गांजे की माला लेकर सीएम हाउस क्यों पहुंचे NSUI कार्यकर्ता, प्रतिमा बागरी के भाई की गिरफ्तारी पर भड़की कांग्रेस
मध्य प्रदेश में ड्रग्स के बढ़ते कारोबार और महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई की 50 किलो गांजे के साथ गिरफ्तारी के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। मंगलवार को एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) ने भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की कोशिश की और हाथों में "गांजे की माला" लेकर पहुंच गई।
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई को इतनी बड़ी मात्रा में गांजा रखने के बावजूद सरकार कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया - "उड़ता पंजाब नहीं चलेगा... उड़ता मध्यप्रदेश नहीं चलेगा!"

मुख्यमंत्री जी, ये माला आपके लिए है!
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता दोपहर करीब 1 बजे रोशनपुरा चौराहे से रैली के रूप में निकले। उनके हाथों में गांजे के पौधे की पत्तियों से बनी माला थी। चौकसे ने मीडियाकर्मियों से कहा - "मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई के पास लगभग 50 किलो गांजा बरामद हुआ। फिर भी सरकार चुप है। हम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूछना चाहते हैं - क्या वे मंत्री से इस्तीफा लेंगे? क्या उनके घर भी जेसीबी भेजेंगे? या सिर्फ विपक्षी नेताओं के घर ही जेसीबी चलती है?"
चौकसे ने आगे कहा,"यह साफ हो गया है कि मध्य प्रदेश में ड्रग्स का नेटवर्क सरकारी संरक्षण में चल रहा है। मोहन यादव सरकार की मंशा उड़ते पंजाब की तरह उड़ता मध्य प्रदेश बनाने की है। हम यह माला मुख्यमंत्री को भेंट करने आए थे, ताकि उन्हें याद रहे कि उनके मंत्रिमंडल में बैठे लोग नशे के कारोबार से कैसे जुड़े हैं।"
पुलिस ने रोका, धर-पकड़ शुरू
जैसे ही प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़े, भारी पुलिस बल ने रोशनपुरा से आगे बैरिकेडिंग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और नारेबाजी तेज कर दी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें छोड़ीं।
हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, प्रदेश उपाध्यक्ष vipul साबले, भोपाल महानगर अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी सहित करीब 50 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को जहांगीराबाद, टीटी नगर और शाहजहांनाबाद थाने ले जाया गया। शाम तक अधिकांश कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया, लेकिन प्रमुख पदाधिकारियों पर धारा 151, 107/116 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
एनएसयूआई की चेतावनी - "आंदोलन और तेज होगा"
गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में आशुतोष चौकसे ने कहा - "हम डरने वाले नहीं हैं। अगर सरकार ने मंत्री प्रतिमा बागरी से इस्तीफा नहीं लिया और पूरे ड्रग्स नेटवर्क पर बुलडोजर नहीं चलाया, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल जाएगा। हर जिले में गांजे की माला लेकर हम सीएम हाउस और मंत्रियों के घरों का घेराव करेंगे।"
सियासी घमासान शुरू
कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने ट्वीट किया - "मोहन यादव जी, आपके मंत्री के भाई के पास 50 किलो गांजा। इस्तीफा लीजिए, जांच कराइए। जनता देख रही है कि कानून सिर्फ विपक्ष के लिए है या सत्ता पक्ष के लिए भी?"
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा - "कांग्रेस बौखला गई है। कानून अपना काम कर रहा है। जिस किसी का भी भाई, बेटा या रिश्तेदार गुनहगार होगा, उसे सजा मिलेगी। लेकिन कांग्रेस वाले सिर्फ सियासत करने में लगे हैं।"
फिलहाल पूरा मामला गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी गूंजने की पूरी संभावना है।
(रिपोर्ट: भोपाल से हमारे संवाददाता)












Click it and Unblock the Notifications