Bhopal: विप्रो कंपनी में नौकरी का झांसा देकर जालसाज महिला ने युवती से की हजारों रुपयों की ठगी
राजधानी भोपाल में सॉफ्टवेयर की बड़ी कंपनी विप्रो के नाम पर नौकरी का झांसा देकर छात्रा के साथ ठगी करने का मामला सामने आया है।

राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती के साथ विप्रो कंपनी में नौकरी देने के नाम पर ₹21 हजार की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी का शिकार हुई युवती ने साइबर सेल में शिकायत की थी। जिसकी जांच के बाद केस ऐशबाग थाना पुलिस को भेजा गया। जहां पर पुलिस ने तीन मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक मूलत: अनूपपुर की रहने वाली निशा सिंह राठौर गुरु नानक कॉलोनी ऐशबाग में किराए के मकान में रहती हैं। वे वहां एक कोचिंग क्लास में लैंग्वेज प्रोग्रामिंग का कोर्स कर रही है।
कैसी हुई ठगी
पीड़ित युवती ने पुलिस को बताया कि उसने नौकरी डॉट कॉम (naukri.com) पर अपना बायोडाटा अपलोड किया था। बीते 18 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इस मैसेज में कंपनी का कॉल नंबर दिया था। जिस पर युवती ने कॉल किया तो एक युवक ने कॉल रिसीव किया। उसने युवती से कहा कि वह विप्रो कंपनी से बोल रहा है। इसके बाद एक महिला ने उसे खुद को विप्रो कंपनी का एचआर बताया और कहा कि तुम्हारा सीवी सेलेक्ट हो गया है। कंपनी की ओर से तुम्हारा ऑनलाइन इंटरव्यू होगा।
इसके बाद जालसाज महिला ने उसे अपने झांसे में लेकर नौकरी दिलाने की बात कहते हुए फोन पे के माध्यम से 21 हजार 210 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अंदेशा होने के बाद युवती ने साइबर सेल में शिकायत की थी। फिलहाल पुलिस नंबर के आधार पर आरोपियों को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है।
क्या है विप्रो
बता दे विप्रो भारत की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी है। विप्रो लिमिटेड एक वेबसाइट इकाई विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग उपभोग्य वस्तुओं में एफएमसीजी सेग्मेंट में काम करती है। इस कंपनी का भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कारोबार है। विप्रो कंपनी पहले खाने वाली चीजों का व्यापार करती थी, लेकिन इसके बाद उसने सॉफ्टवेयर की दुनिया में अपना एक अलग नाम बना लिया है। विप्रो कंपनी में कर्मचारियों को अच्छी सैलरी मिलती है। इसलिए छात्र विप्रो कंपनी में जॉब करने के लिए इंटरव्यू की तैयारी करते रहते हैं। जालसाज इसी बात का फायदा उठाकर छात्रों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
ठगी से कैसे बचे ?
- किसी भी फर्जी ईमेल के लिंक को ओपन ना करें
- कंपनी के नाम से आए मेल और फोन नंबर को क्रॉस चेक करें, इसके लिए उनकी ऑफिशियल मेल और कांटेक्ट नंबर पर संपर्क करें।
- फोन पर किसी को भी अपने अकाउंट की जानकारी गलती से भी ना दें
- अनजान व्यक्ति को कभी भी ओटीपी ना बताए
- कोई भी बैंक अधिकारी को आप से ओटीपी पूछने की जरूरत नहीं पड़ती है। ऐसा करने वाले ठगी का शिकार बनाते हैं।
- ठगी करने वाले लोग आम लोगों को लिंक भेजते हैं और उसे क्लिक करने पर जो पेज खुलता है वह ठगों द्वारा बनाया गया होता है।












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