Dog: लालू और कालू गैंग की दहशत, 22 दिन में 239 को किया घायल, विदिशा प्रशासन के पास नहीं है पकड़-धकड़ के इंतजाम
विदिशा जिले में आवारा कुत्ते शहर में अनेक स्थानों पर राहगीरों पर हमला करके काट रहे हैं इनके हमले के शिकार लोग रोज जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
विदिशा में आवारा लालू और कालू गैंग की दहशत बढ़ती जा रही है। मौका मिलते ही राहगीरों को निशाना बना कर घायल कर रहे हैं। 'आवारा गैंग' चौक हो या फिर तिराह, गली हो या रात, इनकी दहशत ने नागरिकों को खासा परेशान कर रखा है। दरअसल लालू और कालू की ये गैंग आवारा कुत्तों की गैंग है। आवारा कुत्ते शहर में अनेक स्थानों पर राहगीरों पर हमला करके काट रहे हैं। इनके हमले के शिकार लोग रोज जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं मिली जानकारी के अनुसार आवारा कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि 1 दिसंबर से 23 दिसंबर तक दोपहर 1:30 बजे तक अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए 239 पीड़ित पहुंचे। प्रशासन और नगर पालिका आवारा कुत्तों की धरपकड़ करवाने के मामले में गंभीर नजर नहीं आ रही है,जबकि ये आवारा कुत्ते रोज किसी न किसी व्यक्ति को काटकर घायल कर रहे हैं। वहीं आवारा कुत्तों की दहशत इस कदर लोगों में बढ़ गई कि कुत्तों के समूह में शामिल लाल रंग के कुत्ता को देखकर लालू की गैंग और काले रंग के कुत्ते को देखकर कालू की गैंग कहकर डरने लगे हैं।

1 दिन में 16 को काटा 170 लोगों को लगे एंटी रेबीज
आवारा कुत्तों के काटे जाने के मामले विदिशा जिला अस्पताल में रोज पहुंच रहे हैं। जहां डॉक्टर पीड़ितों का परीक्षण करने के बाद उपचार कर रहे हैं जिला अस्पताल के इंजेक्शन कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की दोपहर 1:30 बजे तक कुत्ता काटे जाने के शिकार 16 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया जा चुका था। वहीं 1 दिसंबर से 23 दिसंबर तक ओपीडी समय में इंजेक्शन कक्ष में 22 दिन में 180 आवारा कुत्तों के काटे जाने के शिकार लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया है। इन 180 लोगों की संख्या दो मामले बिल्ली और एक बंदर के काटे जाने का मामला भी शामिल है।

इधर 69 को इमरजेंसी में लगा एंटी रेबीज इंजेक्शन
आवारा कुत्तों ने नागरिकों को खासा परेशान कर रखा है। विदिशा जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 1 दिसंबर से 22 दिसंबर तक 69 लोग कुत्तों के काटे जाने का शिकार हुए है, ऐसे लोग उपचार कराने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। जिन्हें आपातकालीन सेवा के दौरान अस्पताल में एंट्री रेबीज इंजेक्शन लगाया गया। ओपीडी टाइम और इमरजेंसी सेवा के दौरान दिसंबर के 22 दिन में 240 लोग आवारा कुत्तों के काटने के शिकार हुए हैं। जिन्हें रेबीज इंजेक्शन लगाया गया है जबकि दिसंबर का महीना समाप्त होने में अभी 7 दिन बाकी है।

सबसे ज्यादा होता है रात में खतरा
आवारा कुत्तों का खतरा सबसे ज्यादा रात के समय बना रहता है रात के समय अनेक स्थान पर कुत्ते समूह के रूप में देखे जा सकते हैं, जो राहगीरों को देखते झपट पड़ते हैं। रात 9 बजे के बाद आवारा कुत्ता जगह-जगह समूह के रूप में एकत्रित हो जाते हैं, जो राहगीरों को देखते ही काटने को दौड़ने लगते है। कई बार तो हालात ऐसे निर्मित हो जाते हैं कि बाइक चालक बचाव करने के चक्कर में गिर कर घायल तक हो जाते हैं।

इन क्षेत्रों में अधिक आवारा कुत्तों की संख्या
सीएमओ विदिशा सीपी राय का कहना है कि शहर में एबीसी सेंटर बनाया जाएगा। उसके लिए स्थान की तलाश की जा रही है। एक-दो दिन में तय हो जाएगा। इसके बाद आवारा कुत्तों को पकड़कर इस सेंटर में रखा जाएगा। वैसे तो विदिशा शहर में सभी क्षेत्र में आवारा कुत्ते आसानी से देखे जा सकते हैं। शेरपुरा, बंटी नगर, आज्ञाराम कॉलोनी, टीला खेड़ी, कॉलोनी करिया खेड़ा,पुरनपुरा रामद्वारा, अहमदपुर तिराह, पीतल मिल, दुर्गा नगर, राजीव नगर, डंडा पूरा, बजरिया आनंदी पुरारोड, किले अंदर, बक्सरिया खरी फटक,पुरानी गल्ला मंडी रोड, बस स्टैंड, सिंधी कॉलोनी, मुगल टोला, लोहा बाजार, खाई रोड आदि क्षेत्रों में 12 कुत्ते बहुत संख्या में हैं।
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