Bhopal News: कांग्रेस का ‘संगठन सृजन’ बना ‘संघर्ष सृजन’: साजिद अली और आरिफ मसूद समर्थकों में मारपीट
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' की बैठक मंगलवार को विवाद और मारपीट का अखाड़ा बन गई। मध्य विधानसभा के ब्लॉकों की बैठक के दौरान 9 मसाला रेस्टोरेंट में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और वरिष्ठ नेता सैयद साजिद अली के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई।
गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुंचा यह विवाद भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष की दावेदारी को लेकर उपजा, जिसने पार्टी के आंतरिक कलह को एक बार फिर उजागर कर दिया। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे कांग्रेस की किरकिरी हुई और बीजेपी को बैठे-बिठाए हमला बोलने का मौका मिल गया। आखिर क्या था इस विवाद का कारण, और कैसे एक संगठनात्मक बैठक हिंसक झड़प में बदल गई? आइए, इस रोचक और सियासी ड्रामे को विस्तार से जानते हैं।

संगठन सृजन अभियान: नई शुरुआत या पुराना तनाव?
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में अपनी संगठनात्मक ताकत को फिर से मजबूत करने के लिए 'संगठन सृजन अभियान' की शुरुआत 3 जून 2025 को भोपाल में की थी, जिसका उद्घाटन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने किया। इस अभियान का मकसद बूथ स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक पार्टी को पुनर्जनन करना, समर्पित कार्यकर्ताओं को बढ़ावा देना, और 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए संगठन को तैयार करना है। भोपाल में 17 जून को मध्य विधानसभा के ब्लॉकों की बैठक 9 मसाला रेस्टोरेंट में आयोजित की गई थी, जिसमें भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए रायशुमारी होनी थी।
बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की पर्यवेक्षक यशोमती ठाकुर, विधायक महेश परमार, दिलीप सिंह गुर्जर, और भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना मौजूद थे। लेकिन, यह संगठनात्मक चर्चा जल्द ही गुटबाजी और हिंसा में बदल गई, जब सैयद साजिद अली अपने समर्थकों के साथ बैठक में पहुंचे।

विवाद का केंद्र: साजिद अली vs आरिफ मसूद
सैयद साजिद अली, जो भोपाल में एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व में भोपाल मध्य से टिकट के दावेदार रह चुके हैं, ने जिला अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। उनकी इस दावेदारी ने विधायक आरिफ मसूद के खेमे में खलबली मचा दी। मसूद, भोपाल मध्य से मौजूदा विधायक और कांग्रेस के प्रभावशाली मुस्लिम चेहरों में से एक, इस क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। दोनों नेताओं के बीच पहले भी टिकट और प्रभाव को लेकर तनातनी रही है, और यह विवाद उस पुरानी रंजिश का नया अध्याय बन गया।
साजिद अली ने वन इंडिया को फोन पर बताया, "मैंने भोपाल जिला अध्यक्ष के लिए दावेदारी की है। 17 जून की बैठक में शामिल होने गया था, लेकिन आरिफ मसूद ने मुझसे कहा, 'तुम यहां क्यों आए हो?' मैंने जवाब दिया कि मैं भी अध्यक्ष पद के लिए दावेदार हूं। इस पर मसूद ने कहा, 'कुछ हो जाएगा तो फिर क्या होगा?' मैंने कहा, 'ऐसे कैसे हो जाएगा? मैं तो दावेदारी करने आया हूं।' इसके बाद उनके समर्थकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। मेरे लोगों ने रोका तो विवाद बढ़ गया।"
साजिद ने आगे कहा, "मैंने और मसूद ने मिलकर बीच-बचाव किया और मामला शांत कराया। लेकिन, यह साफ है कि मेरी दावेदारी से कुछ लोगों को दिक्कत है, और वे इस तरह के विवाद करा रहे हैं।"

