Shivpuri News: देसी गाय 18 लीटर दूध देकर जीता गोपाल अवार्ड, हरा चारा और पशु आहार खाकर बनी विजेता
मस्तराम ने बताया कि जब इस प्रतियोगिता की जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी गाय के नियमित खानपान में हरा चारा और पशु आहार खिलाना जारी रखा। इसके अलावा खली, चुनी भी देता हूं। गाय की बहुत ही नियमित देखभाल करते हैं।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बामौर गांव के मस्तराम ने यह साबित कर दिया है कि अगर गोवंश की ठीक से देखभाल की जाए तो देशी गाय भी विदेशी नस्ल की गायों से ज्यादा दूध दे सकती हैं। आपको बता दें कि मस्तराम की गिर गाय ने 17.897 लीटर दूध देकर एमपी सरकार से गोपाल अवार्ड जीता है। बताते चलें कि एमपी पशुपालन विभाग गायों की देसी नस्लों के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष गोपाल अवार्ड की घोषणा करता है। यह पुरस्कार सर्वाधिक दूध देने वाली 3 गायों को दिया जाता है।
शिवपुरी के सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित प्रतियोगिता के लिए प्रखंड के 24 पशुपालकों ने रजिस्ट्रेशन किया था। इनमें से 10 गायों को अधिक दुग्ध देने के लिए चुना गया था। इनमें से 3 सर्वश्रेष्ठ गायों का सिलेक्शन किया गया। इन 3 गायों में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाली गाय को प्रथम अवार्ड के रूप में 51 हजार रुपये, द्वितीय अवार्ड के रूप में 21 हजार रुपये और तृतीय अवार्ड के रूप में 11 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं।
प्रतियोगिता के दौरान 13 फरवरी को सुबह-शाम और 14 फरवरी की सुबह 3 बार दूध निकालने के आधार पर गायों के दूध का मापन किया गया। पुरस्कारों की घोषणा उप संचालक पशुपालन विभाग डॉक्टर एमसी तमोरी ने की, जिसमें शिवपुरी के बमौर ग्राम निवासी मस्तराम रावत की गिर गाय ने 17.897 लीटर दूध देकर पहला स्थान प्राप्त किया।
वहीं ग्राम बड़ागांव निवासी गोपाल सिंह गुर्जर की साहीवाल गाय ने 17.456 लीटर दूध देकर दूसरा पुरस्कार प्राप्त किया। साथ ही ग्राम जगती निवासी अशोक सिंह गुर्जर की साहीवाल गाय ने 16.197 लीटर दूध देकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा 7 अन्य प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
मस्तराम ने जानकारी दी कि जब उन्हें इस प्रतियोगिता के बारे में पता चला तो उन्होंने अपनी गाय के नियमित आहार में हरा चारा और पशु आहार देना जारी रखा। इसके अलावा चुनी भी देता था। वह नियमित रूप से गाय की देखभाल करता है। टाइम टाइम पर डॉक्टरों से जांच कराते रहें। वहीं, डॉक्टरों का मानना है कि देसी गाय का दूध दूसरी गायों के मुकाबले बेहतर और सेहतमंद होता है।












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