CM मोहन यादव ने बाढ़ और अतिवृष्टि प्रभावित 17,500 किसानों के खातों में डाले 20.6 करोड़, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। शनिवार, 6 सितंबर 2025 को, उन्होंने 11 जिलों के 17,500 किसानों के बैंक खातों में 20 करोड़ 6 लाख रुपये की मुआवजा राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से जमा की।

यह राशि शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला, और कटनी जिलों के किसानों को दी गई, जिनकी फसलें बाढ़ और अतिवृष्टि की वजह से बर्बाद हो गई थीं। इस मौके पर भोपाल के मुख्यमंत्री निवास, समत्व भवन, से वर्चुअल चर्चा के दौरान सीएम ने किसानों से संवाद किया और उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ है।

CM Mohan Yadav deposited Rs 20 crore in the accounts of 17 500 flood and heavy rain affected farmers

किसानों की मुस्कान, मध्य प्रदेश की ताकत

वर्चुअल चर्चा में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, "किसानों की मुस्कान ही मध्य प्रदेश सरकार की ताकत है। बारिश ने भले ही आपकी फसलों को नुकसान पहुँचाया हो, लेकिन अगली फसल इसकी भरपाई कर देगी। हमारा लक्ष्य है कि हर किसान संकट से उबरकर फिर से खड़ा हो।" उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को 188.52 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इस राशि में पहले 30 करोड़ रुपये और अब 20.6 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।

सीएम ने अनंत चतुर्दशी और आगामी त्योहारों के लिए भी किसानों को बधाई दी और कहा कि सरकार उनकी हर मुश्किल में साथ खड़ी है।

धार में केले के तने से बनेगा कपड़ा

वर्चुअल संवाद के दौरान धार जिले के एक किसान ने बताया कि उनकी 4 बीघा केले की फसल बाढ़ में बर्बाद हो गई, जिसके लिए उन्हें 58,000 रुपये का मुआवजा मिला। किसान ने यह भी साझा किया कि वे केले के तने से खाद बनाते हैं, जो कीटनाशक के रूप में काम आता है। इस पर सीएम ने एक अनोखी पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा, "धार जिले में जल्द ही केले के तने के रेशे से कपड़ा बनाने का कारखाना शुरू होगा। इससे किसानों को न केवल फसल का पैसा मिलेगा, बल्कि तने के रेशे का भी अतिरिक्त लाभ होगा। यह 'आम के आम, गुठलियों के दाम' जैसी स्थिति होगी।"

धार के ही एक अन्य किसान जगदीश ने बताया कि उनकी 7 बीघा पपीते की फसल को नुकसान हुआ, जिसके लिए उन्हें 39,000 रुपये का मुआवजा मिला। धार विधायक ने गर्व के साथ बताया कि धार का पपीता उत्तर प्रदेश तक जाता है। इस पर सीएम ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "पपीते को विदेश तक भेजो, मध्य प्रदेश का नाम और ऊँचा करो!"

शिवपुरी से चर्चा: "भोपाल आओ, यह आपका ही निवास है"

सीएम ने सबसे पहले शिवपुरी के बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से बात की। ग्रामीण राघवेंद्र और अन्य से उन्होंने पूछा, "जितना नुकसान हुआ, क्या उसके हिसाब से मुआवजा मिला?" राघवेंद्र ने बताया कि उन्हें पर्याप्त राहत राशि मिली है। सीएम ने गर्मजोशी से कहा, "कभी भोपाल आओ तो जरूर मिलना, यह आपका ही निवास है।" इस संवाद ने किसानों में विश्वास जगाया कि सरकार उनकी हर बात सुन रही है।

दमोह में हल्की-फुल्की चुटकी

दमोह के नागरिकों से बात करते हुए सीएम ने एक रोचक पल साझा किया। दमोह के संग्राम सिंह, जो मंडल अध्यक्ष हैं, ने कहा कि उन्होंने प्रण लिया था कि जब तक धर्मेंद्र सिंह लोधी मंत्री नहीं बनेंगे, वे शादी नहीं करेंगे। इस पर सीएम ने हँसते हुए चुटकी ली, "आपने मुझे पहले बताया क्यों नहीं? नहीं तो हम उन्हें मंत्री न बनाते!" इस मजाक ने माहौल को हल्का कर दिया, और किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी।

अशोकनगर: "साहब को बता देना, वादा निभा दिया"

अशोकनगर के किसान कल्याण सिंह ने बताया कि उनकी 25 बीघा मक्का की फसल को नुकसान हुआ, जिसके लिए उन्हें 10,000 रुपये का मुआवजा मिला। सीएम ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ अशोकनगर का दौरा किया था और वहाँ राहत का वादा किया था। उन्होंने हँसते हुए कहा, "साहब को बता देना कि हमने वादा निभा दिया!" इस बात से किसानों में सरकार के प्रति भरोसा और बढ़ा।

छतरपुर और रायसेन से संवाद

छतरपुर के किसान रमेश यादव ने बताया कि उनकी मूंगफली की फसल को नुकसान हुआ। सीएम ने मजाक में पूछा, "जितना मुआवजा मिला, वही बता रहे हो ना, किसी के कहने पर तो नहीं बोल रहे?" इस हल्के-फुल्के अंदाज ने किसानों को सहज किया। रायसेन के किसानों से भी सीएम ने नुकसान और मुआवजे की जानकारी ली और उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव मदद करेगी।

मुआवजा कैसे मिलेगा?

प्रक्रिया: मुआवजा राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए जमा की गई है। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी किसान को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

सर्वे: बाढ़ और अतिवृष्टि के बाद प्रशासन ने तेजी से नुकसान का सर्वे किया। 12,000 हेक्टेयर से ज्यादा का रकबा प्रभावित हुआ, जिसमें फसलें, मकान, और पशुधन को नुकसान हुआ।

फसल बीमा: जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है, वे 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी, कृषि विभाग, या हेल्पलाइन पर जानकारी देकर अतिरिक्त मुआवजा पा सकते हैं।

अन्य सहायता: मकान क्षति और पशुहानि के लिए भी राहत राशि दी जा रही है। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे के भीतर जनहानि और पशुहानि के मामलों में मदद पहुँचाई जाए।

बाढ़ का प्रभाव: आंकड़े

जानहानि: बाढ़ और अतिवृष्टि में 394 लोगों की मौत हुई।

मकान क्षति: 5,000 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हुए।

पशुहानि: 1,814 पशुओं की जान गई।

फसल नुकसान: 12,000 हेक्टेयर से ज्यादा का रकबा प्रभावित हुआ।

सोशल मीडिया पर चर्चा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पहल की खूब सराहना हो रही है। एक यूजर ने लिखा, "सीएम मोहन यादव ने किसानों के लिए जो किया, वह दिल को छू गया। 20.6 करोड़ का मुआवजा और केले के तने से कपड़ा बनाने की योजना गजब है!" एक अन्य यूजर ने लिखा, "किसानों की मुस्कान ही मध्य प्रदेश की ताकत है, सीएम साहब ने यह साबित कर दिया।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+