भोपाल में ऑपरेशन मुस्कान: 4 साल की मासूम को 1 और 16 साल की किशोरी को 48 घंटे में ढूंढकर परिजनों से मिलाया
भोपाल। जब घर का नन्हा बच्चा या किशोर अचानक गायब हो जाए तो मां-बाप की हालत क्या होती है, ये सिर्फ वही समझ सकता है जिसने वो दर्द झेला हो। लेकिन भोपाल की अयोध्यानगर पुलिस ने पिछले 48 घंटों में दो परिवारों की दुनिया फिर से हंसा दी।
रात के 12:30 बजे थे। अयोध्यानगर इलाके में एक परिवार में कोहराम मच गया। 4 साल की बिटिया घर से खेलते-खेलते कहीं खो गई। माता-पिता थाने पहुंचे तो आंखों में आंसू और हाथ-पैर फूले हुए थे। थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने तुरंत टीम गठित की।

आस-पास के CCTV खंगाले गए, मोहल्ले में दबिश दी गई। और महज 58 मिनट बाद खबर आई - बच्ची पास के एक घर में खेलते हुए मिल गई। जब पुलिस बच्ची को गोद में लेकर घर लौटी तो मां की चीख निकल पड़ी - "मेरी बिटिया लौट आई!" पूरा मोहल्ला तालियां बजा उठा।
दूसरी घटना - 48 घंटे की जद्दोजहद
24 नवंबर को 16 साल की एक किशोरी घर से बिना बताए चली गई। परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। अपराध क्रमांक 504/25 दर्ज हुआ। पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की - मोबाइल लोकेशन, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की CCTV चेक की गई। मुखबिर सक्रिय हुए। 26 नवंबर को बड़ी खबर आई - बच्ची भोपाल रेलवे स्टेशन के आसपास मिली। उसे सकुशल घर पहुंचाया गया। मां ने पुलिस वालों के पैर पकड़ लिए।

ये कार्रवाई "ऑपरेशन मुस्कान" का हिस्सा
पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के सतत निर्देश हैं कि कोई भी बच्चा गुम हो तो उसे हर हाल में ढूंढकर लाना है। जोन-2 के डीसीपी विवेक सिंह, एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी और एएसपी मनीष भारद्वाज की निगरानी में अयोध्यानगर पुलिस ने यह दोनों सफलताएं हासिल कीं।
इन जवानों ने की सराहनीय भूमिका
- थाना प्रभारी महेश लिल्हारे
- उनि. सुदील देशमुख
- उनि. विजय सिंह कर्चुली
- प्रआर. राजेन्द्र राजपूत
- प्रआर. अमित व्यास
- प्रआर. बृजेश सिंह
- प्रआर. रूपेश जादौन
पुलिस की अपील
अयोध्यानगर पुलिस ने अभिभावकों से कहा - "बच्चों पर नजर रखें। अगर कोई गुम हो जाए तो तुरंत थाने आएं। हमारा ऑपरेशन मुस्कान 24×7 आपके लिए है।" दो परिवारों की मुस्कान लौट आई और भोपाल पुलिस ने फिर साबित कर दिया - वर्दी में इंसानियत भी होती है।












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