केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज ने शिमला मिर्च की खेती में की मलचिंग, VIDEO शेयर कर बोले- खेती का आनंद अद्भुत
MP News Shivraj singh chauhan: केंद्रीय कृषि मंत्रालय की कमान संभालने के बाद भी पूर्व मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री और "मामा" के नाम से मशहूर शिवराज सिंह चौहान का अपने खेतों और किसानों से गहरा लगाव बरकरार है। शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे अपने खेत में शिमला मिर्च की खेती के लिए मशीन से मलचिंग का काम करते नजर आए।
वीडियो के साथ उन्होंने एक भावुक संदेश लिखा, "बिना खेत में जाए किसानी नहीं हो सकती। खेती का आनंद अद्भुत है। जब मेहनत से बोया हुआ बीज पौधा बनकर फलता है, तो लगता है कि जीवन सार्थक हो गया है।"

इस वीडियो ने न केवल सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया, बल्कि यह शिवराज के किसान-प्रेम और जमीनी स्तर पर खेती से जुड़े उनके जुनून को भी उजागर करता है। आइए, इस खबर को रोचक और विस्तार से जानते हैं-क्या है शिवराज का खेती से नाता, कैसे वे केंद्रीय मंत्री बनने के बाद भी खेतों में उतर रहे हैं, और उनके इस कदम का क्या है सामाजिक और सियासी महत्व?
शिवराज का खेती से नाता: "मैं किसान का बेटा हूं"
शिवराज सिंह चौहान, जो मध्य प्रदेश में 17 साल तक मुख्यमंत्री रहे, हमेशा से अपनी जड़ों से जुड़े रहे हैं। विदिशा के एक किसान परिवार में जन्मे शिवराज अक्सर खुद को "किसान का बेटा" कहते हैं। उनके इस दावे को उनका खेतों में समय बिताना और खेती के प्रति उनका जुनून साबित करता है।
वीडियो में शिवराज मशीन के साथ खेत में मलचिंग करते दिख रहे हैं। मलचिंग एक आधुनिक कृषि तकनीक है, जिसमें मिट्टी को प्लास्टिक शीट या जैविक सामग्री से ढककर नमी बनाए रखने, खरपतवार को रोकने, और फसल की गुणवत्ता बढ़ाने का काम किया जाता है। शिवराज ने शिमला मिर्च की खेती के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर न केवल अपनी खेती के प्रति गंभीरता दिखाई, बल्कि अन्य किसानों को भी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का संदेश दिया।
वीडियो का संदेश: "खेती का आनंद अद्भुत है"
शिवराज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "बिना खेत में जाए किसानी नहीं हो सकती। आज मैंने अपने खेत पहुंचकर शिमला मिर्च के लिए मशीन से मल्चिंग का काम किया। खेती का आनंद अद्भुत है। जब मेहनत से बोया हुआ बीज पौधा बनकर फलता है, तो लगता है कि जीवन सार्थक हो गया है।" यह संदेश न केवल उनकी व्यक्तिगत भावनाओं को दर्शाता है, बल्कि खेती को एक सम्मानजनक और आनंददायक पेशे के रूप में पेश करता है।
आधुनिक खेती का प्रचार: मलचिंग और शिमला मिर्च
यह तकनीक निम्नलिखित लाभ देती है:
- नमी संरक्षण: मिट्टी में पानी की कमी को रोकता है, जिससे सिंचाई की जरूरत कम होती है।
- खरपतवार नियंत्रण: खरपतवार की वृद्धि को रोकता है, जिससे फसल को अधिक पोषण मिलता है।
- तापमान नियंत्रण: मिट्टी का तापमान स्थिर रखता है, जो फसल की वृद्धि के लिए लाभकारी है।
- उत्पादकता वृद्धि: फसल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार करता है।
शिमला मिर्च (कैप्सिकम) की खेती मध्य प्रदेश में तेजी से लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि यह नकदी फसल है और बाजार में इसकी मांग अच्छी है। शिवराज ने इस फसल को चुनकर और मलचिंग का उपयोग कर अन्य किसानों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया है। मध्य प्रदेश के कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "शिमला मिर्च की खेती में मलचिंग से 20-30% तक उत्पादन बढ़ सकता है। शिवराज जी का यह कदम छोटे किसानों के लिए प्रेरणा है।"
शिवराज का जमीनी जुड़ाव: किसानों के बीच लोकप्रियता
शिवराज सिंह चौहान का खेती से यह जुड़ाव उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण है। मध्य प्रदेश में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल (2005-2018 और 2020-2023) के दौरान उन्होंने किसान सम्मान निधि, सस्ती बिजली, सिंचाई योजनाएं, और कृषि ऋण माफी जैसी योजनाएं शुरू कीं, जिनसे लाखों किसानों को लाभ हुआ। उनकी लाडली बहना योजना ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी छवि को मजबूत किया।
सियासी मायने: 2028 चुनाव की तैयारी?
शिवराज के इस वीडियो और खेती प्रेम को सियासी चश्मे से भी देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश में 2028 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, और बीजेपी ग्रामीण मतदाताओं को अपने पक्ष में रखना चाहती है। शिवराज की यह सक्रियता उनकी "किसान हितैषी" छवि को और मजबूत करती है।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक अनिल शर्मा ने कहा, "शिवराज का खेतों में उतरना सिर्फ उनका शौक नहीं, बल्कि एक सियासी रणनीति भी है। वे ग्रामीण मतदाताओं, खासकर किसानों, से सीधा संवाद कर रहे हैं।" हालांकि, कांग्रेस ने इस पर तंज कसा। मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी ने X पर लिखा, "शिवराज जी खेतों में फोटो खिंचवाने से पहले MSP और कर्जमाफी पर बात करें। किसानों को सिर्फ वीडियो नहीं, हक चाहिए।"
भविष्य की दिशा: आधुनिक खेती का प्रचार
शिवराज सिंह चौहान का यह कदम न केवल व्यक्तिगत स्तर पर उनकी खेती के प्रति रुचि को दर्शाता है, बल्कि केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में उनकी नीतियों का भी संकेत देता है। उनके मंत्रालय ने हाल ही में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को और मजबूत करने, ड्रोन खेती को बढ़ावा देने, और आधुनिक तकनीकों को छोटे किसानों तक पहुंचाने की योजनाएं शुरू की हैं। मलचिंग जैसे कदम इन नीतियों का हिस्सा हैं।
कृषि विशेषज्ञ डॉ संजय शर्मा ने कहा, "शिवराज जी का मलचिंग का वीडियो छोटे किसानों को आधुनिक खेती की ओर ले जाएगा। सरकार को इसे ग्रामीण स्तर पर प्रचारित करना चाहिए।"
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