फ्लैट की चाबियां मिली तो रो पड़ी मुस्लिम महिला, CM योगी का धन्यवाद देते हुए कहा-'मेरी मां का सपना पूरा किया'

Flats to poor in prayagraj uttar pradesh: लूकरगंज की जिस जमीन पर कभी माफिया अतीक अहमद का कब्जा हुआ करता था, आज उस जमीन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत फ्लैट बनवाकर गरीब लाभार्थियों को उनकी चाबी सौंप दी।

बता दें कि अतीक अहमद ने प्रयागराज जिले के लूकरगंज इलाके में 1731 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जा किया हुआ था, जिसे योगी सरकार ने सितंबर 2020 में कब्जा मुक्त कराया था। इसी जमीन पर गरीबों के लिए 76 फ्लैट बनाए हैं और इन फ्लैटों आज एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने लाभार्थियों को सौंप दिया।

CM Yogi Adityanath Muslim woman

फ्लैट की चाबी पाकर इस दौरान कई लाभार्थियों की आंखों में आंसू तक आ गए। अधिकांश लोगों को ये विश्वास नहीं हो रहा था कि उन्हें उनके सपनों के घर का सपना योगी सरकार ने पूरा कर दिया। इस दौरान किराए के घर में रहने वाली एक मुस्लिम महिला ने अपने उस अनुभव को भी मीडिया के साथ शेयर किया, जो उसे अपना खुद का घर मिलने के बाद महसूस हुआ।

मेरी मां का सपना पूरा किया
फ्लैट की चाबी मिलने के बाद मुस्लिम महिला जाहिदा फातिमा भावुक हो गई। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, 'मुझे बहुत खुशी है। यह मेरा और मेरी मां का सपना था कि हमारा खुद का मकान हो। हम 30 साल से किराए के मकान में रह रहे हैं। हम योगी जी का जितना धन्यवाद करें उतना कम है।'

सीएम योगी का किया धन्यवाद
मुस्लिम महिला जाहिदा फातिमा ने सीएम योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि जो सपना मेरी मम्मी का भी था...मेरी मम्मी नहीं हैं, मेरे पापा के अलावा परिवार में दो बहन और एक भाई हैं। मेरी मम्मी का सपना था और ये मेरा खुद का भी सपना था कि हमारा खुद का मकान हो।

आज 30 साल से किराए के मकान में रह रहे हैं। दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। मैं योगी जी का जितना धन्यवाद करूं, उतना कम है। मैं दिल से उनका शुक्रिया अदा कर रही हूं। मैं बयां नहीं कर सकती हूं कि मुझे कितनी खुशी है। इतना कहने के बाद जाहिद फातिम भावुक हो गई।

भावुक हुई जाहिद फातिमा
मीडिया से बात करते हुए जाहिद फातिमा भावुक हो जाती है और कहती है कि सबस बड़ी बात मेरी मम्मी का सपना था, जो आज पूरा हुआ है। मैं बयां नहीं कर सकती आज मेरी खुशी क्या है। इस दौरान जाहिद ने कहा कि मुझे खुशी भी है, लेकिन आज मेरी मम्मी नहीं है इसका दुख भी है। क्योंकि, यह सपना मेरी मम्मी का था।

मैं बयां नहीं कर सकती हूं कि मुझे क्या चीज मिल गई है। जब डूबते इंसान को सहारा नहीं मिलता ना.. योगी जी ने डूबते को सहारा दे दिया है। उनका दिल से धन्यवाद...।

खुद के घर की नहीं की थी कल्पना
वहीं, एक अन्य महिला लाभार्थी ने कहा, 'हम कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि हमारा खुद का घर होगा। आज बहुत अच्छा लग रहा है। आप खुद जानते हैं कि आजकल कितनी महंगाई है। हमने तो कभी सोचा ही नहीं था कि जीते-जी हमारे पास अपना घर भी होगा। अब अपनी छत के नीचे हैं। अब कोई नहीं कहेगा कि हटो यहां से, यहां पानी की दिक्कत है।'

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