MP News: आगामी विधानसभा चुनाव में फायदा लेने के लिए पटवारी परीक्षा का इस्तेमाल कर रही कांग्रेसः हरिशंकर खटीक
patwari bharti result: मध्य प्रदेश में आगामी दिनों में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में प्रदेश में पटवारी की भर्ती परीक्षा के रिजल्ट को लेकर सियासत गर्म हो गई है। BJP के प्रदेश महामंत्री हरिशंकर खटीक ने कांग्रेस नेता अरुण यादव की पत्रकार वार्ता को झूठ का पुलिंदा करार दिया है।
बीजेपी नेता खटीक ने कहा कि मध्य प्रदेश विकास के रास्ते पर तेजी से कुलाचें भर रहा है, हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं और सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। लेकिन यह स्थिति कांग्रेस और उसके अरुण यादव जैसे नेताओं को सहन नहीं हो रही है। इसलिए कांग्रेस नेता पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर तथ्यहीन और झूठे आरोप लगा रहे हैं और प्रदेश की छवि खराब करने का षडयंत्र रच रहे हैं। वे चुनाव को देखकर जनता को गुमराह करने की कोशश कर रहे हैं।

झूठ के सहारे प्रदेश सरकार को बदनाम करना कांग्रेस की आदत
BJP नेता हरिशंकर खटीक ने कहा कि कांग्रेस मैदान में भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं रही है, इसीलिए वह प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए झूठ और षडयंत्रों का सहारा लेती रही है। कांग्रेस नेता अरुण यादव ने अपनी पत्रकार वार्ता में जिस व्यापमं मामले को उठाया है, उस मामले को लेकर उन्हें अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से सवाल करना चाहिए कि 15 महीने की सरकार के मुख्यमंत्री रहते उन्होंने इस मामले में क्या कदम उठाया?
कांग्रेस सरकार इसलिए इस मामले में कुछ नहीं कर पाई, क्योंकि इसमें कुछ सच्चाई नहीं थी। उन्होंने कहा कि इसी तरह कांग्रेस पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर मनगढ़ंत आरोप लगा रही है। मार्च- अप्रैल में परीक्षा हुई, जून में रिजल्ट आया, तब से अभी तक कांग्रेस के नेता क्या करते रहे? क्यों अपने झूठ को परोसने के लिए विधानसभा सत्र शुरू होने का इंतजार किया? इसी से स्पष्ट है कि कांग्रेस अपने झूठ के सहारे राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।
पटवारी परीक्षा भर्ती में तथ्यहीन आरोप लगा रही कांग्रेस
हरिशंकर खटीक ने कहा कि कांग्रेस जिस पटवारी परीक्षा भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार को बदनाम करने का षडयंत्र रच रही है, उसमें 9.78 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 8 हजार 600 चयनित हुए हैं। इसी परीक्षा में चयन के लिए छात्र-छात्राओं ने कड़ी मेहनत की। इनमें से भी विशेष प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने टॉप किया। कांग्रेस अगर वास्तव में प्रदेश के युवाओं की शुभचिंतक है, तो उसे इन छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करना चाहिए। लेकिन रचनात्मकता कांग्रेस के डीएनए में ही नहीं है। उसे तो अपने राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी सीमा तक जाकर झूठ फैलाना, षडयंत्र रचना पसंद है। लेकिन कांग्रेस अपनी इस कोशिश में उन परीक्षार्थियों के कड़े परिश्रम और प्रतिभा का अपमान कर रही है, जो इस परीक्षा में चयनित हुए हैं और जिन्होंने टॉप किया है।
क्या है पटवारी भर्ती का मामला
बता दे एमपी में अभी हुछ दिन पहले हुई पटवारी भर्ती परीक्षा 2022 के रिजल्ट को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। दरअसल, सोमवार को मंडल ने परीक्षा की टॉप 10 सूची जारी की। जिसमें एक ही सेंटर के 7 छात्र शामिल थे। जिसके बाद एमपी युवा कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता गौरव त्रिपाठी ने मामले की शिकायत कर्मचारी चयन मंडल को की, उन्होंने इसमें गड़बड़ी का आरोप लगाया। वहीं इस पूरी भर्ती परीक्षा की जांच की सीबीआई से कराने के लिए मांग की। बता दें कि इस परीक्षा का रिजल्ट 30 जून को आया है और टॉपर 10 की लिस्ट 10 जून को जारी की गई है।
यह है शिकायत
मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के नेता गौरव त्रिपाठी ने 11 जुलाई को एग्जाम कंट्रोलर कर्मचारी चयन मंडल को शिकायत की है। उन्होंने लिखा है कि मध्य प्रदेश पटवारी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया है, जिसमें रिजल्ट में गड़बड़ी होना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने शिकायत में कई बिंदुओं के आधार पर की है।












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