Bhopal News: अमित शाह ने इंडिया गठबंधन की तुलना कौरवों से की, बोले- भाजपा देश भक्तों की टोली जैसी पार्टी
Amit Shah News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इंडिया गठबंधन की तुलना कौरवों से की है। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा देशभक्तों की टोली की तरह है, जबकि दूसरी ओर परिवारवादी पार्टियों का गठबंधन है। उन्होंने कहा कि देश को इन दोनों ताकतों के बीच पसंदगी करनी है।
शाह भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में वृहद प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि हमारे देश का लोकतंत्र चार नासूर जातिवाद, परिवारवाद, तुष्टिकरण, और भ्रष्टाचार के बीच फंसा है। पीएम मोदी ने 10 साल के अंदर ही इन चारों नासूरों को नष्ट कर पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस की स्थापना की।

इससे पहले अमित शाह ने भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कुशाभाऊ ठाकुर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा भी उपस्थित रहे।
भोपाल में अमित शाह ने कहा कि 2024 का वर्ष लोकतंत्र के पर्व का वर्ष है। विश्व की 40 फीसदी आबादी चुनाव में जा रही है। कई देशों में चुनाव हो चुके हैं। भारत भी इसी वर्ष में चुनाव के लिए तैयार है। मतदाता तय करेंगे कि अगले 5 साल शासन किस व्यक्ति, किस पार्टी और किस विचारधारा के हाथ में रहेगी। भाजपा ने चुनाव को सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं माना है। चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है। 10 साल की सरकार पर एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। सीमा पर किसी की हिम्मत नहीं है। अगर कोई जुर्रत करता है तो सर्जिकल स्ट्राइक और स्ट्राइक से हमारे सैनिक मुंहतोड़ जवाब देते हैं।

हमारे देश का लोकतंत्र ये चार नासूरों के बीच में बंटा: शाह
शाह ने कहा कि देश को सुरक्षित करने का काम और भ्रष्टाचार को समाप्त करने का काम मोदी जी ने किया है। 30 साल के बाद देश में नई शिक्षा नीति मोदी जी लाए हैं। जिसमें देश की मिट्टी, देश का ढंग और देश का रंग मिलेगा। मोदी जी ने देश को गुलामी की निशानियां से मुक्त करने का काम किया है। भारत दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
हम पूरी सूझबूझ के साथ जनादेश बनाएं। हम किसी नेता और किसी पार्टी के खोखले वादों पर न जाएं। हम पार्टी ऐसी चुनें जो वादे करें वह करके दिखाएं। पार्टी ऐसी चुनें जिसमें भविष्य का लक्ष्य तय करने का माद्दा हो। आजादी के बाद हुए चुनावों का विशलेषण करें तो ये जातिवाद, परिवारवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार से लिप्त रहे। कभी जातिवाद तो कभी परिवारवाद से जनमत को प्रभावित किया गया। कहीं तुष्टिकरण से जनमत को प्रभावित किया गया। तो कहीं भ्रष्टाचार के पैसों से जनमत को प्रभावित किया गया। हमारे देश का लोकतंत्र ये चार नासूरों के बीच में बंटा रहा है। जातिवाद, परिवारवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार।
घमंडिया गठबंधन में परिवारवाद
शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने 10 साल के अंदर ही इन चारों नासूरों को नष्ट कर पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस की स्थापना की। आज देश सच्चे लोकतंत्र की दिशा में जा रहा है। आज दो खेमे खड़े हैं, जैसे महाभारत के युद्ध में दो खेमे खड़े थे, एक ओर पांडवों का खेमा था और दूसरी ओर कौरवों का। एक और मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा देश भक्तों की टोली जैसी पार्टी खड़ी है। और दूसरी ओर सात परिवारवादी पार्टियों का गठबंधन खड़ा है। शाह बोले- कौन है इंडी गठबंधन? जो नहीं चाहते कि गरीब का चाय बेचने वाला बेटा प्रधानमंत्री बने। घमंडिया गठबंधन की सातों पार्टियों के नेताओं को अपने बेटे, बेटियों की चिंता है। किसी को भी देश की चिंता नहीं है। आने वाले समय में देश को पसंदगी करनी है। ये दो ताकतों के बीच करनी है। एक जो अपने परिवार के लिए जीते हैं। और जो देश के लिए जीते हैं और मरते हैं।












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