जीतू पटवारी के भाइयों पर FIR को लेकर कांग्रेस का हंगामा, उमंग सिंघार ने ADG को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग
MP news: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है। इंदौर के तेजाजी नगर थाने में दर्ज एक कथित पक्षपातपूर्ण एफआईआर को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है।
इस एफआईआर के विरोध में आज कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय पहुँचकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) को ज्ञापन सौंपा और इस मामले की निष्पक्ष, निष्कलंक और उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

यह मामला उस एफआईआर से जुड़ा है, जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई भारत पटवारी और नाना पटवारी के खिलाफ दर्ज की गई है। कांग्रेस का आरोप है कि यह एफआईआर राजनीतिक द्वेष के चलते दर्ज की गई है, जबकि वास्तविक तथ्य कुछ और हैं।
FIR में नाम विपक्षी नेताओं के परिजनों का, लेकिन जमीन से जुड़ा है मुख्यमंत्री के भाई का नाम: सिंघार
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
"यह एफआईआर भाजपा सरकार की राजनीतिक दुर्भावना को दर्शाती है। जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनका उस जमीन से कोई संबंध नहीं है। बल्कि, उस ट्रस्ट की जमीन पर लगे बोर्ड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भाई का नाम दर्ज है। फिर सवाल उठता है कि विपक्ष के नेताओं को निशाना क्यों बनाया जा रहा है? यह तानाशाही नहीं तो और क्या है?"
सिंघार ने आगे कहा कि कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हर मंच पर आवाज उठाई जाएगी।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
- विधायक आरिफ मसूद
- कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक
- एआईसीसी सचिव कुणाल चौधरी
- चुनाव आयोग प्रभारी जेपी धनोपिया
- कई अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी

"सड़क से सदन तक लड़ा जाएगा यह संघर्ष" - मुकेश नायक
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने एफआईआर को "राजनीतिक षड्यंत्र" करार देते हुए कहा: "जिस भूमि को लेकर विवाद खड़ा किया गया है, वह यादव महासभा की है, और उस पर स्पष्ट रूप से मुख्यमंत्री मोहन यादव के भाई का नाम अंकित है। इसके बावजूद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के भाइयों पर झूठे मामले दर्ज कर दिए गए। यह सत्ता के दुरुपयोग का घिनौना उदाहरण है। कांग्रेस इस षड्यंत्र के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।"
MP news: भाजपा पर आरोप, प्रशासन पर सवाल
कांग्रेस द्वारा उठाए गए इस मुद्दे ने प्रशासन की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने ADG को सौंपे गए ज्ञापन में यह मांग की कि इस मामले में एफआईआर की कानूनी समीक्षा हो, और यदि आवश्यक हो तो कोर्ट मॉनिटरिंग के तहत जांच कराई जाए, ताकि किसी निर्दोष को राजनीतिक कारणों से निशाना न बनाया जाए।












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