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MP News Farmers: जानिए धार के धामनोद में क्यों हो रहा है किसान आंदोलन, 5,000 किसान हाईवे पर डटे

मध्य प्रदेश के धार जिले के धामनोद में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले शुरू हुआ किसान महाकुंभ सोमवार को चरम पर पहुंच गया। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी, बिजली दरों में कटौती, फसल बीमा की पारदर्शिता और पुराने वादों पर अमल जैसी मांगों को लेकर धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और अलीराजपुर जिले के करीब 5,000 किसान नेशनल हाईवे-52 (मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग) के खलघाट टोल प्लाजा पर डटे हुए हैं।

जिला प्रशासन ने आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए संपूर्ण धार जिले में धारा 144 (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163) लागू कर दी है, लेकिन किसानों ने साफ कर दिया कि उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। वे रात हाईवे पर ही गुजारेंगे और मंगलवार सुबह नई रूपरेखा तैयार करेंगे।

Farmers protest in Dhamnod Dhar MP highway blocked demands for MSP and loan waiver

सोमवार शाम तक आंदोलन का दायरा बढ़ता गया। किसानों ने हाईवे के बीचोंबीच पेड़ और लकड़ियां रखकर चक्का जाम किया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस ने फोरलेन की एक लेन पर ट्रैफिक बहाल करने की कोशिश की, तो किसानों ने वाहन रुकवाकर विरोध जताया। प्रशासन ने 400 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है, और ड्रोन से निगरानी तेज कर दी गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा, "किसान अपनी मांगें शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन के माध्यम से रख सकते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 जरूरी थी।" लेकिन किसान नेताओं का कहना है कि पिछले 5 महीनों में कई आवेदन दिए, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।

आंदोलन का बैकग्राउंड: 5 जिलों से 5,000 किसान, MSP और कर्जमाफी पर अड़े

यह आंदोलन राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ (मालवा-निमाड़) के आह्वान पर शुरू हुआ है। सोमवार सुबह धामनोद थाना क्षेत्र के खलघाट टोल प्लाजा पर किसान जुटने लगे। धार जिले के अलावा बड़वानी, खरगोन, खंडवा और अलीराजपुर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर हजारों किसान पहुंचे। उनका मुख्य निशाना केंद्र और राज्य सरकार की कृषि नीतियां हैं।

किसान नेता रामू नायक ने वनइंडिया हिंदी से कहा, "केंद्र सरकार ने 22 उद्योगपतियों का 11 लाख 41 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया, लेकिन हम किसानों का 9 हजार करोड़ का कर्ज क्यों नहीं माफ हो रहा? MSP कानूनी रूप से लागू हो, बिजली बिल आधा हो, फसल बीमा में पारदर्शिता आए - ये पुराने वादे हैं। हम शांतिपूर्ण हैं, लेकिन हाईवे पर डटे रहेंगे जब तक मांगें पूरी न हों।" आंदोलनकारियों ने सड़क पर ही भोजन बनाने की तैयारी शुरू कर दी। दूर-दर्राज से आए किसानों के लिए महासंघ ने भोजन, पानी और रात गुजारने की व्यवस्था की है। जो किसान चटाई-कंबल नहीं लाए, उनके लिए संघ ने इंतजाम किया।

धारा 144 लागू: कानून-व्यवस्था के नाम पर पाबंदियां, लेकिन किसान अड़े

जिला प्रशासन ने सोमवार दोपहर धारा 144 लागू करने का आदेश जारी किया। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा, "आंदोलन से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। धारा 144 के तहत 5 या इससे अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे, हथियार ले जाना प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।" यह आदेश संपूर्ण धार जिले की राजस्व सीमाओं पर लागू है।

