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Navratri Bhopal News: भोपाल के अवधपुरी गरबा पंडाल पर 'जिहादियों का आना मना' होर्डिंग से बवाल

MP News Navratri: नवरात्रि का पहला दिन पूरे देश में उत्साह से मनाया जा रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अवधपुरी इलाके में श्री कृष्ण सेवा समिति के गरबा पंडाल के बाहर लगे विवादित होर्डिंग ने माहौल को गरमा दिया है। हिंदू संगठनों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों पर साफ लिखा है - "जिहादियों का आना सख्त मना है, पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी"।

होर्डिंग में जूते-चप्पल और लाठी की तस्वीरें भी छपी हैं, जो देखने वालों को हैरान कर रही हैं। आसपास के लोगों में नाराजगी, समर्थन और डर का मिश्रण दिख रहा है। इसके अलावा, पंडाल के बाहर कुछ युवकों ने अपमानजनक नारे लगाए, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। समिति ने प्रवेश के लिए पांच सख्त नियम भी तय किए हैं।

Navratri Awadhpuri Garba pandal hoardings saying Jihadis not allowed rules by Hindu organisations

नवरात्रि 22 सितंबर 2025 से शुरू हुई है, जो आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को मां दुर्गा की आराधना का पर्व है। भोपाल में सैकड़ों गरबा पंडाल सज चुके हैं, जहां रंग-बिरंगे लाइट्स, संगीत और भक्ति का माहौल है। अवधपुरी भोपाल का एक शांतिपूर्ण इलाका है, जो मध्य शहर में बसा है। यहां श्री कृष्ण सेवा समिति ने एक बड़ा गरबा पंडाल लगाया, जो शाम से रात भर चलता है। समिति के अनुसार, यह पंडाल 500 से ज्यादा लोगों की क्षमता वाला है, जहां महिलाएं-पुरुष गरबा खेलते हैं।

लेकिन उद्घाटन के साथ ही विवाद शुरू हो गया। पंडाल के मुख्य द्वार पर लगे होर्डिंग ने सबका ध्यान खींच लिया। पोस्टर पर हिंदी में लिखा है: "जिहादियों का आना सख्त मना है। पकड़े जाने पर घर वापसी (घर वापसी) कराई जाएगी।" साथ में जूते-चप्पल की तस्वीरें हैं, जो अपमान का प्रतीक मानी जा रही हैं, और लाठी की इमेज जो धमकी जैसी लग रही है। होर्डिंग हिंदू संगठनों द्वारा लगाई गई बताई जा रही है, जो सनातन परंपराओं की रक्षा का दावा करते हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि होर्डिंग रविवार रात लगाई गई, और सोमवार सुबह से ही चर्चा का विषय बन गई।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, "नवरात्रि का पर्व तो सबका है, लेकिन यह होर्डिंग देखकर डर लग रहा है। क्या कोई निर्दोष फंस जाएगा?" वहीं, कुछ समर्थकों ने कहा, "यह सनातन की रक्षा के लिए जरूरी है।"

विवादित नारे और वायरल वीडियो: युवकों का बवाल

होर्डिंग के अलावा, पंडाल के बाहर खड़े कुछ युवकों ने विवाद को और भड़का दिया। उन्होंने अपमानजनक नारे लगाए, जैसे "जिहादी बाहर, सनातनी अंदर" और अन्य धार्मिक टिप्पणियां। इन युवकों के हाथों में लाठी-डंडे थे, और वे पंडाल की सुरक्षा का दावा कर रहे थे। एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक नारे लगाते हुए भीड़ को रोक रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया - ट्विटर (X) पर #BhopalGarbaControversy ट्रेंड कर रहा है।

वीडियो में एक युवक कहता नजर आ रहा है, "यहां केवल सनातनी आएंगे। बाकी बाहर ही रहें।" वायरल होने के बाद कई लोग इसे भड़काऊ बता रहे हैं। कुछ ने पुलिस से शिकायत की है, तो कुछ ने समिति की तारीफ की। लेकिन यह वीडियो इलाके में तनाव बढ़ा रहा है। अवधपुरी थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, लेकिन अब तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है।

पंडाल में प्रवेश के पांच सख्त नियम: समिति का तर्क

श्री कृष्ण सेवा समिति ने गरबा पंडाल में प्रवेश के लिए पांच नियम तय किए हैं, जो होर्डिंग पर ही लिखे हैं। ये नियम सनातन परंपराओं पर आधारित बताए जा रहे हैं। नियम इस प्रकार हैं:

