Bihar Chunav Result 2025: भाजपा की भारी जीत, महागठबंधन का सफाया; नरोत्तम मिश्रा का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि कांग्रेस-राजद के महागठबंधन को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस को मात्र 8 सीटें मिलीं, जो पार्टी के लिए ऐतिहासिक झटका माना जा रहा है।
इस बीच, मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी दहाई अंक तक नहीं पहुंच पाए और उनकी भ्रम की राजनीति अब जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई और दोपहर तक एनडीए ने बहुमत के आंकड़े 122 को पार कर लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि 'सुशासन बाबू' नीतीश कुमार की छवि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और विकास के एजेंडे ने एनडीए को मजबूत बनाया।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 24-27 सीटों पर आगे है, जबकि 61 सीटों पर लड़ी कांग्रेस मात्र 4-6 सीटों तक सिमट गई। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का खाता खुलने की कोई उम्मीद नहीं है, जबकि मुकेश सहनी की पार्टी भी खाली हाथ नजर आ रही है। निर्दलीय और अन्य उम्मीदवार 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
नरोत्तम मिश्रा का राहुल गांधी पर हमला
परिणाम आने के तुरंत बाद ग्वालियर में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मिश्रा ने कहा, "मैंने पहले ही कहा था कि राहुल गांधी दहाई अंक तक नहीं पहुंच पाएंगे। और देखिए, वह दहाई अंक तक भी नहीं पहुंच पाए। उन्हें 10 सीटें भी नहीं मिलीं... उन्हें पहले ही पता चल गया था कि बिहार में भी उनकी सरकार नहीं बनेगी।"
मिश्रा ने आगे कहा, "राहुल गांधी ने लोकसभा में भ्रम की राजनीति की। अब देश की जनता राहुल गांधी के झांसे में नहीं आएगी। राजद और राहुल गांधी का सफाया हो गया है..."। मिश्रा का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस की हार राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की कमजोर होती पकड़ को दर्शाती है।
मिश्रा की टिप्पणी पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा बिहार में ईवीएम और धांधली के सहारे जीती है, और जनता जल्द ही इसका जवाब देगी। हालांकि, स्वतंत्र पर्यवेक्षकों ने चुनाव को निष्पक्ष बताया है।
मतगणना का सफर: रुझानों में उलटफेर
मतगणना की शुरुआत डाक मतपत्रों से हुई, जहां एनडीए ने शुरुआती बढ़त ली। सुबह 9 बजे तक एनडीए 85 सीटों पर आगे था, जबकि महागठबंधन 57 पर। लेकिन दोपहर होते-होते एनडीए ने 200 का आंकड़ा पार कर लिया। चुनाव आयोग के 3 बजे के आंकड़ों में भाजपा 92, जदयू 83, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 20-21 और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) 5 सीटों पर लीड कर रही थी। महागठबंधन में राजद ही दोहरी अंकों में (26-27) दिख रही है, कांग्रेस 4 पर सिमटी हुई है।
इस बार बिहार में दो फेज में 67.10% मतदान हुआ, जो 2020 के 57.05% से करीब 10% ज्यादा है। यह रिकॉर्ड मतदान विकास और परिवर्तन की भूख को दर्शाता है। एनडीए ने '160 पार' का लक्ष्य रखा था, लेकिन रुझान 200 पार की ओर इशारा कर रहे हैं। मुस्लिम बहुल सीटों पर भी एनडीए ने कमाल किया, जहां 16 सीटों पर बढ़त हासिल की।
बड़े चेहरों की जंग: यादव परिवार को झटका
मुख्य मुकाबलों में महागठबंधन के चेहरे तेजस्वी यादव राघोपुर से 4,829 वोटों से पीछे चल रहे हैं। उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव महुआ से भी ट्रेलिंग कर रहे हैं। एनडीए की ओर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तारापुर से मजबूत लीड (13,186 वोट) के साथ आगे हैं। भाजपा की लोकप्रिय गायिका पत्नी पवन सिंह की पत्नी (भाजपा प्रत्याशी) काराकाट से लगातार पीछे चल रही हैं। जदयू के बहुबली अनंत सिंह मोकामा से आगे हैं, जबकि भाजपा के नीतीश मिश्रा झंझारपुर से जीत की ओर हैं।
अन्य उल्लेखनीय: भाजपा की मैथिली ठाकुर अलीनगर से 8,544 वोटों से लीड कर रही हैं। जदयू की श्वेता गुप्ता शिवहर से 10,151 वोटों से आगे हैं। लोजपा के राजू तिवारी गोविंदगंज से कांग्रेस के शशि भूषण राय को हरा चुके हैं।












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