MP News: मध्य प्रदेश के 50 लाख बच्चों का भविष्य किसने छीना? जीतू पटवारी का भाजपा सरकार पर सीधा हमला
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हालिया बयान को हथियार बनाते हुए सवाल उठाया - "मध्य प्रदेश के 50 लाख बच्चों का भविष्य किसने छीना?"
पटवारी ने दावा किया कि सात सालों में 1 करोड़ 60 लाख से घटकर 1 करोड़ 4 लाख बच्चे ही स्कूलों में बचे हैं। उन्होंने इसे "भाजपा सरकार की सबसे बड़ी विफलता" करार दिया और कहा कि केंद्रीय मंत्री ने खुद मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सरकार का "असली चेहरा" उजागर कर दिया।

पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैं धर्मेंद्र प्रधान जी को हृदय से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने स्वीकार किया कि मध्यप्रदेश में लाखों बच्चे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यह 25 साल पुरानी भाजपा सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण है।"
7 साल में 56 लाख बच्चे गायब? पटवारी के आंकड़े और सवाल
पटवारी ने शिक्षा विभाग के आंकड़े पेश करते हुए कहा:
- 2018 में: 1 करोड़ 60 लाख बच्चे स्कूलों में पढ़ते थे।
- 2025 में: सिर्फ 1 करोड़ 4 लाख बच्चे बचे।
- यानी: 56 लाख बच्चे "गायब" हो गए।
उन्होंने पूछा, "यह आंकड़ा नहीं, 50 लाख से अधिक बच्चों का खोया हुआ भविष्य है। भाजपा सरकार इसका जवाब दे - ये बच्चे कहां गए?"
बजट 5 गुना बढ़ा, लेकिन दूध-सेब तक नहीं पहुंचा? पटवारी ने बजट का तुलनात्मक आंकड़ा दिया:
- - 2018 में शिक्षा बजट: करीब 7,000 करोड़ रुपये
- - 2025 में: 37,000 करोड़ रुपये (5 गुना बढ़ोतरी)
उन्होंने तंज कसा, "पैसा 5 गुना बढ़ गया, तो बच्चे दूध, सेब और अंजीर क्यों नहीं पा रहे? मिड-डे मील में दाल नहीं, दूध नहीं। आखिर ये पैसा कौन खा रहा है?"
"मुख्यमंत्री जी, आपके ही मंत्री ने आईना दिखा दिया"
पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सीधे निशाने पर लिया: "जब कांग्रेस तर्क और तथ्य के साथ सवाल उठाती है, आप सदन में बहस बंद कर देते हैं। आज आपके ही केंद्रीय मंत्री ने आपको आईना दिखा दिया। अब इस बदरंग चेहरे को देखने से बचिए मत।"
उन्होंने कहा कि शिक्षा में भ्रष्टाचार के "असंख्य दाग" साफ दिख रहे हैं। विभागीय समीक्षा ईमानदारी से होनी चाहिए।
सरकार का जवाब: "आंकड़े गलत, कांग्रेस भ्रम फैला रही"
शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पटवारी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने 15 साल राज किया, तब स्कूलों की हालत खराब की। हमने 37,000 करोड़ बजट दिया, 20,000 नए शिक्षक भर्ती किए। बच्चे घटने का दावा झूठ है - RTE और ड्रॉपआउट रोकने के लिए हम काम कर रहे हैं। मिड-डे मील में दूध-सेब की योजना चल रही है।"
राजनीतिक असर: 2028 से पहले शिक्षा पर नया विवाद
यह मुद्दा 2028 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए नई चुनौती बन सकता है। कांग्रेस इसे "बच्चों का भविष्य छीनने" का हथियार बना रही है। पटवारी ने कहा, "यह राजनीति नहीं, बच्चों के भविष्य का सवाल है। कांग्रेस सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी।"
50 लाख बच्चों का सवाल, जवाब कौन देगा?
जीतू पटवारी का यह हमला भाजपा सरकार को बैकफुट पर ला सकता है। आंकड़े सही हों या गलत, शिक्षा व्यवस्था पर सवाल गंभीर हैं। क्या सरकार जवाब देगी या इसे भी "राजनीति" कहकर टाल देगी? वनइंडिया हिंदी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए है।
*(रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी संवाददाता। जीतू पटवारी प्रेस कॉन्फ्रेंस, शिक्षा विभाग आंकड़े और सरकारी बयानों पर आधारित।)*












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