गरीबों के जर्जर मकानों को तोड़ने पहुंचा नगर निगम, जनता क्वार्टर में इंटरनेशनल हॉकी खिलाड़ी का घर भी शामिल
भोपाल में ऐशबाग स्थित जर्जर जनता क्वार्टर को तोड़ने के लिए प्रशासन का अमला पहुंच गया है। हालांकि रहवासी मौके पर प्रदर्शन करते हुए कॉलोनी की सड़कों पर आ गए। रहवासियों ने मांग की है कि मकान तोड़ना है तो तोड़ दे, परंतु उन्ह
भोपाल 30 अगस्त। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ऐशबाग स्थित जर्जर जनता क्वार्टर को तोड़ने के लिए प्रशासन का अमला पहुंच गया है। हालांकि रहवासी मौके पर प्रदर्शन करते हुए कॉलोनी की सड़कों पर आ गए। रहवासियों ने मांग की है कि मकान तोड़ना है तो तोड़ दे, परंतु उन्हें दूसरी जगह पर रहने का ठिकाना दिया जाए। बताया जा रहा है कि ये मकान 1986 में बनाए गए थे और इन 600मकानों में करीब 3 हजार लोग रह रहे हैं। वहीं इन क्वार्टरों के बीच से एक इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर भी रहता है। मकान पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं और पूर्व से ही यहां के रहवासियों को अल्टीमेटम दिया जा रहा था। मीडिया में खबर आने के बाद जनता क्वार्टर तोड़ने की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया।

वहीं रहवासियों का कहना है कि हमें बेघर किया जा रहा है इस बरसात में और हमें मकान की जगह मकान चाहिए। नगर निगम पुलिस समेत तमाम विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया है और रहवासियों से बातचीत की जा रही है। रहवासियों ने विरोध जताते हुए दीवारों पर घर के बदले घर लिख दिया है और लगातार हंगामा करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं कांग्रेस नेता आसिफ जकी ने कहा कि नियम के अनुसार या मकान तोड़े नहीं जा सकते 15 जून और 30 सितंबर के बीच मकान तोड़े नहीं जा सकते और यहां की जनता को विस्थापन के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यदि इस तरह से मकान तोड़ेंगे तो हम उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे।
वहीं अब प्रशासन के अमले हाथ पीछे खींच लिया है और तोड़ने की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है वहीं जनता ने उग्र प्रदर्शन किया था नगर निगम के अतिक्रमण अधिकारी और अमला रवाना हो गया है।
बता दे भारत में कल 29 अगस्त का दिन यानी हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्मदिवस, पूर देशभर में नेशनल स्पोर्ट्स डे के रूप में मनाया जाता है और इस मौके पर हॉकी खिलाड़ियों का सम्मान भी किया जाता है, लेकिन भोपाल शहर के हॉकी के ऐतिहासिक स्टेडियम ऐशबाग से महज 500 मीटर की दूरी पर रहने वाले दो गरीब युवा खिलाड़ियों को हाउसिंग बोर्ड ने उनके घर तोड़ने के नोटिस थमा दिए।
सौरभ पसीने एशियन स्कूल हॉकी चैंपियनशिप की गोल्ड मेडल्स टीम का हिस्सा है। यह मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के प्लेयर भी हैं और वे ऐशबाग के जनता क्वार्टर नंबर 28 में रहते हैं। सौरभ के मां-बाप दोनों का निधन चुका है। और अभी कुछ समय पहले उनकी बहन भी गुजर गई। अब वे बस अकेले बचे हैं। लेकिन हाउसिंग बोर्ड के नोटिस ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी।
वही दूसरे खिलाड़ी मोहम्मद आसिम ऐशबाग में जनता क्वार्टर में रहते हैं पिता मोहम्मद इकबाल का पैरालिसिस के कारण बहुत पहले निधन हो गया था वे सुबह शाम हॉकी की प्रैक्टिस करते हैं। जबकि दिन में मजदूरी के लिए जाते हैं। उन्होंने इसी तरह मेहनत करके भोपाल के लिए दो नेशनल खिले हैं असीम का कहना है कि अपने स्पोर्ट्स केरियर के साथ-साथ मां की देखभाल भी करना है और घर भी चलाना है। ऐसे में अगर बेघर हो गए तो क्या होगा।












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