122 पेड़ों को कटने से बचाने के लिए कर डाले 22 हजार ई-मेल, ये हुआ असर
बेंगलुरु शहर के जयमहल इलाके में सड़क को चौड़ी करने के लिए 122 पेड़ों को काटने का फैसला महानगरपालिका ने लिया था।
बेंगलुरु। पेड़-पौधे हमारी पर्यावरण के लिए तो जरूरी हैं तो वहीं सालों किसी जगह पर पेड़ों के देखते रहने से उनके साथ हमारा एक रिश्ता भी बन जाता है। फिर कोई पुराना पेड़ अगर कट जाए तो इस पर काफी दुख होता है। कुछ ऐसा ही हुआ बेंग्लुरू के जयमहल इलाके में, यहां जब लोगों को कुछ पेड़ों के कटने के बारे में पता चला तो वो परेशान हो गए।


सड़क को चौड़ा करने के लिए काटने हैं पेड़
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, बेंगलुरु शहर के जयमहल इलाके में सड़क को चौड़ी करने के लिए 122 पेड़ों को काटने का फैसला महानगरपालिका ने लिया था. ये पेड़ सड़क से मिले हुए हैं, ऐसे में इन्हें काटे बिना सडक को कैसे चौड़ा किया जाए। इस एरिया में ट्रैफिक भी काफी रहता है।

कोर्ट का आदेश मिल गया लेकिन..
बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका को इसके लिए कोर्ट का आदेश आसानी से मिल गया। इसके बाद उन पेड़ों की निशानदेही की गई, जिन्हें काटा जाना था। पेड़ों के काटे जाने की खबर पर लोग सड़क पर उतर आए।

वन विभाग को 22 हजार मेल
बीबीएमपी के चीफ इंजीनियर बीएस प्रहलाद के मुताबिक, पेड़ों को काटने की निशानदेही के बाद 22 हजार से ज्यादा ईमेल बीबीएमपी के वन विभाग को मिले, जिनमें पेड़ों को ना काटे जाने की दरख्वास्त की गई और कहा गया कि इनको यहां से हटाकर आसपास में ही दोबारा लगाया जाए।

बीबीएमपी ने की लोगों की भावनाओं की कद्र
लोगों की मांग को देखते हुए बीबीएमपी ने तय किया कि भले ही उनके पास कोर्ट का ऑर्डर है लेकिन पेड़ों को काटा नहीं जाएगा और पेड़ों को पास के ही पैलेस ग्राउंड में यहां से उखाड़कर लगा दिया जाएगा।
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