UP Nikay Chunav 2023: बीजेपी के इस फैसले के बाद क्या कट जाएगा अभिलाषा नंदी का टिकट? या लगाएंगी फिर हैट्रिक
यूपी नगर निकाय चुनाव को लेकर BJP ने मौजूदा मंत्री, एमपी और एमएलए के परिवारवालों और रिश्तेदारों को टिकट नहीं देगी। जिसके बाद ऐसा प्रतीत होता है कि अभिलाषा गुप्ता का टिकट इस बार कट सकता है।

UP Nikay Chunav 2023: उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है और बीजेपी ने निकाय चुनाव को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बीजेपी के इस फैसले के मुताबिक, मौजूदा मंत्रियों, सांसद और विधायकों के परिजनों को निकाय चुनाव में टिकट नहीं दिया जाएगा। पार्टी के इस फैसले के बाद निकाय चुनाव में उम्मीद लगाए बैठे बहुत से नेताओं को निराशा हाथ लगेगी।
बीजेपी के इस फैसले के बाद यूपी सरकार के मंत्री नंद गोपाल नंदी की पत्नी और प्रयागराज की मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी का भी इस बार टिकट कट सकता है। बता दें, अभिलाषा गुप्ता नंदी प्रयागराज की दो बार महापौर रह चुकी है और तीसरी बार भी बीजेपी से टिकेट पाने के प्रयास में हैं। आजतक की खबर के मुताबिक, बीजेपी लखनऊ समेत कई जगहों पर मौजूदा 14 में से 11 मेयर का टिकट काटने की तैयारी में है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या अभिलाषा गुप्ता नंदी अपना टिकट बचा पाती है या फिर पार्टी के इस फैसले के बाद उनका टिकट भी कट जाएगा? वहीं, अगर अभिलाषा गुप्ता को बीजेपी से मिलता है और वो जीतती हैं तो प्रयागराज की लगातर तीसरी बार मेयर बनेंगी। आइए जानते हैं अभिलाषा गुप्ता नंदी के बारे में....
अभिलाषा मिश्रा उर्फ अभिलाषा गुप्ता नंदी, प्रयागराज के नैनी शंकरगढ़ की रहने वाली हैं और एक ब्राह्मण परिवार से तालल्लुक रखती है। अभिलाषा और नंद गोपाल नंदी के घर के बीच 500 मीटर का फासला था। अभिलाषा मिश्रा ग्रेजुएशन के बाद वह एमए कर चुकी थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात 10वीं पास नंद गोपाल नंदी से हुई।
इस बीच दोनों को एक-दूसरे प्यार हो गया और एक दूसरे के साथ जीने मरने की सकम खाकर शादी का मन बनाया। लेकिन, अभिलाषा के परिजन उनके इस रिश्ते के खिलाफ थे और शादी के लिए राजी नहीं हुए। घरवालों के भारी विरोध के बावजूद अभिलाषा ने नंद गोपाल नंदी से शादी की ठान ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नंद गोपाल नंदी ने अपने दोस्त का स्क्टूर मांगा और 1995 में अभिलाषा को उस पर बैठाकर भाग गए और शादी कर ली।
अभिलाषा के घर वालों को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। इसलिए उन्होंने उनसे संबंध खत्म कर लिए। वहीं, दूसरी तरफ नंद गोपाल नंदी की आर्थिक स्थिति भी कुछ खास अच्छी नहीं थी। दरअसल, नंद गोपाल नंदी छोटा-मोटा बिजनेस करते थे। शादी के बाद नंद गोपाल नंदी बाहर का काम देखते थे। तो वहीं अभिलाषा उनकी दुकान की देखरेख करत बिजनेस को देखा करते थी।
शादी के बाद आलम यह था कि दो वकत का खाना तक नसीब होना भी मुश्किल था। लेकिन, नंद गोपाल नंदी औऱ उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता की मेहनत रंग लाई और आज वो एक बिजनेसमैन के साथ-साथ राजनैता भी बन गए। नंद गोपाल नंदी ने साल 2007 में बीएसपी के टिकट पर शहर दक्षिणी से विधायक पद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
Recommended Video

इसके बाद नंद गोपाल नंदी मायावती सरकार में मंत्री बन गए। तो वहीं, नंद गोपाल नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता ने भी साल 2012 राजनीति में कदम रखा और प्रयागराज की मेयर बन गई। इसके बाद साल 2017 में अभिलाषा गुप्ता ने बीजेपी ज्वाइन कर ली। एक बार फिर से मेयर पद के लिए बीजेपी से उम्मीदवार बनाई गई। इस चुनाव में भी जीत दर्ज कर दोबारा प्रयागराज की मेयर बन गईं।












Click it and Unblock the Notifications