राजस्थान की नाबालिग लड़की शादी हो जाने के डर से घर छोड़कर भागी, रेलवे चाइल्ड लाइन ने रेस्क्यू कर CWC को सौंपा
राजस्थान की 16 वर्षीय किशोरी को बाल विवाह का डर था, इसलिए उसने घर छोड़ने का फैसला किया। लेकिन भोपाल रेलवे स्टेशन पर रेलवे चाइल्ड लाइन ने किशोरी का रेस्क्यू कर लिया।
भोपाल,30 अगस्त। राजस्थान की रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिक लड़की शादी हो जाने के डर से घर छोड़कर भाग गई। दरअसल 16 वर्षीय किशोरी को बाल विवाह का डर था, इसलिए उसने घर छोड़ने का फैसला किया। लेकिन भोपाल रेलवे स्टेशन पर रेलवे चाइल्ड लाइन ने किशोरी का रेस्क्यू कर लिया। काउंसलिंग में लड़की ने बताया कि घर वालों ने उसकी शादी एक 35 साल के आदमी से तय कर दी थी। उसने बहुत विरोध किया, लेकिन घरवाले उसकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। आखिर में उसे घर से निकल जाने का रास्ता ही नजर आया और वे ट्रेन में चढ़ गई।

रेलवे चाइल्ड लाइन में परिजन के बजाय किशोरी को CWC को सौंपा
रेलवे चाइना ने किशोरी को उसके अभिभावकों की बजाय CWC भोपाल को सौंपने का निर्णय लिया है इसके लिए किशोरी के गृह नगर से संबंधित सीडब्ल्यूसी से संपर्क किया जा रहा है। सीडब्ल्यूसी के सदस्यों का कहना है कि नाबालिक लड़की राजस्थान की रहने वाली है और उसके परिवार के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है इसके बाद किशोरी की काउंसलिंग की जाएगी। नाबालिग किशोरी अभी छोटी है और घबरा भी रही है। पूरी जानकारी जुटाने के बाद ही काउंसलिंग की जाएगी।

नाबालिग ने कहा- जाना कहां है ये पता नहीं था
नाबालिग ने कहा कि उससे कहां जाना था ये पता नहीं था। बस ट्रेन बदलते-बदलते भोपाल तक पहुंच गई। कुछ जानकारी नहीं होने के कारण किसी भी ट्रेन में चल गई इसके बाद भोपाल में रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम ने उसका रेस्क्यू किया मामले में किशोरी लगातार एक ही बात कह रही थी कि यदि वह घर वापस पूछी तो माता-पिता उसकी शादी करा देंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह तय किया गया कि किशोरी को स्थानीय सीडब्ल्यूसी को सौंपा जाए। साथ ही उन्हें लिखा जाए कि किशोरी के मामले में लगातार फॉलोअप होता रहे हैं,जिससे उसे बाल विवाह से बचाया जा सके।

रेलवे चाइल्ड लाइन के समन्वयक ने दी जानकारी
रेलवे चाइल्ड लाइन के समन्वयक संजीव जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि नाबालिक लड़की शुरू में बिल्कुल चुप थी। बहुत ज्यादा पूछने के बाद भी वे घर से निकलने का कारण नहीं बता पा रही थी। काफी देर बाद जब नाबालिक लड़की टीम के सदस्यों के साथ शहद हुई तब उसने घर से भागने का कारण बताया। उसने खुलासा किया कि उसका बाल विवाह होने जा रहा था इस कारण वे घर से निकल आई।

बाल विवाह है अपराध
भारत में उम्र 18 साल से पहले लड़का- लड़की का विवाह करना बाल विवाह कहलाता है और यह कानूनी रूप से अपराध है। कानून के अनुसार शादी करने की सही उम्र लड़की की 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होना चाहिए। तभी शादी हो सकती है। बाल विवाह का संबंध आमतौर पर भारत के कुछ समाज में प्रचलित सामाजिक प्रक्रियाओं से है।
काउंसलर संगीता सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि मां बाप कभी बच्चों की कम उम्र में शादी ना करें, साथ ही बच्चों की बातों को अनसुना ना करें, नाबालिक बच्चों को गाली1 गलौज करना, अश्लील चित्र दिखाना, वीडियो दिखाना गलत तरीके से छूना कानूनी अपराध है।
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