MP शिवपुरी में रिटायर्ड DSP के साथ पत्नी और बेटों ने क्यों की मारपीट, जानिए पूरा मामला, रिटायरमेंट फंड पर बवाल
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रिटायर्ड डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) प्रतिपाल सिंह यादव को उनकी पत्नी और दो बेटों ने कथित तौर पर रस्सी से बांधकर मारपीट की। यह घटना चंदावनी गांव में 20 अगस्त 2025 को हुई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया।
पुलिस ने इस मामले में प्रतिपाल की पत्नी माया यादव और उनके बेटों आकाश और अभास यादव के खिलाफ डकैती और गैरकानूनी बंधन का मामला दर्ज किया है। इस घटना के पीछे रिटायरमेंट फंड को लेकर पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, इस घटना ने न केवल पारिवारिक रिश्तों की कड़वाहट को उजागर किया, बल्कि समाज में नैतिकता और पारिवारिक मूल्यों पर भी सवाल उठाए हैं।

रिटायरमेंट फंड को लेकर विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस मारपीट का कारण प्रतिपाल सिंह यादव के रिटायरमेंट फंड को लेकर पारिवारिक विवाद है। कुछ महीने पहले श्योपुर जिले में अपनी अंतिम पोस्टिंग के बाद रिटायर्ड हुए प्रतिपाल को उनके प्रोविडेंट फंड से 20 लाख रुपये प्राप्त हुए थे, जबकि 33 लाख रुपये की रिटायरमेंट राशि अभी बकाया है। बताया जा रहा है कि माया यादव और उनके बेटे आकाश और अभास इस राशि को लेकर प्रतिपाल पर दबाव बना रहे थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रतिपाल पिछले 15 वर्षों से अपनी पत्नी और बेटों से अलग रह रहे थे। वे मध्य प्रदेश में रहते थे, जबकि उनकी पत्नी और बेटे उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में रहते हैं। उनकी बेटी गोरखपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। 20 अगस्त को माया और उनके बेटे चंदावनी गांव में प्रतिपाल के घर पहुंचे और रिटायरमेंट फंड को लेकर उनसे झांसी चलने की मांग की। जब प्रतिपाल ने मना किया, तो कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई और उनका एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन छीन लिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश
घटना के वायरल वीडियो के बाद भौंती पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माया यादव, आकाश यादव, और अभास यादव के खिलाफ डकैती (आईपीसी धारा 392) और गैरकानूनी बंधन (आईपीसी धारा 342) का मामला दर्ज किया। पिच्छौर के सब-डिवीजनल ऑफिसर ऑफ पुलिस (एसडीओपी) प्रशांत शर्मा ने कहा, "हमारी जांच में पुष्टि हुई है कि रिटायर्ड डीएसपी प्रतिपाल सिंह यादव को उनकी पत्नी और बेटों ने बांधकर मारपीट की। उन्होंने उनका एटीएम कार्ड छीन लिया और भाग गए। आरोपियों की तलाश के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है।"
हालांकि, प्रतिपाल ने इस मामले में अपने बेटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से मना किया। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे अपने बेटों का भविष्य खराब नहीं करना चाहते। उन्होंने अपने बड़े बेटे को 5 लाख रुपये और छोटे बेटे को 15 लाख रुपये देने का वादा किया है। इस बयान ने इस मामले को और जटिल बना दिया है, क्योंकि यह पारिवारिक रिश्तों में गहरी कड़वाहट और भावनात्मक जटिलताओं को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का हस्तक्षेप
जब मारपीट की घटना हो रही थी, तब पड़ोसियों ने हस्तक्षेप किया और प्रतिपाल को बचाया। एक पड़ोसी, राकेश तोमर ने बताया, "हमने शोर सुना और देखा कि प्रतिपाल जी को उनके बेटे मार रहे थे। हमने तुरंत हस्तक्षेप किया और उन्हें बचाया। यह देखकर बहुत दुख हुआ कि एक सम्मानित पुलिस अधिकारी के साथ ऐसा व्यवहार हुआ।" पड़ोसियों के हस्तक्षेप के बाद माया और उनके बेटे गांव छोड़कर फरार हो गए।
पारिवारिक विवाद और सामाजिक सवाल
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट और पैसे की लालच को भी उजागर करती है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि रिटायरमेंट फंड और संपत्ति को लेकर परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं, खासकर तब जब परिवार के सदस्य लंबे समय तक अलग रहते हैं। एक स्थानीय समाजशास्त्री, डॉ. अनिता शर्मा ने कहा, "यह मामला दर्शाता है कि आर्थिक लालच और संवाद की कमी कैसे रिश्तों को नष्ट कर सकती है। हमें परिवारों में आपसी समझ और संवाद को बढ़ावा देना होगा।"












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