युवा गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति के नेतृत्व में 13% ओबीसी आरक्षण होल्ड को तत्काल समाप्त कर पूर्ण 27% ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर एक विशाल संयुक्त आंदोलन आयोजित किया गया।
प्रदेशभर से हजारों ओबीसी युवा, अभ्यर्थी और सामाजिक कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। यह आंदोलन गुर्जर समाज, भीम आर्मी, एससी-एसटी-ओबीसी महासभा, DPSS (दलित-पिछड़ा संघर्ष समिति) सहित कई संगठनों का संयुक्त मोर्चा था।

आंदोलनकारियों ने भोपाल के प्रमुख स्थानों से मार्च निकाला और मोहन यादव सरकार पर जमकर बरसे। मुख्य वक्ता दामोदर यादव मंडल (संस्थापक DPSS एवं आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य) ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "यह सिर्फ आरक्षण का मुद्दा नहीं, संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 46 का सीधा उल्लंघन है। 13% होल्ड अभ्यर्थी 6 साल से अधर में लटके हैं। मोहन सरकार की मनुवादी सोच अब बर्दाश्त नहीं होगी। जल्द से जल्द होल्ड खत्म कर न्याय दो, वरना यह लड़ाई जारी रहेगी और ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम हम करेंगे!"
क्या है 13% होल्ड का पूरा मामला?
मध्य प्रदेश में ओबीसी को संवैधानिक रूप से 27% आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन पिछले कई वर्षों से विभिन्न भर्तियों (शिक्षा, नौकरी, प्रमोशन) में 13% पदों को 'होल्ड' (रोक) कर रखा गया है। कारण: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में लंबित याचिकाएं, जहां रोस्टर, जनसंख्या आंकड़े और अन्य मुद्दों पर विवाद है। सरकार भर्ती विज्ञापनों में 27% देती है, लेकिन वास्तव में केवल 14% लागू हो पाता है-बाकी 13% होल्ड पर अटका रहता है।
इससे हजारों ओबीसी अभ्यर्थी प्रभावित हैं-उम्र सीमा पार हो रही है, नौकरियां छूट रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है; हाल ही में सुनवाई टली और अगली तारीख 4 फरवरी 2026 तय हुई। आंदोलनकारियों का आरोप है कि मोहन यादव सरकार जानबूझकर देरी कर रही है-सुप्रीम कोर्ट में वकील नहीं भेजे जा रहे, जिससे कोर्ट ने भी नाराजगी जताई।
आंदोलन में प्रमुख चेहरे और मांगें
आंदोलन में विशेष रूप से उपस्थित रहे:
रविन्द्र भाटी (गुर्जर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव)
दामोदर यादव मंडल (DPSS संस्थापक, आजाद समाज पार्टी राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य)
अनिल गुर्जर (युवा प्रदेश अध्यक्ष, आजाद समाज पार्टी)
मुख्य मांगें:
- 13% होल्ड पदों को तत्काल अनहोल्ड (मुक्त) कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।
- पूर्ण 27% ओबीसी आरक्षण शिक्षा, नौकरी, प्रमोशन में लागू हो।
- सुप्रीम कोर्ट में सरकार मजबूती से पक्ष रखे, देरी न करे।
- ओबीसी आबादी 50% से अधिक होने के बावजूद अन्याय क्यों?
रविन्द्र भाटी ने कहा, "ओबीसी का हक मांग नहीं, अधिकार है। गुर्जर समाज, भीम आर्मी और अन्य संगठन एकजुट हैं। अब और इंतजार नहीं-भोपाल चलो से शुरू हुई यह लड़ाई पूरे प्रदेश में फैलेगी।" दामोदर यादव मंडल ने जोड़ा, "यह सरकार ओबीसी के साथ विश्वासघात कर रही है। संविधान विरोधी ताकतें सक्रिय हैं, लेकिन हम शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ संघर्ष से अपना हक लेंगे।"
राजनीतिक गूंज और आगे क्या?
आंदोलन के दौरान नारे गूंजे-"13% होल्ड खत्म करो, 27% लागू करो!", "ओबीसी एकता जिंदाबाद!", "मनुवाद मुर्दाबाद!"। पुलिस सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन, लेकिन भावनाएं उबाल पर थीं। विपक्षी दल कांग्रेस और अन्य ने समर्थन जताया, आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ओबीसी को आरक्षण देने की मंशा ही नहीं रखती। सीएम मोहन यादव ने पहले सर्वदलीय बैठक में 27% पर सहमति दिखाई थी, लेकिन क्रियान्वयन में देरी से असंतोष बढ़ा है।
आज का आंदोलन सिर्फ शुरुआत है। 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से पहले ओबीसी समाज एकजुट हो रहा है। यदि सरकार नहीं मानी, तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी जा रही है।












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