फिल्म ‘आर्टिकल 15’ के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल, रिलीज पर संकट

प्रयागराज। बॉलीवुड के अपकमिंग फिल्म 'आर्टिकल 15' को लेकर उपजा विवाद अब हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आर्टिकल 15 फिल्म को लेकर एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में इस फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया है। मामले में हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है और सरकार से भी उनका पक्ष जानना चाहा है। फिलहाल हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद अब इस फिल्म की रिलीज पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। 28 जून को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिये तैयार यह फिल्म अब अधर में लटक सकती है।

देश में है भारी विरोध

देश में है भारी विरोध

गौरतलब है कि इस फिल्म में दिखाए गए दृश्य, संवाद और पटकथा कहानी को लेकर पूरे देश भर में विरोध किया जा रहा है। लोग इस फिल्म को एक साजिश व जाति विशेष को बदनाम करने की कोशिश बताकर फिल्म की रिलीज रोकने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर राजधानी दिल्ली से लेकर तमाम शहरों में लगातार प्रदर्शन ज्ञापन का दौर चल रहा था और अब मामला न्यायपालिका के पाले में पहुंच गए हैं। फिलहाल इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगेगी या नहीं या हाईकोर्ट के निर्णय पर निर्भर करेगा।

क्या कहा गया हाईकोर्ट में

क्या कहा गया हाईकोर्ट में

इलाहाबाद हाईकोर्ट में फिल्म आर्टिकल 15 पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका में बताया गया है कि इस फिल्म में बदायूं रेप कांड को लेकर मनगढ़ंत कहानी गढी गयी है। असली मुद्दे को तोड मरोडरकर पेश किया जा रहा है। फिल्म में गैंगरेप के आरोपियों को ब्राह्मण बताया गया है। इसके जरिए सामाजिक विद्वेष फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म में मूल तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है और जाति विशेष को बदनाम करने का प्रयास किया गया है। इससे सामाजिक उन्माद होगा और समाज मैं गलत संदेश के साथ अशांति फैलेगी।

डबल बेंच में मामला

डबल बेंच में मामला

कानपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता पंकज कुमार दीक्षित ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस फिल्म की रोक के लिए याचिका दाखिल की है। याचिका हाईकोर्ट की डबल बेंच में है, जिस पर सुनवाई न्यायमूर्ति राम सूरत राम मौर्य और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने की है। अब इस याचिका पर अगली सुनवाई 5 जुलाई को होगी और संभावना है कि 28 जून को अब इस फिल्म का प्रसारण नहीं किया जाएगा। हालांकि इसे लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। लेकिन हाईकोर्ट में मामला होने व विचाराधीन प्रक्रिया के कारण इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लग सकती है।

ये बने पक्षकार

ये बने पक्षकार

हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में फिल्म से जुड़े सभी दिग्गज पक्षकार बनाए गए हैं जिसमें फिल्म के निर्देशक अनुभव सिन्हा, अभिनेता आयुष्मान खुराना, ईशा तलवार, सयानी गुप्ता, कुमुद मिश्र, मोहम्मद जीशान अयूब, अनुराग सोफिया और लेखक गौरव सोलंकी शामिल है। अब सभी पक्षकारों से हाईकोर्ट जवाब तलब करेगा और साथ ही सरकार से उनका पक्ष जानने के बाद इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देगा।

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