इंदौर के खजराना गणेश मंदिर की दान पेटियों से निकले 1 करोड़ 78 लाख रुपये: विदेशी मुद्रा, सोना-चांदी के आभूषण
इंदौर का प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर एक बार फिर भक्तों की अटूट आस्था का गवाह बना है। मंदिर की 43 दान पेटियों से 1 करोड़ 78 लाख रुपये की नकद राशि निकली है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, विदेशी मुद्रा और श्रद्धालुओं के पत्र भी मिले हैं। सोना-चांदी और विदेशी करेंसी की कीमत अलग से आंकी जाएगी।
गिनती प्रक्रिया पिछले सप्ताह से चल रही थी और पूरी तरह CCTV निगरानी में हुई। मंदिर में साल में तीन बार दान पेटियों की गिनती होती है। पिछली गिनती (1 अगस्त) में 1 करोड़ 68 लाख रुपये निकले थे। इस बार की राशि पिछले रिकॉर्ड से 10 लाख अधिक है।

मंदिर प्रबंध समिति के मैनेजर घनश्याम शुक्ला ने बताया कि दान राशि का उपयोग मंदिर की धार्मिक, सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों में किया जाता है। गिनती नगर निगम परिषद कार्यालय के अधीक्षक प्रदीप दुबे के नेतृत्व में 25 सदस्यीय टीम ने की।
मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने कहा, "भगवान गणेश के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था इतनी गहरी है कि हर बार दान पेटियां खुलने पर बड़ी राशि और मूल्यवान वस्तुएं मिलती हैं।" नए साल और 31 दिसंबर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आने की उम्मीद है। वनइंडिया हिंदी की विशेष रिपोर्ट में जानिए गिनती का पूरा विवरण, मिली अनोखी चीजें और मंदिर की आस्था का महत्व।
दान पेटियों की गिनती: CCTV निगरानी में पारदर्शिता, 1.78 करोड़ नकद
मंदिर परिसर में 43 दान पेटियां लगी हैं। गिनती प्रक्रिया:
- CCTV की कड़ी निगरानी में।
- वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य।
- टीम: 25 सदस्य (नगर निगम और मंदिर ट्रस्ट)।
- राशि: 1 करोड़ 78 लाख रुपये नकद।
- जमा: PNB और यूनियन बैंक खातों में।
- पिछली गिनती: 1 अगस्त को 1.68 करोड़।
घनश्याम शुक्ला ने कहा, "पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। राशि मंदिर विकास, अन्नदान और जनकल्याण में लगती है।"
अनोखी चीजें: सोना-चांदी, विदेशी मुद्रा, पत्र और नकली नोट
इस बार दान पेटियों से नकद के अलावा:
- सोना-चांदी: बड़ी मात्रा में असली-नकली आभूषण। कीमत अलग आंकी जाएगी।
- विदेशी मुद्रा: डॉलर, यूरो आदि। कन्वर्ट कर आकलन।
- पत्र: सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मनोकामना पत्र लिखे - नौकरी, पारिवारिक विवाद दूर करने, स्वास्थ्य आदि।
- अनोखा: एक मोबाइल फोन।
- नकली/बंद नोट: कुछ नकली नोट, बंद हो चुके 500-2000 रुपये के नोट।
पुजारी अशोक भट्ट: "श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर पत्र लिखते हैं। यह आस्था का प्रमाण है।"
मंदिर का महत्व: राजनीतिक हस्तियों से बॉलीवुड तक की आस्था
खजराना गणेश मंदिर इंदौर का प्रमुख आस्था केंद्र है:
सालाना करोड़ों श्रद्धालु।
- राजनीतिक नेता, उद्योगपति, खिलाड़ी, बॉलीवुड स्टार्स आते हैं।
- नए साल पर भारी भीड़ - 31 दिसंबर को लाखों दर्शनार्थी।
- मंदिर ट्रस्ट: अन्नदान, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे कार्य।
आस्था की बढ़ती ताकत
- अगस्त 2025: 1.68 करोड़।
- 2024 में सालाना औसत 5-6 करोड़।
- सोना-चांदी: हर बार लाखों की कीमत।
विशेष व्यवस्था।
- सुरक्षा बढ़ाई।
- देश-विदेश से श्रद्धालु।
- लंबी कतारें, VIP दर्शन।
आस्था की ताकत, दान का उपयोग
1.78 करोड़ की यह राशि खजराना गणेश मंदिर की लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की आस्था को दर्शाती है। सोना-चांदी से पत्र तक - हर चीज मनोकामना का प्रतीक। राशि जनकल्याण में लगेगी। नए साल पर भक्तों की भीड़ मंदिर को और चमकाएगी।












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