Atique Ahmed के घर से मिले रजिस्टर से डीकोड हुए कोड, पुलिस ने बताया कौन हैं 'मैडम' और 'बड़े मियां'
Atique Ahmed: प्रयागराज पुलिस को अतीक अहमद के घर से एक रजिस्टर मिला है, जिसमें कई कोड वर्ड लिखे हुए थे। पुलिस ने इस कोड वर्ड को डिकोड करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। अतीक के लिए बड़े मियां कोड का प्रयोग होता था

Atique Ahmed News: उमेश पाल शूटआउट केस की जांच कर रही पुलिस के हाथ माफिया अतीक अहमद के पुश्तैनी घर से एक रजिस्टर हाथ लगा है। इस रजिस्टर में मिली कोर्ड वर्ड्स कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दरअसल, इस रजिस्टर से पुलिस के सामने बड़े मियां, छोटे मिया और मैडम समेत कई नाम सामने आए हैं। पुलिस की मानें तो अतीक और शूटरों के बीच इन्हीं कोडवर्ड के जरिए बातचीत होती थी।
दरअसल, उमेश पाल हत्याकांड की रची गई साजिश में तय हो चुका था कि वारदात से पहले और बाद में कोई भी अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करेगा। हालांकि, बातचीत करने के लिए नए सिम कार्ड का उपयोग किया था। बातचीत के दौरान कोई भी व्यक्ति एक-दूसरे का नाम नहीं लेगा, कोडवर्ड के जरिए ही बातचीत की जाएगी। इसी आधार पर वारदात में शामिल सभी लोगों के नाम के अलग-अलग कोडवर्ड तैयार किए गए थे।
पुलिस के हाथ जो रजिस्टर लगा है उसमें वहीं कोड वर्ड लिखे हुए है। आजतक की खबर के मुताबिक, पुलिस ने यह रजिस्टर अतीक अहमद के पुश्तैनी घर से बरामद किया है। रजिस्टर में लिखे कोड वर्ड को डीकोड करने के लिए पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अतीक के मुंशी, ड्राइवर और नौकर से भी तमाम जानकारियां हासिल हुई हैं। खबर के मुताबिक, अतीक अहमद को 'बड़े मियां' नाम दिया गया था।
वहीं, बरेली जेल में बंद अतीक के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को 'छोटे मियां' कोड वर्ड दिया गया था। वहीं, शूटर गुलाम को 'उल्लू' तो गुड्डू मुस्लिम को 'मुर्गी' कोड वर्ड दिया गया था। शूटर अरमान बिहार के सासारामका रहने वाला है, इसलिए उसे 'बिहारी' कोड वर्ड दिया गया था। शूटर विजय चौधरी को नाम 'उस्मान' रखा गया था। वहीं, अतीक के बेटे असद को 'राधे' और पत्नी शाइस्ता परवीन को 'गॉड मदर' कोड वर्ड एलॉट किया गया था।
अतीक के घर से मिले रजिस्टर में उसके बहनोई डॉक्टर अखलाक के लिए भी कोड वर्ड का प्रयोग किया गया था। अखलाक को 'डॉक्टर' कोड वर्ड दिया गया था। वहीं, अखलाक की पत्नी और अतीक की बहन आयशा नूरी के लिए भी कोर्ड वर्ड का प्रयोग हुआ है। आयशा नूरी को 'मैडम' कोडनेम दिया गया था। बता दें कि पुलिस ने आयशा नूरी को उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों की फरार होने में मदद करने का दोषी पाया गया है औऱ उसे भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
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खबर के मुताबिक, अतीक के घर से मिले रजिस्टर के पुलिस ने ज्यादातर कोडनेम डीकोड कर लिए हैं। लेकिन, पंडित-तोता और बल्ली, माया, शेरू, रसिया ये कुछ कोडनेम अभी भी डीकोड होना बाकी हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि अतीक के साथ ही उसके परिवार के लोगों और गिरोह के सदस्यों ने उमेश पाल की हत्या की साजिश काफी समय पहले ही रच ली थी। इस साजिश में तय हो चुका था कि वारदात से पहले और बाद में कोई भी अपने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेगा।












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