UPSC में 26 वी रैंक प्राप्त करने वाली गुंजिता अग्रवाल से इंटरव्यू में पूछा- कहां राजा भोज, कहां गंगू तेली
भोपाल नेहरू नगर की रहने वाली गुंजित अग्रवाल ने UPSC के एग्जाम में 26 वी रैंक हासिल की है। उनके पिता जेपी अग्रवाल मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल में असिस्टेंट इंजीनियर और जनसंपर्क अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।

Bhopal UPSC Result: संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2022 के परिणाम घोषित किए। जिसमें मध्यप्रदेश के भी कई युवाओं ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इसमें सतना की स्वाति शर्मा ने 15वीं इंदौर की अनुष्का शर्मा ने 20वीं व भोपाल की गुंजित अग्रवाल ने 26वीं, धार की संस्कृति सोनामी ने 49वीं और भोपाल की पल्लवी मिश्रा ने 73 वी रैंक हासिल की है। भोपाल की रहने वाली गुंजिता अग्रवाल ने अपनी सफलता को लेकर मीडिया से चर्चा के दौरान कई राज बताएं।
गुंजिता से इंटरव्यू में पूछा- कहां राजा भोज, कहां गंगू तेली का मतलब बताइए
अक्सर कई बार फिल्मों में और नाटकों में हम यह कहावत सुन चुके हैं कि कहां राजा भोज और कहां गंगू तेली। लेकिन यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2022 के इंटरव्यू के दौरान इस कहावत को लेकर गुंजिता अग्रवाल से सवाल किया गया। जिस पर गुंजिता अग्रवाल ने जवाब देते हुए कहा कि कहावत में जिस गंगू तेली की बात होती है वो कोई एक नहीं, बल्कि दो व्यक्ति थे। गंगू का असली नाम कलचुरी नरेश गांगेय था और तेली चालुक्य नरेश तैलंग थे। एक बार गांगेय और तैलंग ने मिलकर राजा भोज की नगरी धार पर आक्रमण किया, मगर उन दोनों को राजा भोज के पराक्रम के आगे घुटने टेकने पड़े। इस युद्ध में गंगेय और तेलंग की पराजय के बाद धार के लोगों ने उनकी हंसी उड़ाते हुए कहा कि 'कहां राजा भोज, कहां गंगू तेली'। तब से यह कहावत आज भी आम बोलचाल में इस्तेमाल की जाती है।
UPSC के एग्जाम में 26 वी रैंक
गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने इस कहावत का जवाब देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग के अधिकारियों से 2 मिनट का समय मांगा था। इसके अलावा उन्होंने सभी सवालों के खुलकर जवाब दीजिए। गुंजिता ने बताया कि इस कहावत के अलावा उनसे सामान्य ज्ञान और इकोनॉमिक्स क्रिकेट और टेनिस के बारे में भी कई सवाल पूछे गए। मेरा इंटरव्यू तो अच्छा रहा था। बस रिजल्ट का इंतजार था, जिसे देखकर मुझे संतुष्टि मिली है। बता दे सिविल सेवा परीक्षा 2022 के परिणाम में गुंजिता अग्रवाल को 26 वी रैंक मिली है
5वें अटेम्प्ट में मिली सफलता
गुंजिता ने बताया कि यूपीएससी का एग्जाम बहुत मुश्किल होता है मैंने हमेशा अपनी पिछली गलतियों से सीखा है और अपने ऊपर भरोसा दिखाया। हालांकि यह मेरा पांचवां अटेम्प्ट था। इसमें मुझे कामयाबी मिली है। उन्होंने जीत का मंत्र बताते हुए कहा कि अच्छी पढ़ाई के लिए समय का कोई निर्धारण नहीं होता। पहले आपको एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा। उसके बाद ही आपको सफलता मिल पाएगी।
सोशल मीडिया से बनाई दूरी
गूंजीता ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी थी। सेल्फ स्टडी (self-study) से सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस एग्जाम की तैयारी के लिए समय का उचित उपयोग करना ही सबसे बड़ा काम होता है। मैंने खुद नोटस तैयार किए और कहीं शंका होती थी तो इंटरनेट मीडिया की भी मदद ली।
पहले शीर्ष 4 स्थानों पर बेटियों
बता दे देश में सर्वाधिक प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा 2022 के पहले शीर्ष 4 स्थानों पर बेटियों ने जगह बनाई है। बेटियों ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2022 के परिणाम घोषित किए थे। परीक्षा में कुल 933 प्रतिभागी सफल रहे। दिल्ली विश्वविद्यालय की इशिता किशोर और डीयू की गरिमा लोहिया दूसरे स्थान पर रही आईआईटी हैदराबाद से बीटेक कर चुकी उमा हराती तीसरे और डीयू की स्मृति मिश्रा चौथे स्थान पर रही। लगातार दूसरे साल भी सिविल सेवा परीक्षा में सिर्फ तीन स्थानों पर बेटियों ने ही परचम लहराया है।












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