चुनाव से पहले सरपट दौड़ रही अवैध कॉलोनियों की फाइलें, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर में जारी हुई बिल्डिंग परमिशन
मध्य प्रदेश में दो माह बाद विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में अब अवैध कॉलोनियों की फाइल है सर पर दौड़ रही हैं सरकार की मंशा है कि चुनाव के पहले जो घोषणा की गई थी। उस दायरे में आने वाली अवैध कालोनियों को वैध कर लाखों लोगों को राहत दी जाएगी। इस मामले में पिछले दिनों एक समीक्षा बैठक भी हुई थी जिसकी रिपोर्ट में यह पता चला कि किस निकाय में कितनी कॉलोनियां वैध होने वाली हैं।
चुनावी साल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 में को अवैध कॉलोनी में रहने वाले लाखों लोगों को राहत देने का ऐलान किया था। इसके अनुसार दिसंबर 2022 तक की सभी अवैध कालोनियां वैध होना है। इसके पहले की घोषणा 2016 तक की कॉलोनी को वैध करने की थी। लेकिन सीएम की नई घोषणा के अनुसार दिसंबर 2022 तक इसमें अब करीब ढाई हजार कॉलोनियां और जुड़ जाएंगी।

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 162 निकाय ऐसे हैं, जिनमें सारी कॉलोनी वैध है। दरअसल राज्य के 413 नगरी निकायों में 31 दिसंबर 2016 तक अस्तित्व में आ चुकी अनादिकृत कॉलोनी को वेद करने की प्रक्रिया की जा रही है रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगमों में सर्वाधिक अवैध कानूनिया ग्वालियर में 429 हैं। खंडवा में ऐसी 338 कॉलोनी आए वहीं भोपाल में इसकी संख्या 320 और इंदौर में 196 है। सागर, रीवा, मुरैना, सिंगरौली, कटनी, रतलाम, देवास, उज्जैन और बुरहानपुर में आंकड़ा 100 से भी कम है।
ऐसे जारी हो रही परमिशन
मध्य प्रदेश में 16 नगर निगम है फिलहाल 11 में वैध की गई कॉलोनियों में बिल्डिंग परमिशन मिलने लगी है। राजधानी की 320 अनाधिकृत कॉलोनियों में से 238 को वैध करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। नगर निगम इन में 170 से अधिक बिल्डिंग परमिशन भी जारी कर चुका है। इंदौर में 100 कॉलोनीयों को वैध कर 65 उज्जैन की 33 में 100 खंडवा की 40 कॉलोनी में 10 भवन अनुज्ञा देवास की 95 में दो, रतलाम की 51 में 25, कटनी की 76 कॉलोनियों में 3 रीवा की 40 में दस और सतना की 137 कॉलोनी में 21 से अधिक बिल्डिंग परमिशन दी जा चुकी है।












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