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MP News: आनंदपुर धाम का काला सच, क्या वायरल वीडियो के पीछे गुरु गद्दी की खूनी जंग, जानिए पूरी कहानी

MP News: मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले में बसा श्री आनंदपुर धाम आश्रम - वो पवित्र जगह जहां कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मत्था टेका था, जहां लाखों श्रद्धालु आकर मन को शांति की तलाश करते हैं - आज उस आश्रम के अंदर की हकीकत सोशल मीडिया पर वायरल अश्लील वीडियो और ऑडियो क्लिप्स ने सबके सामने ला दी है।

बाहर से दिखता है तो अद्वैत मत का वैश्विक केंद्र, लेकिन अंदर चल रही है सत्ता और वर्चस्व की ऐसी क्रूर लड़ाई कि एक-दूसरे को बदनाम करने के लिए सेक्स स्कैंडल तक का सहारा लिया जा रहा है। वन इंडिया हिंदी की यह ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट आपको ले जाएगी उस रहस्यमयी दुनिया में, जहां गुरु गद्दी के लिए हो रही जंग ने आश्रम को रणक्षेत्र बना दिया है।

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गुरु गद्दी की जंग: पर्ची का रहस्य जो बना मौत का खेल

आनंदपुर धाम कोई साधारण आश्रम नहीं है। यह अद्वैत मत का विश्व मुख्यालय है। भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन तक में इसकी 1300 से ज्यादा शाखाएं हैं। अरबों रुपए की संपत्ति, हजारों बीघा जमीन, अनगिनत चढ़ावा और लाखों अनुयायियों का साम्राज्य - सब कुछ एक ही गद्दी के इर्द-गिर्द घूमता है।

सूत्रों के अनुसार वर्तमान में इस गद्दी पर 94 वर्षीय स्वामी विचार पूर्ण आनंद महाराज विराजमान हैं - छठवें पादशाही। उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। आश्रम की सदियों पुरानी परंपरा है कि मौजूदा गुरु अपने जीवनकाल में ही एक गोपनीय पर्ची पर अपने उत्तराधिकारी का नाम लिखकर सील कर देते हैं। यह पर्ची उनके महासमाधि के बाद ही खोली जाती है। बस यही पर्ची आज पूरी लड़ाई की जड़ है!

किसी को नहीं पता कि पर्ची में किसका नाम है। इसलिए गद्दी के दावेदार एक-दूसरे को खत्म करने पर तुले हैं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। कोई किसी को चरित्रहीन साबित कर रहा है, तो कोई संपत्ति हड़पने का इल्जाम लगा रहा है। और हथियार बने हैं - आपत्तिजनक सेक्स वीडियो और ऑडियो क्लिप्स! आश्रम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ये वीडियो जानबूझकर वायरल कराए जा रहे हैं ताकि विरोधी गुट के लोग गुरु की नजरों से गिर जाएं और आखिरी पल में उनका पलड़ा भारी न रहे।

चाट का ठेला लगाने वाला बना गुरु का सबसे करीबी, फिर हुआ कुछ ऐसा कि...

इस पूरी जंग का सबसे ड्रामेटिक चेहरा है सुरेंद्र महात्मा। उनकी कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं लगती।हरियाणा के सिरसा में कभी चाट-पकौड़े का ठेला लगाने वाले सुरेंद्र साल 2015 में गुरु विचार पूर्ण आनंद महाराज का आशीर्वाद लेने आनंदपुर धाम पहुंचे। बस यहीं आकर रुक गए। शादीशुदा और दो बच्चों के पिता होने के बावजूद उन्हें परिवार सहित आश्रम में रहने की विशेष अनुमति मिल गई - जो बहुत कम लोगों को मिलती है।