मारपीट और गाली-गलौज, वायरल वीडियो ने बढ़ाई किरकिरी
बैठक के बाहर दोनों गुटों के समर्थकों के बीच पहले बहस हुई, जो जल्द ही गाली-गलौज और धक्का-मुक्की में बदल गई। सूत्रों के अनुसार, साजिद अली के समर्थकों ने आरोप लगाया कि मसूद के गुट ने उन्हें अपमानित किया, जबकि मसूद के समर्थकों ने दावा किया कि साजिद के लोग बैठक में व्यवधान डालने आए थे। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुर्सियां उठाकर फेंकी गईं और आपसी झड़प में कुछ कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें भी आईं।
बीजेपी का तंज: "कांग्रेस में विचार नहीं, वार चलते हैं"
बीजेपी ने इस घटना को हाथों-हाथ लिया और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने X पर तंज कसते हुए लिखा, "भोपाल में कांग्रेस का संगठन सृजन नहीं, मुक्केबाजी का प्रशिक्षण चल रहा है! जहां विचार नहीं, वहां वार चलते हैं। कांग्रेस नेता आरिफ मसूद और साजिद अली के समर्थकों ने विचार-विमर्श को धक्का-मुक्की और कुर्सी कुशलता में बदल दिया।"
एक अन्य बीजेपी नेता आशीष अग्रवाल ने X पर लिखा, "कांग्रेस की बैठक या कुश्ती प्रतियोगिता? जिला कांग्रेस की बैठक में आरिफ मसूद और साजिद अली के समर्थकों के बीच बहस नहीं, सीधे मारपीट हुई। आरोप लगा कि साजिद अली ने चुनाव में बीजेपी का समर्थन किया।" बीजेपी ने इस घटना को कांग्रेस की गुटबाजी और नेतृत्व की नाकामी का सबूत बताया।
कांग्रेस का बचाव: "आंतरिक मामला, जल्द सुलझाएंगे"
कांग्रेस ने इस विवाद को आंतरिक मामला करार देते हुए इसे कम करने की कोशिश की। भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा, "यह कार्यकर्ताओं के बीच छोटा-मोटा विवाद था। दोनों नेताओं ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। संगठन सृजन अभियान सुचारू रूप से चल रहा है, और हम जिला अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए रायशुमारी कर रहे हैं।"
AICC पर्यवेक्षक यशोमती ठाकुर ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा, "हमारी बैठक का मकसद संगठन को मजबूत करना था। कुछ कार्यकर्ताओं के बीच गलतफहमी हो गई, जिसे सुलझा लिया गया है।" हालांकि, ठाकुर ने यह स्पष्ट नहीं किया कि विवाद की जड़ क्या थी और क्या इसकी जांच होगी।
साजिद और मसूद की पुरानी रंजिश
साजिद अली और आरिफ मसूद के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। 2018 के विधानसभा चुनावों में भोपाल मध्य सीट के लिए साजिद अली ने टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन टिकट मसूद को मिला। उस समय साजिद के समर्थकों ने मसूद के खिलाफ पीसीसी मुख्यालय में प्रदर्शन किया था, और साजिद पर बीजेपी का समर्थन करने के आरोप लगे थे। हालांकि, साजिद ने इन आरोपों का खंडन किया और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई।
मसूद, जो 2018 और 2023 में भोपाल मध्य से विधायक चुने गए, भोपाल में कांग्रेस के एक प्रमुख मुस्लिम चेहरे हैं। लेकिन, उनकी कुछ टिप्पणियां, जैसे 2019 में भोपाल मेट्रो को 'भोज मेट्रो' नाम देने का विरोध और 2020 में फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन, विवादों में रही हैं। हाल ही में अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद बीजेपी नेता कृष्णा घाडगे द्वारा मसूद को "पाकिस्तानी एजेंट" कहकर धमकी देने का मामला भी सुर्खियों में था।
दूसरी ओर, साजिद अली एक अनुभवी नेता हैं, जिन्हें 2024 में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव बनाया गया। उनकी जिला अध्यक्ष की दावेदारी ने मसूद के प्रभाव को चुनौती दी है, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ गया।
पुलिस की भूमिका और जांच
विवाद की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की है, लेकिन पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है। कोहेफिजा थाना प्रभारी ने बताया, "हमें रेस्टोरेंट के बाहर झगड़े की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया गया। अगर कोई शिकायत मिलती है, तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।"
कांग्रेस के लिए चुनौती
यह घटना कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर तब जब पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में संगठन को पुनर्जनन करने की कोशिश कर रही है। मध्य विधानसभा भोपाल का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मसूद और साजिद जैसे नेताओं की गुटबाजी से पार्टी की एकता और विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "जिला अध्यक्ष की नियुक्ति में गुटबाजी और क्षेत्रीय प्रभाव का खेल हमेशा से रहा है। मसूद और साजिद दोनों प्रभावशाली हैं, लेकिन उनकी रंजिश से संगठन को नुकसान हो रहा है। AICC को इस मामले में हस्तक्षेप करना होगा।"












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