MP News: बारिश संग ओलों ने फेरा फसलों पर पानी, गुना में 9.3 मिली वर्षा दर्ज, 20 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार से तीन सिस्टम सक्रिय थे। एक तो पश्चिमी विक्षोभ, दूसरा उससे प्रेरित चक्रवात, जो राजस्थान के ऊपर सक्रिय था। तीसरा सिस्टम विदर्भ, छत्तीसगढ़ इलाके में बनी ट्रफ लाइन।

एमपी के अलग-अलग जिलों में मौसम में तेजी से बदलाव आया है। ज्यादातर जिलों में तेज हवाएं और बारिश हुई है। जिससे मौसम में ठंडक आ गई है। लेकिन इससे ज्यादातर जिलों में किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। क्योंकि मौसम में आए इस बदलाव से उनकी कटी हुई फसल को नुकसान होने की आशंका बढ़ा दी है। एमपी में पिछले 2 दिनों में सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में दर्ज की गई है। यहां कुल 9.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई है। हर जिले में प्रशासन फसलों को हुए नुकसान का मुआयना कर रहा है।
भारी वर्षा और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गुना के 1 दर्जन से अधिक गांव ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं। पगारा, रांझाई, हनोतिया, भदौरा, धमनार, उकावद, कुंडौल, पडरिया, महुखान, खुटियावाड़ में ओलावृष्टि से धनिया और सरसों को नुकसान हुआ है। उधर, तेज हवाओं ने गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। कृषि विभाग और राजस्व के द्वारा संयुक्त सर्वे भी कराया जा रहा है। बमोरी क्षेत्र में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल किसानों ने नुकसान की शिकायत नहीं की है, लेकिन आने वाले दिनों में फसल नुकसान होने की समस्या देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को 3 सिस्टम सक्रिय रहे। पहला पश्चिमी विक्षोभ, दूसरा इससे प्रेरित चक्रवात और तीसरा सिस्टम टर्फ लाइन विदर्भ छत्तीसगढ़ एरिया के ऊपर बना। इसी वजह बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आई है और इससे बनने वाले बादल पहले राजस्थान, फिर पश्चिमी एमपी होते हुए गुना पहुंचते हैं। 6 मार्च को भी मौसम ऐसा ही रह सकता है। गुना में 2015 में 18 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी, लेकिन रविवार की बारिश ने गुना का मार्च माह का कोटा पूरा कर दिया। इस माह में पहली बार बारिश का आंकड़ा 1 सेंटीमीटर से अधिक हुई है।
प्रदेश के इन 20 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार एमपी के इन 20 जिलों में वर्षा होने की संभावना है. इनमें भोपाल, रायसेन, खंडवा, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, बड़वानी, बुरहानपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जिले शामिल हैं। इसके कारण दिन और रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है।












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