जानें कैसे 9वीं पास सफाई कर्मी और दर्जी ने रिटायर्ड अधिकारी से की थी ₹3 लाख की ठगी
भोपाल में साइबर क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी करने के दो आरोपितों को नोएडा उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। दरअसल इन ठगों ने भोपाल के बावड़िया कला में रहने वाले शख्स को बिजली कंपनी का अफसर बनकर फोन किया था और उसके बाद उसके
भोपाल, 30 अगस्त। सफाई और दर्जी के पेशे से जुड़े दो आरोपी फोन पर स्वयं को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर लोगों से ठगी कर रहे थे। साइबर क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी करने के दो आरोपितों को नोएडा उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। दरअसल इन ठगों ने भोपाल के बावड़िया कला में रहने वाले शख्स को बिजली कंपनी का अफसर बनकर फोन किया था और उसके बाद उसके खाते से ₹13 लाख उड़ा दिए थे। जिसमें से 10 लाख बैंक की सतर्कता से वापस आ गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।

भोपाल पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस ने बताया कि राजधानी की बावड़िया कला में रहने वाले रिटायर्ड अधिकारी केशव सिंह को बकाया बिजली बिल का पेमेंट नहीं करने पर कनेक्शन काटने का मैसेज मोबाइल पर भेजा था। इसमें बकाया बिजली के बिल को ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए नोएडा के सफाई कर्मी नितिन और ट्रेलर राजे ने खुद के मोबाइल नंबर दिए। बकाया बिल के पेमेंट के लिए दी गई लिंक पर जब केशव सिंह ने क्लिक किया तो मोबाइल में एनीडेस्क (मिरर एप) डाउनलोड हो गया।
दोनों आरोपियों ने रिटायर्ड अधिकारी को बकाया बिल के पेमेंट के लिए फोन करना शुरू कर दिया इस दौरान एनीडेक्स की मदद से आरोपियों ने रिटायर्ड अधिकारी केशव सिंह के मोबाइल का पासवर्ड, यूपीआई पिन पता कर लिया। साथ ही, केशव सिंह के खाते से ₹13 लाख निकाल उड़ा दिए। सिंह को बैंक से दो ट्रांजैक्शन के मैसेज से पता चला है इसके बाद उन्होंने बैंक को इसकी जानकारी दी और बैंक ने ₹10 लाख वाले ट्रांजैक्शन पर रोक लगा दी लेकिन ₹3 लाख ठगों ने फिर भी उड़ा दिए। इसको लेकर साइबर थाने में ऑनलाइन ठगी की FIR दर्ज कराई थी।

नौवीं तक पढ़े है दोनों आरोपी
पुलिस ने बताया कि बतौर सफाई कर्मी का काम करने वाला आरोपी नितिन नौवीं तक पढ़ा है। और उसका साथी अजय जोकि पेशे से दर्जी है वह भी 9वीं तक ही पढ़ा है। दोनों आरोपी लोगों को ठगने के लिए बिजली अधिकारी बनकर फोन लगाते थे। दोनों कई सालों से इसी तरह लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। फिलहाल पुलिस अभी पूछताछ कर रही है और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।

वारदात करने का तरीका
एसीपी अक्षय चौधरी ने बताया कि आरोपी बिजली बिल बकाया होने वह बिजली कनेक्शन काटने का मैसेज भेजते थे। लोग जब मैसेज में लिखे नंबर पर संपर्क करते थे तो यह शातिर ठग स्वयं को बिजली कंपनी का अधिकारी बताते हुए बात करते थे। इसके बाद बिजली का बिल अपडेट करने का झांसा देकर एक लिंक सेंड करते थे। जिस पर क्लिक करने पर उपभोक्ता के मोबाइल पर एनीडेक्स मिरर एप डाउनलोड हो जाता था। इसके बाद आरोपी ऐप से मोबाइल का कंट्रोल अपने पास लेकर खाते से राशि उड़ा लेते थे।

साइबर ठगी से बचने के लिए रखें ये सावधानी
क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान मैं ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं से अपील की है किसी भी अज्ञात नंबर को अपने बैंक खाते की जानकारी ना दें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी एप्लीकेशन डाउनलोड ना करें। दिल से जुड़ी परेशानियों को लेकर बिजली विभाग से जारी टोल फ्री नंबर पर ही संपर्क करें। यदि संपर्क नहीं हो पा रहा है तो जल्दबाजी नहीं करें। बिजली विभाग के ऑफिस जाकर अपनी समस्या बताएं।
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