कारम डैम लीकेज मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, दो कंपनियां ब्लैक लिस्टेड, लाइसेंस भी सस्पेंड

एमपी सरकार ने कारम बांध बनाने वाली दोनों कंपनियों एएनएस कंस्ट्रक्शन और सारथी कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। साथ ही दोनों के लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिए है।

भोपाल, 18 अगस्त। मध्य प्रदेश सरकार ने कारम बांध बनाने वाली दोनों कंपनियों एएनएस कंस्ट्रक्शन और सारथी कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। साथ ही दोनों के लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिए है। भविष्य में मध्य प्रदेश सरकार इन दोनों कंपनियों को काम नहीं देगी। बता दें विपक्ष ने सरकार पर बांध निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को कारम डैम बनाने का काम दिया था। यह दोनों कंपनी 2016-17 और 2018 में ब्लैक लिस्टेड हो चुकी है।

कारम डैम में 11 अगस्त को शुरू हुआ था रिसाव

कारम डैम में 11 अगस्त को शुरू हुआ था रिसाव

जल संसाधन विभाग इंदौर नर्मदा ताप्ती कछार के मुख्य अभियंता सीएस घटोले की तरफ से जारी आदेश में बताया गया कि 10 अगस्त 2018 को एनएनएस कंस्ट्रक्शन नई दिल्ली को बांध निर्माण का ठेका दिया गया था। इस ठेके में 50% कार्य करने की अनुमति मेसर्स सारथी कन्स्ट्रक्शन ग्वालियर को कार्यपालन यत्री ने प्रदान की थी। इसमें आगे कहा गया कि कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 धार द्वारा समय समय पर जारी सूचना पत्रों, साइट ऑर्डर बुक एवं समय-समय पर अन्य दिए गए मौखिक निर्देशों के बावजूद भी कार्य को अनुबंध अनुसार निर्धारित समय एवं समुचित तरीके से नहीं किया गया। जिसके कारण निर्माणाधीन बांध में वर्षा का पानी भरने से 11 अगस्त को रिसाव शुरू हुआ हो गया था। 12 अगस्त को बांध के इम्बैंकमेंट स्लिप होना शुरू हो गए थे। इस संकट की स्थिति को टालने के लिए 18 ग्रामों को खाली करवाने एवं ग्रामीणों के पशुधन एवं जान-माल की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमों को बुलवाना पड़ा एवं पूरी प्रशासनीक टीम लगाकर बांध के किनारे से कट लगाकर बांध को पूरा खाली करना पड़ा।

कंपनी पर लगाएं ये प्रतिबंध

कंपनी पर लगाएं ये प्रतिबंध

धार जिले में कारण नदी पर फर्जी बांध बनाने वाली कंपनी पर सरकार ने कड़ा एक्शन लेते हुए प्रतिबंध लगा दिए हैं अब कंपनी निलंबन अवधि में नया पंजीयन नवीनीकरण नहीं करा सकेगी। कंपनी के किसी भी भागीदार का किसी दूसरे नाम से भी पंजीयन नहीं होगा। निविदा प्रतिस्पर्धा में खुद या भागीदार के नाम पर भाग नहीं ले सकेंगे। यदि किसी दूसरी कंपनी में भागीदारी करनी मृदा में शामिल होते हैं तो उस कंपनी को भी प्रतिबंध किया जाएगा। किसी भी श्रेणी में निविदा का प्रपत्र क्रिया नहीं कर पाएंगे। यदि कंपनी निविदा डालती है तो उसे इलीगल मांग कर फिर से निविदा आमंत्रित की जाएगी।

बता दें इस मामले में सरकार ने एक जांच कमेटी भी बनाई है। जिसको पांच दिन में अपनी रिपोर्ट जमा करने को कहा है। वहीं, विपक्ष सरकार पर लगातर हमलावर है। विपक्ष सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है।

तीसरा ठेकेदार कर रहा था काम

तीसरा ठेकेदार कर रहा था काम

प्रारंभिक जांच के अनुसार परियोजना का ठेका पहले वीआरएस कंपनी को मिला था लेकिन ई टेंडर घोटाला उजागर हो गया और निविदा निरस्त कर दी गई। 2018 में फिर से टेंडर खुला और एएनएस कंस्ट्रक्शन को ठेका मिला है। कंपनी ने ठेका लेते ही सारथी कंपनी को कमीशन पर काम सौंप दिया। इस कंपनी ने भी कमीशन पर काम आगे बढ़ा दिया और एक अन्य ठेकेदार को सौंप दिया। बस यही से भ्रष्टाचार की भू आना शुरू हो जाती है। कंपनी को अगस्त 2021 तक बांध तैयार करना था पर कोरोना और लॉक डाउन का हवाला देकर कंपनी ने 1 साल तक अतिरिक्त समय ले लिया अगस्त 2022 में डैम तैयार करना था लेकिन बेबी नहीं हुआ समय सीमा पूरी हो रही थी तो ऐसे में ठेकेदार ने मिट्टी की ताबड़तोड़ पाल बनाना शुरु कर दी। और फर्जी डैम तैयार कर दिया।

नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने ब्लैकलिस्टेड कंपनियों पर लगाए गंभीर आरोप

नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने ब्लैकलिस्टेड कंपनियों पर लगाए गंभीर आरोप

नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कारम डैम बनाने वाली ब्लैकलिस्टेड कंपनियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने फर्जी कंपनियों से बांध बनवाया है। ठेकेदारों के मंत्रियों से सीधे संबंध है। इस डैम की दुर्घटना सीधे-सीधे शिवराज सिंह चौहान सरकार के भ्रष्टाचार का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कारण बांध के निर्माण का मामला शिवराज सरकार के ईटेंडर घोटाले से जुड़ा हुआ है कागजों पर इस बांध के निर्माण का ठेका दिल्ली की एएनएस कंपनी को दिया गया,लेकिन जमीन पर काम सारथी कंस्ट्रक्शन नामक दूसरी कंपनी कर रही थी। सार्थी कंस्ट्रक्शन में 2018 में एक ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका था। एएनएस कंपनी भी 2016-17 में ब्लैकलिस्टेड की जा चुकी थी। अब बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि ऐसी ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को किसके इशारे पर काम दिया गया ?

नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह इतना ही नहीं रुके उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए बताया कि सारथी नाम की कंपनी के प्रमोटर अशोक भारद्वाज नाम के सज्जन बताए जाते हैं। हमारी जानकारी के मुताबिक 2020 में कांग्रेस के विधायकों को खरीदने में यह व्यक्ति मास्टरमाइंड था।

किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी सरकार

किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी सरकार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कारण बांध से पानी निकालने के कारण फसलों को हुए नुकसान को लेकर कहा कि किसानों को बिल्कुल चिंता करने की जरूरत नहीं है। जितना भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार करेगी इस घटना की जांच भी कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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