देखते-देखते सुरेंद्र गुरु महाराज के सबसे विश्वस्त सेवादार बन गए। उनका रुतबा इतना बढ़ा कि अप्रैल 2023 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आनंदपुर धाम आए, तो अगवानी करने वालों में सुरेंद्र सबसे आगे खड़े थे। पीएम के साथ फोटो, गुरु के सबसे करीब - सब कुछ था। लेकिन यहीं से उनकी उल्टी गिनती शुरू हो गई।

आश्रम के दूसरे गुट को उनका बढ़ता कद खटकने लगा। आरोप लगे कि सुरेंद्र ने गुरु से नजदीकी का फायदा उठाकर ट्रस्ट में अनलिमिटेड पावर हथिया ली। अपने रिश्तेदारों को गोशाला और अन्य डिपार्टमेंट में ऊंचे पद दे दिए। एक लग्जरी गाड़ी खरीद ली। ट्रस्ट की जमीनों पर कब्जे के भी इल्जाम लगे।

फिर अचानक अक्टूबर 2023 में तख्तापलट जैसा हुआ - सुरेंद्र महात्मा, उनके करीबी प्रीतम भगत और करीब 25 सेवकों को आश्रम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। निष्कासन!

जब वन इंडिया हिंदी ने सुरेंद्र महात्मा से संपर्क किया तो उन्होंने शांत स्वर में सभी आरोप खारिज कर दिए। उन्होंने कहा, "मैं गुरु की आज्ञा से ही धाम में आया था और गुरु की आज्ञा से ही अलग हो गया। मेरे खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। मुझे और कुछ नहीं कहना।"

लेकिन सूत्र बताते हैं कि सुरेंद्र के निष्कासन के बाद से ही वायरल वीडियो की बाढ़ आई है। क्या ये बदले की आग है? या गद्दी की जंग का अगला दौर?

अरबों का साम्राज्य, लेकिन अंदर खून की होली!

आश्रम के अंदर दो मुख्य गुट बताए जा रहे हैं। एक गुट पुराने वरिष्ठ महात्माओं का, जिनमें विनोद महात्मा जैसे नाम शामिल हैं। दूसरा गुट नए चेहरों का, जिन्हें बाहर से लाकर ताकत दी गई थी। दोनों गुट एक-दूसरे पर अश्लील वीडियो लीक करने का आरोप लगा रहे हैं।

सूत्रों का दावा है कि कुछ वीडियो तो आश्रम के अंदर ही बनाए गए हैं। महिलाओं को फंसाकर, सेवादारों को हनीट्रैप में डालकर। मकसद एक ही - विरोधी को इतना बदनाम कर दो कि गुरु महाराज की पर्ची में उसका नाम आने की संभावना ही खत्म हो जाए।

हाल ही में कांग्रेस ने भी इस मामले को उठाया। एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि आश्रम में सेक्स रैकेट चल रहा है, IAS अधिकारी काला धन सफेद कर रहे हैं, आदिवासियों की जमीन हड़पी जा रही है। लेकिन सरकार खामोश है।

आखिर कब रुकेगी ये गंदी राजनीति?

94 साल के विचार पूर्ण आनंद महाराज की सेहत दिन-ब-दिन बिगड़ रही है। लाखों अनुयायी दुआ कर रहे हैं कि गुरु जी स्वस्थ हों, लेकिन आश्रम के अंदर चल रही यह साजिश उनकी आंखों के सामने हो रही है। प्रश्न यह है कि आध्यात्म की इस पवित्र भूमि पर संपत्ति और सत्ता की भूख कब तक निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद करती रहेगी? क्या वक्त आ गया है कि ट्रस्ट की पूरी जांच हो, सीबीआई या कोई स्वतंत्र एजेंसी इस गोरखधंधे की तह तक जाए?

आनंदपुर धाम की यह काली सच्चाई हमें सोचने पर मजबूर करती है - जहां बाहर भक्ति का बोलबाला है, वहां अंदर क्या चल रहा है? आप क्या सोचते हैं? क्या यह सिर्फ गद्दी की लड़ाई है या कुछ और बड़ा खेल? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। और इस रिपोर्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सच सबके सामने आए।

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