प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश अव्वल, 152 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की

भोपाल। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश को वर्ष 2020-21 में योजना क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। मध्यप्रदेश ने योजना में 152 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय पर प्राप्त हुए प्रथम स्थान के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है।

Madhya Pradesh tops in Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana, achieved 152 percent achievement

केन्द्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 15 मार्च 2021 को वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक सह क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार की टीम द्वारा अवगत कराया गया कि मध्यप्रदेश में योजना प्रारंभ से वर्तमान तक 22 लाख 2 हजार 258 आवेदन-पत्रों पर हितग्राहियों को राशि रूपये 942 करोड़ का मातृत्व लाभ वितरण किया गया, जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम है। समीक्षा बैठक में योजना के सफल एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिय आगर मालवा, छिंदवाड़ा, शहडोल, सीहोर एवं अलीराजपुर जिले कों उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों एवं प्रदेश द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना और राज्य की टीम को भी बधाई दी गई।

मध्यप्रदेश को विगत वर्ष भी योजना क्रियान्वयन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया था। भारत सरकार द्वारा एक जनवरी 2017 से प्रांरभ की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रदेश के समस्त जिलों में 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत लागू की गयी है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में नकद प्रोत्साहन प्रदान करना है, जिससे महिलाओं को प्रथम बच्चे के प्रसव के पूर्व एवं पश्चात पर्याप्त आराम मिल सके। नकद प्रोत्साहन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी व्यवहारों में सुधार लाना भी योजना का उद्देश्य है।

योजना अन्तर्गत समस्त गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं को प्रथम जीवित जन्मे बच्चे पर निर्धारित शर्तों की पूर्ति उपरान्त प्रति हितग्राही 5 हजार रूपये तीन किस्तों में दिये जाते है। प्रथम किस्त 1000 आंगनवाड़ी केन्द्र पर गर्भावस्था का शीघ्र पंजीयन कराने पर, द्वितीय किस्त 2000 रूपये कम से कम एक प्रसव पूर्व जाँच कराने एवं गर्भावस्था के 6 माह पूर्ण होने पर और तृतीय किरत 2000 रूपये बच्चे के जन्म का पंजीकरण एवं बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके आधार लिंक्ड बैंक या पोस्ट आफिस खाते में प्रदान करने का प्रावधान है।

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