Bhopal में अब Kamal Nath बोले- ‘विधायकों की नहीं होती कोई कीमत’, BJP ने किया पलटवार
MP बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कमलनाथ के उस बयान पर तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने ‘विधायकों की कीमत कुछ नहीं होती..’ वाला बयान दिया हैं।

Kamal Nath: जिन विधायकों की फ़ौज के दम पर मध्य प्रदेश में कमलनाथ ने कांग्रेस की सरकार चलाई, वो बे-मोल हैं। यानि उनकी कोई कीमत नहीं होती। कमलनाथ का यह बयान सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।
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सियासत का मिजाज ही निराला होता है। वक्त की नजाकत के हिसाब से किसी को ढलने में देर नहीं लगती। चुनावी साल में में मध्य प्रदेश में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है और दिग्गज नेताओं की बयानबाजी भी चर्चा में हैं। कांग्रेस पीसीसी चीफ कमलनाथ ने ' 'विधायक की कोई कीमत नहीं होती' यह बयान देकर सियासी गलियारे में नई बहस को जन्म दे दिया है। राजधानी भोपाल में मीडिया के सवाल पर उन्होंने यह बयान दिया। चुनावी साल में उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

दरअसल कमलनाथ भोपाल में पार्टी के जिलाध्यक्ष और प्रभारियों की बैठक ले रहे थे। उसके बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि बीजेपी के बहुत से नेता कांग्रेस ज्वाइन करना चाहते हैं। वो मिलना भी चाहते है, लेकिन मेरे पास अभी मिलने की फुर्सत नहीं है। कमलनाथ बोले कि जो नेता जमीन से जुड़ा होता, वजन उसी का ज्यादा होता हैं। उसे खुले में मिलने में कोई परेशानी नहीं होती। इसलिए उन्होंने मिलने वाले सभी लोगों को कहा है कि प्राइवेटली नहीं मिलूंगा, जनरल में मिलने के लिए आओ।

नाथ का यह बयान जैसे ही सोशल मीडिया पर छाया, बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो गई। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि कमलनाथ पैसों के घमंड में चूर है, इसलिए वह यह भूल गए कि जो चुनकर आता है, वही लोकतंत्र का सबसे बड़ा आधार होता हैं। शर्मा बोले कि भारत के लोकतंत्र में यदि कोई ताकत है, तो वह जनता से चुना हुआ, जनप्रतिनिधि ही होता हैं। चाहे वह सरपंच हो, पंच हो विधायक या फिर सांसद हो। शर्मा ने कमलनाथ को छिंदवाड़ा में गरीबों के साथ किए छल की याद भी दिलाई।

कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामने वाले नरेंद्र सलूजा ने भी कमलनाथ के 'विधायक कीमत' वाले बयान पर चुटकी ली। सलूजा ने कहा कि अपने विधायक को जनता और जमीन से जुड़ा हुआ न मानने का खामियाजा ही कमलनाथ को भुगतना पड़ा हैं। इसी वजह से कांग्रेस से बड़ी संख्या में विधायकों में भागमभाग मची और सरकार जमीन पर ला दी।
आपको बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में 15 साल का वनवास ख़त्म कर कांग्रेस को सत्ता की कुर्सी मिली थी। 58 सीटों से बढ़कर जादुई आंकड़ा 114 सीटों का पहुंचा था। इन्ही विधायकों के सहारे सरकार बनी थी। ये बात अलग है कि बाद में सिंधिया खेमे के विधायकों ने पाला बदला और कांग्रेस के हाथ से सत्ता की चाबी फिसल गई। पिछले चुनाव में बीजेपी 165 सीटों से लुढ़ककर 109 पर पहुंच गई थी। वक्त फिर नजदीक आ रहे चुनाव का है। नाथ की यह बात किसी वजह से यदि उनके अपनों के दिल को लग गई तो और दूसरी तस्वीरें भी दिखाई दे सकती हैं। फिलहाल जिस अंदाज में उन्होंने यह बयान दिया, उससे बीजेपी नेताओं को कांग्रेस के खिलाफ और खुलकर बोलने का मौका दे दिया हैं।
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