bhim army: भोपाल के भेल दशहरा मैदान में चंद्रशेखर रावण भरेंगे हुंकार, लाखों की संख्या में जुटे कार्यकर्ता
मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भीम आर्मी की आजाद समाज पार्टी और आदिवासियों की जयस मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

bhim army rally: राजधानी भोपाल में भीम आर्मी के नेतृत्व में दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के संगठनों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन है। भेल दशहरा मैदान में आयोजित इस शक्ति प्रदर्शन में आजा समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रावण और भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विनय रतन सिंह संबोधित करेंगे। इस शक्ति प्रदर्शन में ओबीसी महासभा और आदिवासी संगठन जयस के नेता भी शामिल हो रहे हैं। सभा को संबोधित करने ओबीसी नेता प्रीतम सिंह लोधी, व्यापम कांड के विसलब्लोअर डॉक्टर आनंद राय और आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील आस्तेय भी भोपाल पहुंचे हैं।

बीती रात से ही जुटने लगे थे कार्यकर्ता
भीम आर्मी के शक्ति प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रात भर से ही भोपाल में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता जुटना शुरू हो गए थे। हालांकि प्रशासन ने भीम आर्मी को केवल 20 लोगों की ही अनुमति दी है। लेकिन आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार आस्ते ने दावा किया है कि शक्ति प्रदर्शन में करीब 5 लाख लोग भोपाल पहुंचेंगे। इसी को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है और ट्रैफिक को डाइवर्ट करना शुरू कर दिया है। बता दे भोपाल में पहली बार चंद्रशेखर रावण के नेतृत्व में भीम आर्मी एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है।

पंचायत और नगरी निकाय के जनप्रतिनिधि भी शामिल
भीम आर्मी के इस प्रदर्शन में दलित आदिवासियों के अलावा पंचायत और नगरी निकाय के वो नेता जो कांग्रेस बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। ऐसे जनप्रतिनिधि भी इस शक्ति प्रदर्शन में शामिल होने वाले है। मध्यप्रदेश में साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होना है, इसलिए लिहाज से एससी एसटी और ओबीसी वर्ग का संयुक्त प्रदर्शन काफी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आज आज समाज पार्टी मध्यप्रदेश में होने वाले चुनाव में छोटे दलों के साथ गठबंधन करके अपने उम्मीदवार उतार सकती है।

भोपाल भेल दशहरा मैदान में इन मुद्दों पर हो रही है रैली
- देश में जातिगत जनगणना कराई जाए
- प्रदेश सरकार से प्रमोशन में आरक्षण का कानून बनवाने के लिए
- कमजोर वर्ग के लोगों पर प्रशासन के द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज कराने के खिलाफ
- संविधान की प्रस्तावना से सेक्यूलर और सोशलिस्ट शब्द हटाने के षड्यंत्र के खिलाफ
- आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए
- केंद्र और राज्य सरकारों से आर्थिक बराबरी का कानून लागू करवाने के लिए
- एससी-एसटी एक्ट के तहत मृतक के परिवार को दी जाने वाली छतिपूर्ति की राशि बढ़ाकर ₹30 लाख करवाने के लिए
- मनरेगा की दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर न्यूनतम ₹700 किए जाने के लिए
- शिक्षा का राष्ट्रीयकरण कर सर्वनाश रुकवाने के लिए
- मध्य प्रदेश सरकार के सरकारी महाविद्यालय में चुनावी प्रक्रिया बहाल कराने के लिए
- निजी करण के नाम पर सरकारी प्रतिष्ठानों को बेचने के खिलाफ
- निजीकरण के सारे आरक्षण समाप्त करने के षड्यंत्र के खिलाफ और ओबीसी की जाति जनगणना 27% आरक्षण लागू करने के लिए
- Sc.st, obc, मुस्लिम अल्पसंख्यक के बहन बेटियों और बच्चों पर हो रहे अन्याय अत्याचार के खिलाफ
- बेकसूर लोगों के घरों पर प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाने के खिलाफ
- गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को जीएसटी से मुक्त करवाने के लिए.....

मध्यप्रदेश में नहीं चली जातिवादी राजनीति
हालांकि प्रदेश में जातिवादी राजनीति करने वाले दल चाय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी हो या बहुजन समाज पार्टी ऐसे दलों का वजूद ही खत्म हो गया था, लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सक्रिय संगठन भीम आर्मी के मध्यप्रदेश में आने से और दलित आदिवासियों का भीम आर्मी को मिल रहा जनसमर्थन 2023 के विधानसभा चुनाव को रोचक बना सकता है।












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