पीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट सरकारी स्कूलों में नहीं, मिड-डे मील ने महिलाओं को रुलाया!
Amethi news, अमेठी। प्रधानमंत्री आवास योजना, सौभग्य योजना, स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिलने वाले घर और उज्ज्वला योजना, इन सभी योजनाओं का शुमार प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में है। दरअसल जिस उज्जवला योजना के जरिए केंद्र सरकार गरीब महिलाओं की आंखों से आंसू पोछने की बात कर रही, उन्हीं में से कुछ महिलाओं की तस्वीरें इससे इतर हैं। अमेठी के कुछ स्कूलों में काम करने वाली महिलाओं की आंखों में आज भी आंसू देखने को मिलते हैं।

दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी के अंदर ऐसे कई स्कूल आज भी हैं जहां प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील (एमडीएम) लकड़ी के जरिए चूल्हे पर तैयार कर रही हैं। यहां रियल्टी चेक में स्कूल के अंदर दो दर्जन के आसपास बच्चे एमडीएम करते मिले, इनका खाना तैयार के लिए चूल्हों और लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। जब इस पर एबीएसए हरिनाथ सिंह से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि लेटेस्ट में कम से कम 35 विद्यालयों में सिलेंडर की धनराशि दी गई है, सिलेंडर खरीदे गए हैं। प्रयास हो रहा है कि हर विद्यालय में सिलेंडर के जरिए खाना बने। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय में चोरी बहुत है वहां मजबूरन लकड़ी पर बनाना पड़ता है। हम सूचना जिला स्तर पर भेज देते हैं जब पैसा आएगा तो फिर सिलेंडर खरीद कर देंगे। तब खाना सिलेंडर पर बनाया जा सकेगा।

वहीं कांग्रेस को इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरने का मौका मिल गया है। कांग्रेस के प्रवक्ता अनिल सिंह ने कहा कि ये सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है। प्राइमरी स्कूलों में भोजन बनाने की बात करती है और शिक्षा एवं नौनिहालों के साथ खिलवाड़ कर रही है। शिक्षा का भगवाकरण-बाजारीकरण कर रही है। अब स्कूलों में चोरी की बात अधिकारी कर रहे, सोचिए इनके शासन में विद्यालय भी सुरक्षित नहीं।
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