धारा 144 (अब धारा 163) का मतलब है - भीड़ इकट्ठा न करना, शांतिपूर्ण प्रदर्शन को छोड़कर कोई सभा न हो। लेकिन किसान नेताओं ने इसे "दबाव की रणनीति" बताते हुए कहा, "हमारा आंदोलन संवैधानिक है। रात हाईवे पर गुजारेंगे, मंगलवार सुबह नई रूपरेखा बनाएंगे।" एक किसान ने बताया, "हमने आटा-दाल साथ लाए हैं, लंबा खिंच सकता है।"

कलेक्टर से बैठक बेनतीजा: "ज्ञापन दो", किसानों का जवाब - "मांगें पूरी करो"

सोमवार सुबह कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, लेकिन यह बेनतीजा रही। कलेक्टर ने कहा, "मांगें केंद्र सरकार से हैं, हम ज्ञापन लेकर भेज देंगे। शांतिपूर्ण रहें।" लेकिन किसानों ने कहा, "पिछले 5 महीने में कई ज्ञापन दिए, कोई फायदा नहीं। अब सड़क पर उतरना पड़ेगा।" बैठक के बाद किसानों ने हाईवे जाम कर दिया।

प्रशासन ने हाईवे के सभी टोल प्लाजा पर पुलिस तैनात कर दी। फोरलेन की एक लेन पर ट्रैफिक बहाल करने की कोशिश में किसानों ने विरोध किया। ड्रोन से निगरानी हो रही है, और 400 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं। एक अधिकारी ने बताया, "स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लंबा खिंचने पर और बल लगेगा।"

महासंघ की व्यवस्था: सड़क पर भोजन, रात का इंतजाम - आंदोलन लंबा चल सकता है

राष्ट्रीय किसान महासंघ ने आंदोलन को संगठित रूप से चलाने का इंतजाम किया। सड़क पर ही भोजन बनाने के लिए लकड़ियां जल रही हैं। महासंघ ने चाय-पानी, भोजन और चटाई-कंबल की व्यवस्था की। एक महिला किसान ने कहा, "हमारे पति-बेटे खेतों में हैं, लेकिन MSP न मिलने से परिवार भूखा है। यहां डटे रहेंगे।"

किसान नेताओं का अनुमान है कि आंदोलन 3-4 दिन या इससे ज्यादा चल सकता है। X पर एक पोस्ट में लिखा गया, "धार के खलघाट पर किसान महाकुंभ: एमएसपी समेत अन्य मांगों को लेकर हाईवे पर किसान। आंदोलन लंबा चल सकता है।"

यातायात प्रभावित: रूट डायवर्शन, आमजन परेशान

हाईवे जाम से इंदौर-मुंबई रूट बुरी तरह प्रभावित है। वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया जा रहा है। यात्रियों को 40-50 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। एक ट्रक ड्राइवर ने कहा, "सुबह से फंसे हैं, भोजन-पानी की दिक्कत हो रही।"

राजनीतिक रंग: विपक्ष ने सरकार को घेरा, सत्ता ने शांतिपूर्ण रहने की अपील

कांग्रेस ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा, "किसान MSP की गारंटी मांग रहे हैं, सरकार क्यों बहरे बने हुए?" प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितू पटवारी ने ट्वीट किया, "धार के किसान सड़क पर हैं, MSP लागू करो!" वहीं, भाजपा ने अपील की, "शांतिपूर्ण रहें, सरकार संवेदनशील है।"

किसानों की हुंकार, प्रशासन अलर्ट - क्या होगा मंगलवार का?

धार का यह आंदोलन मध्य प्रदेश के निमाड़-मालवा क्षेत्र की किसान असंतोष को उजागर कर रहा है। 5,000 किसान हाईवे पर डटे हैं, धारा 144 के बावजूद आंदोलन जारी। मंगलवार सुबह नई रणनीति बनेगी - क्या MSP पर केंद्र सरकार कदम उठाएगी? वनइंडिया हिंदी धामनोद से लाइव अपडेट लाता रहेगा। क्या आपके इलाके के किसान भी आंदोलन में हैं? कमेंट में बताएं।

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