माथे पर तिलक लगाना: हर आने वाले को माथे पर तिलक लगाना होगा, जो हिंदू रीति का प्रतीक है।
हाथों में कलावा बांधना: दाहिने हाथ पर कलावा (मौली) बांधना जरूरी, जो पूजा का हिस्सा है।
आधार कार्ड की जांच: पहचान के लिए आधार कार्ड चेक होगा, ताकि स्थानीय लोग ही आएं।
गंगाजल-गोमूत्र का आचमन: प्रवेश से पहले गंगाजल या गोमूत्र से आचमन (मुंह में जल भरना) करना पड़ेगा, जो शुद्धिकरण का तरीका है।

वराह देवता व मां दुर्गा की तस्वीर को नमन: द्वार पर लगी वराह अवतार (भगवान विष्णु का अवतार) और मां दुर्गा की फोटो को प्रणाम करना अनिवार्य।

समिति के अध्यक्ष गोपाल तोमर ने इन नियमों का बचाव किया। उन्होंने कहा, "जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं, मां-बहनों का सम्मान करते हैं, देवी को देवी मानते हैं, उनका स्वागत है। परंपराओं का अपमान करने वालों को रोकने के लिए यह नियम बनाए गए हैं।" तोमर ने आगे कहा, "पंडाल के बाहर युवकों को लाठी-डंडों के साथ खड़ा देखा गया। जो हमारी मां बहनों को अपनी मां बहन की तरह पूजे, माने और देवी को देवी माने उसकी यहां एंट्री है। जो गंगाजल पीता है, जो कलावा बांधता है, जो तिलक लगाता है, जो वराह देवता को प्रणाम कर सकता है, उन सभी का सनातन में स्वागत है। ऐसा नहीं होने पर आप अगर पकड़े जाते हैं तो आपको हम सनातन वापस लाएंगे और नहीं आते हैं तो आप ने यह देखा है जूते चप्पल लठ सबसे उनका स्वागत किया जाएगा।"

तोमर का यह बयान सोशल मीडिया पर और वायरल हो गया। समिति का दावा है कि ये नियम पंडाल की शांति के लिए हैं, लेकिन आलोचक इसे धार्मिक विभाजन बता रहे हैं।

समर्थन और विरोध की लहर

इस घटना पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। हिंदू संगठनों ने समिति का समर्थन किया, कहा कि "गरबा सनातन पर्व है, इसमें बाहरी हस्तक्षेप नहीं।" विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्थानीय नेता ने कहा, "घर वापसी अभियान जरूरी है, ताकि सनातन की रक्षा हो।" वहीं, विपक्षी दलों ने निंदा की। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने ट्वीट किया, "नवरात्रि सबका पर्व है, नफरत फैलाना गलत।" मुस्लिम संगठनों ने कहा कि यह भड़काऊ है, और शांति बनाए रखने की अपील की।

सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है। एक यूजर ने लिखा, "यह तो धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है।" दूसरे ने कहा, "सनातन की रक्षा ही धर्म है।" पुलिस ने कहा कि वे निगरानी रख रही है, और कोई हिंसा नहीं होने देंगे। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र ने हाल ही में नवरात्रि के लिए बैठक बुलाई थी, जहां शांति पर जोर दिया गया।

गरबा विवादों का सिलसिला

यह पहला मामला नहीं है। 2024 में इंदौर के गणेश नगर में एक मुस्लिम व्यक्ति के गरबा आयोजन में शामिल होने पर विवाद हुआ, और कार्यक्रम रद्द हो गया। फिरोज खान ने कहा था, "मैं 36 साल से गरबा में सेवा करता हूं, लेकिन अब कदम नहीं रखूंगा।" गुजरात में भी गरबा में 'सुरक्षित स्पेस' के नाम पर नियम बने, जो कोर्ट में पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में कहा था कि गरबा सार्वजनिक स्थान है, किसी को प्रवेश से रोकना गलत। लेकिन स्थानीय स्तर पर विवाद जारी हैं।

मध्य प्रदेश में नवरात्रि पर गरबा लोकप्रिय है, लेकिन धार्मिक तनाव बढ़ रहा है। एनसीआरबी डेटा के अनुसार, 2024 में धार्मिक विवादों के 1,000+ केस दर्ज हुए।

समाज पर असर: सबक और सावधानियां

यह घटना नवरात्रि की भक्ति में नफरत का साया डाल रही है। सबक यह है कि पर्व सबके हैं, लेकिन नियम बनाने से पहले संविधान का ध्यान रखें। सावधानियां:

  • आयोजकों के लिए: नियम बनाएं, लेकिन समावेशी रखें। पुलिस अनुमति लें।
  • भक्तों के लिए: विवाद से दूर रहें, शांति बनाए रखें।
  • पुलिस के लिए: वायरल वीडियो पर तुरंत एक्शन लें, ताकि तनाव न फैले।

अवधपुरी में अब तनाव है, लेकिन उम्मीद है कि भक्ति जीतेगी। समिति को सलाह: होर्डिंग हटाएं, सबको आमंत्रित करें। नवरात्रि की शुभकामनाएं!

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