पेंशन अधिकारी सचिन झा 10 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार – DGP योगेश देशमुख के निर्देश पर ट्रैप, जानिए कैसे
भ्रष्टाचार के खिलाफ मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस की सख्ती रंग ला रही है। पुलिस महानिदेशक (लोकायुक्त) श्री योगेश देशमुख के सख्त निर्देश पर जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने सोमवार (10 नवंबर 2025) को एक सफल ट्रैप कार्यवाही की, जिसमें संभागीय पेंशन कार्यालय जबलपुर के सहायक पेंशन अधिकारी सचिन कुमार झा (42 वर्ष) को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
आरोपी ने सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियन किशोर कुमार झारिया (68 वर्ष) से उनकी दूसरी पत्नी का नाम पारिवारिक पेंशन में नॉमिनी के रूप में जोड़वाने के एवज में यह राशि मांगी थी। ट्रैप कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर जबलपुर में हुई, जहां आरोपी को नोटों के साथ धर दबोचा गया।

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)B और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। यह कार्यवाही DGP देशमुख की 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' का हिस्सा है, जो राज्य में भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कस रही है। आइए, जानते हैं इस ट्रैप की पूरी दास्तां - शिकायत की शुरुआत से गिरफ्तारी तक, आरोपी की पृष्ठभूमि, कानूनी प्रावधान और लोकायुक्त टीम की भूमिका।
शिकायत की जड़: सेवानिवृत्त कर्मचारी की दूसरी पत्नी का नाम पेंशन में जोड़ने की मांग, 10 हजार की रिश्वत
आवेदक किशोर कुमार झारिया (पिता स्वर्गीय गोपीचंद झारिया, उम्र 68 वर्ष, निवासी तिलहरी, जिला जबलपुर) शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर से लैब टेक्नीशियन के पद से सेवानिवृत्त हैं। उनकी पहली पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने दूसरी शादी की, और पारिवारिक पेंशन में दूसरी पत्नी का नाम नॉमिनी के रूप में जोड़वाने के लिए संभागीय पेंशन कार्यालय जबलपुर गए। वहां सहायक पेंशन अधिकारी सचिन कुमार झा (पिता स्वर्गीय भावेश झा, उम्र 42 वर्ष) ने फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10,000 रुपये की मांग की।
झारिया ने बताया, "मैंने कई दफा अनुरोध किया, लेकिन आरोपी ने साफ कहा - पैसे बिना काम नहीं।" परेशान होकर झारिया ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में पुलिस अधीक्षक महोदय के समक्ष शिकायत दर्ज की। शिकायत में उन्होंने रिश्वत मांगने का ऑडियो सबूत और मैसेज दिए। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का त्वरित सत्यापन किया, जिसमें आरोपी की मांग साबित हो गई।
ट्रैप का प्लान और सफलता: कलेक्ट्रेट परिसर में 10 हजार लेते पकड़े, केमिकल ट्रेस मिले
DGP योगेश देशमुख के निर्देश पर लोकायुक्त इकाई ने ट्रैप की रणनीति बनाई। सोमवार (10 नवंबर 2025) को आवेदक किशोर झारिया ने आरोपी सचिन झा को कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में बुलाया। झारिया ने 10,000 रुपये (10 नोटों के रूप में, विशेष केमिकल से मार्क्ड) दिए। जैसे ही आरोपी ने पैसे जेब में डाले, लोकायुक्त दल ने छापा मारकर उन्हें धर दबोचा।
ट्रैप दल के सदस्य:
- दल प्रभारी: उप पुलिस अधीक्षक सुरेखा परमार
- सदस्य: निरीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया एवं लोकायुक्त जबलपुर का पूरा दल
आरोपी के हाथों, जेब और नोटों पर केमिकल ट्रेस मिले। नोट बरामद कर लिए गए। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लोकायुक्त थाने ले जाया गया। SP लोकायुक्त ने कहा, "ट्रैप 100% सफल। DGP साहब की सख्ती से भ्रष्टाचार पर लगाम लग रही है।"
आरोपी की पृष्ठभूमि: संभागीय पेंशन अधिकारी, जबलपुर संभाग
सचिन कुमार झा (42 वर्ष) संभागीय पेंशन कार्यालय जबलपुर में सहायक पेंशन अधिकारी हैं। वे जबलपुर संभाग के पेंशन मामलों - सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पारिवारिक पेंशन, नॉमिनी बदलाव, बकाया भुगतान आदि - को हैंडल करते हैं। आरोपी के खिलाफ पहले कोई शिकायत नहीं थी, लेकिन यह ट्रैप उनकी पहली बड़ी गलती साबित हुई। लोकायुक्त ने उनके बैंक खातों, संपत्ति और परिवार की जांच शुरू कर दी है।
कानूनी कार्रवाई: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सख्त धाराएं, 7 साल तक की सजा
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की निम्न धाराओं में FIR दर्ज:
धारा 7: लोक सेवक द्वारा रिश्वत स्वीकार करना।
- धारा 13(1)B: आपराधिक कदाचार और लोक सेवक द्वारा अनुचित लाभ।
- धारा 13(2): सजा का प्रावधान - न्यूनतम 3 साल, अधिकतम 7 साल कैद और जुर्माना।
मामला स्पेशल जज लोकायुक्त कोर्ट में चलेगा। आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। लोकायुक्त SP ने कहा, "सबूत मजबूत - ऑडियो, वीडियो, केमिकल ट्रेस। 30 दिनों में चार्जशीट दाखिल।"
DGP योगेश देशमुख की सख्ती: 2025 में 50 ट्रैप, 2 करोड़ रिश्वत बरामद
DGP लोकायुक्त योगेश देशमुख ने सभी इकाइयों को भ्रष्टाचार पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। 2025 में अब तक 50 ट्रैप हो चुकी हैं, जिसमें 2 करोड़ से अधिक रिश्वत बरामद हुई। देशमुख ने कहा, "लोक सेवक जनता के सेवक हैं, रिश्वतखोर नहीं। हर शिकायत पर एक्शन, कोई छूट नहीं।" हेल्पलाइन 1800-XXX-XXXX पर शिकायतें बढ़ी हैं।
प्रभाव और चेतावनी: पेंशन कार्यालयों में सुधार, सेवानिवृत्तों को राहत
यह ट्रैप पेंशन कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार है। सेवानिवृत्त कर्मचारी अक्सर नॉमिनी बदलाव, बकाया पेंशन में परेशान होते हैं। आवेदक झारिया ने कहा, "लोकायुक्त ने न्याय दिया। अब दूसरों को हिम्मत मिलेगी।" लोकायुक्त ने पेंशन विभाग को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए।












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