MP News: भोपाल में अमित शाह की मौजूदगी में हुआ ऐतिहासिक MoU, सांची ब्रांड की पहचान बरकरार
MP News: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह रविवार, 13 अप्रैल 2025 को एकदिवसीय दौरे पर भोपाल पहुंचे। स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उनका स्वागत किया।
शाह ने रवींद्र भवन में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन में हिस्सा लिया, जहां उनकी मौजूदगी में मध्य प्रदेश दुग्ध संघ और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) हुआ।

इस MoU के साथ प्रदेश की दुग्ध उत्पादन व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि "सांची" ब्रांड की पहचान को पूरी तरह बरकरार रखा जाएगा।
सांची रहेगा वही, संचालन NDDB के जिम्मे
- राज्य के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री लखन पटेल ने जानकारी दी कि:
- यह MoU 5 वर्षों के लिए है।
- "सांची" ब्रांड का नाम, लोगो और पहचान जस की तस रहेगी।
- लेकिन अब दुग्ध संघ का संचालन NDDB द्वारा किया जाएगा।
- संघ के CEO सीधे NDDB के अधीन कार्य करेंगे।
मंत्री ने बताया कि NDDB सिर्फ तकनीकी विशेषज्ञता, संचालन और विस्तार में सहयोग करेगा। NDDB इस काम के बदले कोई प्रबंधन शुल्क नहीं लेगा, और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र भी बनाया जाएगा।
दूध उत्पादन को मिलेगा बूस्ट - 5 साल में दोगुना लक्ष्य
- दुग्ध सहकारी समितियाँ: वर्तमान में 6,000 → लक्ष्य: 9,000 समितियाँ
- गांवों की कवरेज: 18,000 गांवों तक दुग्ध संग्रह नेटवर्क विस्तार
- दैनिक दुग्ध संग्रह: 10.5 लाख किलोग्राम → 20 लाख किलोग्राम
- प्रसंस्करण क्षमता: 18 लाख लीटर/दिन → 30 लाख लीटर/दिन
- निवेश: कुल ₹1,447 करोड़ का बजट प्रावधान
- ग्राम पंचायत स्तर पर दुग्ध संग्रह केंद्र: किसानों को घर के पास मूल्य और सुविधा
MPOs का विस्तार और किसानों की आमदनी में वृद्धि
- मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (MPO) की पहुंच 1,390 → 2,590 गांव
- दैनिक संग्रह: 1.3 लाख किलोग्राम → 3.7 लाख किलोग्राम
- दुग्ध उत्पादकों की आय: ₹1,700 करोड़ → ₹3,500 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह समझौता मध्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का नंबर वन राज्य बनाने की दिशा में अहम कदम है।
वर्तमान स्थिति: मध्य प्रदेश दुग्ध उत्पादन में अग्रणी
- प्रतिदिन दूध उत्पादन: 5.5 करोड़ लीटर (देश में तीसरा स्थान)
- प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता: 644 ग्राम/दिन (राष्ट्रीय औसत: 459 ग्राम)
- मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि NDDB के अनुभव और तकनीकी मदद से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस का विरोध, सरकार का जवाब
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने MoU को "अमूल की बैकडोर एंट्री" करार देते हुए सांची ब्रांड को कमजोर करने की आशंका जताई। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि:
- सांची का नाम, पहचान और ब्रांडिंग नहीं बदलेगी।
- NDDB सिर्फ तकनीकी और प्रबंधन सहयोग देगा।
- किसानों का हित सर्वोपरि रहेगा।
अमित शाह की भूमिका और संबोधन
अमित शाह ने सम्मेलन में कहा: "NDDB और सहकारी मॉडल देश के 8 करोड़ दुग्ध उत्पादकों को जोड़ने का सपना देख रहा है। यह साझेदारी न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकती है।"
शाह ने सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया और उनके फीडबैक के आधार पर भविष्य की नीतियों को दिशा देने की बात कही।












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